25 रुपए किलो में महिलाएं बेचती थी दूध, 5वीं पास सोना ने डेयरी कलेक्शन सेंटर खोल दिलाया मुनाफा

-दूध का उचित मूल्य दिलाने के लिए महिला सोना ने बनाई योजना, खुद की आय का भी बनाया जरिया

By: Meghshyam Parashar

Published: 17 Nov 2020, 03:19 PM IST

भरतपुर. जिले के नगर पंचायत समिति क्षेत्र के पालका गांव की रहने वाली सोना देवी ने देखा कि गांव की अधिकांश महिलाएं दूध को औने-पौने दामों में बेच रही हैं। इसे देखकर सोना देवी ने एक संस्था के सहायोग से सखी महिला डेयरी कलेक्शन सेन्टर खोल लिया। इससे अब गांव की महिलाओं को प्रति लीटर दूध के दाम औसतन 60 से 65 रुपए आसानी से मिल रहे हैं और डेयरी संचालिका को प्रतिमाह 10 से 15 हजार रुपए कमीशन के रूप में मिल रहे हैं।
सोना देवी अधिक पढ़ी लिखी नहीं केवल 5वीं कक्षा पास होने के कारण हिसाब किताब अवश्य रख लेती है। करीब तीन साल पहले वह अन्य घरेलू महिलाओं के तरह घर का काम काज करती आ रही थी। उसने देखा कि गांव की अधिकांश महिलाएं दूध को 25 से 30 रुपए लीटर में बेच रही हैं इससे उसे बहुत दु:ख होता। उसने अपनी व्यथा एक संस्था के ब्लॉक कॉर्डिनेटर को बताई तो उन्होंने गांव में सखी महिला डेयरी का कलेक्शन खोलने की सलाह दी और आसान किस्तों पर 25 हजार रुपए का ऋण भी प्रदान किया। इस ऋण राशि से उसने दूध संग्रहण केन्द्र के लिए आवश्यक उपकरण खरीदे तथा सखी डेयरी कंपनी से दूध संग्रहण केन्द्र खोलने का लिखित करार भी कर लिया। जब उसके संग्रहण केन्द्र पर गांव पालका के पशु पालक दूध देने आने लगे तो उन्हें करीब दो गुना से अधिक दाम मिलने लगे। उसके संग्रहण केन्द्र पर पालका के अलावा बलदेववास, ब्यारी गांवों के लोग भी दूध देने आने लगे। इससे उसके केन्द्र पर प्रतिदिन करीब 200 लीटर दूध संग्रहित होने लगा। संग्रहित दूध का वह फैट लेकर दाम तय करने लगी। इससे पशु पालक महिलाओं को फैट के आधार पर 60 से 70 रुपए तक दाम मिलने लगे। भुगतान राशि भी सीधे ही उनके बैंक खातों में पहुंचने लगी।

एक महिला ने बदली गांव की तस्वीर

दूध संग्रहण केन्द्र पर दूध देने का पशु पालकों को एक और फायदा मिला कि उन्हें बोनस के साथ-साथ पशुओं के उपचार की सुविधा भी प्राप्त होने लगी। सखी डेयरी कलेक्शन सेन्टर का दूध गांव से कम्पनी के वाहन से अलवर जाता है और वहां से मदर डेयरी नई दिल्ली के लिए उपलब्ध करा दिया जाता है। सोना देवी का पति टैंट का काम करता है। जब बरसात के दिनों में दूध उत्पादन अधिक होता है तो वह भी अपनी पत्नी के साथ डेयरी सेन्टर में कार्य करता है। सोना देवी अब दूध संग्रहण केन्द्र के साथ साथ कम्पनी के उत्पादों के विक्रय का कार्य भी करना चाहित है। इसके लिए आवश्यक पूंजी का इंतजाम कर रही है। आज सोना देवी को इस बात की खुशी है कि गांव की पशु पालक महिलाओं को दूध के उचित दाम मिल रहे हैं।

Meghshyam Parashar Bureau Incharge
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