टायर फटने से पलटी गाड़ी, 7 लोगों की मौत, बयाना के पास हुआ दर्दनाक हादसा

santosh trivedi

Publish: Jan, 14 2018 12:23:56 PM (IST) | Updated: Jan, 14 2018 12:50:04 PM (IST)

Bharatpur, Rajasthan, India
टायर फटने से पलटी गाड़ी,  7 लोगों की मौत, बयाना के पास हुआ दर्दनाक हादसा

भरतपुर जिले के बयाना थाना क्षेत्र में सालाबाद रेल फाटक के पास जायलो गाड़ी टायर फटने से पलट गर्इ। हादसे में 7 लोगों की मौत गर्इ

भरतपुर। जिले के बयाना थाना क्षेत्र में सालाबाद रेल फाटक के पास जायलो गाड़ी टायर फटने से पलट गर्इ। हादसे में 7 लोगों की मौत गर्इ आैर 3 लाेग घायल हाे गए। घायलों का बयाना अस्पताल में इलाज चल रहा है । बताया जा रहा है कि गाड़ी सवार लाेग हिंडौन से बयाना की तरफ आ रहे थे । बयाना थाना क्षेत्र में सालाबाद रेलवे फाटक के पास गाड़ी का टायर फट गया जिससे वह पलट गई ।

 

इससे पहले तीन जनवरी काे सीकर में हुए हादसे ने हर किसी काे हिला दिया। दर्दनाक हादसे में 11 यात्रियों की मौत हो गई थी। 23 दिसंबर काे सवार्इमाधाेपुर जिले में बस के पुल से नीचे गिरने से 34 लाेग माैत के मुंह में समा गए थे। राजस्थान सडक़ हादसों के मामलों में तो देश में सातवें नंबर पर है, लेकिन इन हादसों में मरने वाले लोगों की संख्या में प्रदेश का नंबर पांचवा हैं। घायलों की संख्या भी हर साल बढ़ रही है।

 

प्रदेश में औसतन हर दिन 28 लोग अपने घरों से तो निकलते हैं लेकिन वे हादसों का शिकार हो जाने के कारण घर नहीं पहुंच पाते। 2017 में जनवरी से लेकर अक्टूबर के महीने तक सडक़ हादसों में 8636 लोगों की मौत हो चुकी है। ये मौतें 18400 से भी ज्यादा सडक़ हादसों में हुई हैं। इन हादसों में मौतों के अलावा 18415 घायल भी हुए। इनमें आधे लोग ऐसे हैं जो जीवन भर के लिए अपने अंग खो चुके हैं। इतनी मौतों के बाद भी राजस्थान सरकार हादसों को रोकने में नाकाम है। प्रदेश में ओवरस्पीड के कारण सबसे ज्यादा हादसे होना सामने आया है।

 

ओवरस्पीड के बाद प्रदेश की खराब सडक़ें हादसों के लिए सबसे ज्यादा जिम्मेदार हैं। पुलिस अफसरों की मानें तो करीब चालीस प्रतिशत हादसों के लिए ओवरस्पीड जिम्मेदार है। उसके बाद खराब सडक़ों को जिम्मेदार ठहराया जाता रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि हर साल दुनिया में ट्रैफिक हादसों में 12.5 लाख लाेगाें की माैत हाे जाती है आैर दो करोड़ से पांच करोड़ लाेग घायल हाे जाते हैं।

 

15 से 29 साल तक के लोगों की मौत का एक बड़ा कारण सड़क हादसे ही हैं। ट्रैफिक हादसों के दौरान होने वाली 90 फीसदी मौतें गरीब देशों में होती हैं जबकि इन देशों में दुनिया के लगभग 50 फीसदी वाहन ही हैं। अगर ट्रैफिक हादसों की रोकथाम के लिए प्रयास तेज नहीं किए गए तो सड़क हादसों में और वृद्धि होने का अनुमान है आैर 2030 तक यह दुनिया में मौत का सातवां सबसे बड़ा कारण बन सकता है।

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