अब अवाप्त भूमि के बदले दिए जाएंगे 25 प्रतिशत विकसित भूखंड

-पत्रिका ने उठाई थी सेक्टर नंबर 13 के खातेदारों की आवाज

By: Meghshyam Parashar

Published: 10 Sep 2021, 08:42 PM IST

भरतपुर. नगर विकास न्यास की ओर से आवासीय योजना संख्या 13 में अवाप्त की गई भूमि के ऐसे हितधारक जिन्होंनेे 25 प्रतिशत विकसित भूमि क्े लिए विकल्प पत्र नहीं भरे हैं उनसे विकल्प पत्र आमंत्रित किए गए हैं। उल्लेखनीय है कि राजस्थान पत्रिका ने 13 जुलाई के अंक में सेक्टर नंबर 13: खातेदारों से 12 साल पहले खेती का हक छीना, मुआवजे का अब तक इंतजार शीर्षक से समाचार प्रकाशित कर यूआईटी की बड़ी लापरवाही को उजागर किया था। इसके बाद अब तक यह अभियान के रूप में मामला उठाया जाता रहा है।
नगर विकास न्यास के सचिव केके गोयल ने बताया कि भरतपुर शहर की सबसे बड़ी आवासीय योजना संख्या 13 में अवाप्त की गई भूमि के बदले में हितधारकों को राज्य सरकार के निर्देशानुसार 25 प्रतिशत विकसित भूमि लेने का प्रावधान किया गया है। इसके तहत पूर्व में विकल्प पत्र प्रस्तुत करने वाले हितधारक संबंधित पत्रावली में यदि कोई अन्य दस्तावेज प्रस्तुत करना चाहते हों एवं ऐसे हितधारक जिन्होंने पूर्व में अवाप्त भूमि के बदले 25 प्रतिशत विकसित भूमि लेने के लिए निर्धारित प्रपत्र में आवेदन नहीं किया है वे न्यास कार्यालय में सेवर कलां एवं मडौली क्षेत्र के हितधारक 15 सितम्बर, नगला तेरहियां, चक नम्बर-एक 16 सितम्बर, झीलरा 17 सितम्बर, श्रीनगर 18 सितम्बर एवं अनाह तथा रामपुरा क्षेत्र के हितधारक 20 सितम्बर को विकल्प पत्र प्रस्तुत कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि हितधारकों को अवाप्त भूमि के बदले 25 प्रतिशत विकसित भूमि में 20 प्रतिशत आवासीय भूमि एवं 5 प्रतिशत व्यवसायिक भूमि दी जाएगी।

कब क्या प्रक्रिया हुई

2010 में किसानों के खेती करने पर रोक लगा दी। कुछ किसानों ने फसल की थी तो प्रशासन ने ट्रेक्टर चलवा कर फसल को नष्ट कर दिया। इसके बाद किसान यूआईटी के चक्कर लगाते रहे। न तो किसानों को 25 प्रतिशत जमीन मिली न कोई मुआवजा। दर्जनभर गांव के किसान मुआवजे के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं। इसमें बरसो का नगला, सोनपुरा, विजय नगर, तेरही नगला, जाट मड़ौली, श्रीनगर, मलाह, अनाह आदि के किसान शामिल हैं। किसानों का कहना है कि हमारी जमीन होते हुए भी हम दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं। हम दिहाड़ी मजदूर बन गए हैं हम पर खाने तक को नहीं हैद्ध बाजार से किलो के हिसाब से गेहूं खरीदना पड़ रहा है। बच्चों को पढ़ा भी नहीं सकते।

शहर के बाहर दो लाख की आबादी बसाने का है प्लान

नगर विकास न्यास की ओर से जयपुर-आगरा राजमार्ग पर बहुप्रतिक्षित आवासीय योजना सेक्टर-13 को भरतपुर का उप नगर माना जाता है। इसमें दो लाख की आबादी को बसाने का प्लान किया गया है। यहां मिनी सचिवालय, कॉलेज, अस्पताल, स्पोटर्स काम्पलेक्स, मार्केट, सामुदायिक भवन, दो स्कूल, आठ पार्क सहित तमाम सुविधाओं का प्रावधान किया गया है।

फैक्ट फाइल

-346.86 हेक्टेयर में है सेक्टर -13 योजना
-2980 किसानों की जमीन हुई थी अवाप्त
-8892 आवेदन लॉटरी के लिए हुए
-5023 लोगों ने आवेदन वापस लिए
-1110 किसानों को नहीं मिले आरक्षण पत्र

Meghshyam Parashar Bureau Incharge
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