केंद्र सरकार ने चालाकी से काम किया और बिल जबरन थोप दिया

-किसान संवाद कार्यक्रम में बोले राज्यमंत्री डॉ. सुभाष गर्ग

By: Meghshyam Parashar

Updated: 10 Jan 2021, 06:57 PM IST

भरतपुर. कांगे्रस एवं राष्ट्रीय लोकदल के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को भरतपुर विधानसभा क्षेत्र के चार गांवों में किसान संवाद कार्यक्रम हुए। इनमें तकनीकी एवं संस्कृत शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. सुभाष गर्ग ने केन्द्र सरकार की ओर से बनाए गए तीन काले कानूनों की विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि पूंजीपतियों के लाभ के लिए बनाए गए इन कानूनों से किसानों को भारी नुकसान होगा। इसके लिए ग्रामीणों को चाहिए कि वे प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर इन कानूनों को वापस लेने का आग्रह करें।
डॉ. गर्ग ने मडरपुर ग्राम पंचायत के बराखुर, ग्राम मुख्यालय गांवड़ी, फुलवाड़ा एवं पीपला गांवों में आयोजित किसान संवाद कार्यक्रमों में ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि बिना संसद में कानून पारित किए अध्यादेश के माध्यम से किसानों को नुकसान पहुंचाने वाले तीन काले कानून बना दिए। इन कानूनों को बनाने में भी केन्द्र सरकार ने बड़ी चालाकी का कार्य किया। इसमें कृषि कानूनों को कृषि संवर्ग में नहीं बनाकर व्यापार एवं वाणिज्य सूची में बनाया है क्योंकि कृषि राज्यों का विषय है। उन्होंने बताया कि इन तीनों काले कानूनों में समर्थन मूल्य जारी रखने की कोई गारन्टी नहीं है और स्टॉक सीमा भी समाप्त कर दी है। इससे जमाखोरी बढेगी और जिसका नुकसान किसानों के साथ-साथ आम लोगों को होगा। उन्होंने बताया कि केन्द्र सरकार ने उद्योगपतियों के सात लाख करोड़ रुपए के कर्जे माफ कर दिए लेकिन वाणिज्यिक बैंकों की ओर से किसानों को दिए गए कर्जों को माफ नहीं किया है इस संबंध में राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कई बार प्रधानमंत्री को पत्र भी लिखे हैं। राज्य मंत्री ने बताया कि किसानों के लिए बनाए गए काले कानूनों में कॉन्ट्रेक्ट फार्मिंग की जो सुविधा प्रदान की है उसका सारा लाभ पूंजीपतियों को मिलेगा और किसान मजदूर बनकर रह जाएंगे।

सभी गांवों में उपलब्ध कराया जाएगा चंबल का मीठा पानी

तकनीकी एवं संस्कृत शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. सुभाष गर्ग ने बताया कि भरतपुर के विकास के लिए वे निरन्तर प्रयास कर रहे हैं जिनके सकारात्मक परिणाम भी मिलने लगे हैं। विशेषरूप से वे सड़क , बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य एवं शिक्षा पर विशेष ध्यान केन्द्रित किए हुए हैं। उन्होंने बताया कि भरतपुर विधानसभा क्षेत्र के सभी गांवों में चम्बल का मीठा पेयजल पहुंचाने के लिए वे विभाग के अधिकारियों के साथ निरन्तर बैठक कर योजना को गति प्रदान करने का प्रयास कर रहे हैं। अधिकारियों ने विश्वास दिलाया है कि आगामी फरवरी माह तक विधानसभा क्षेत्र के सभी गांवों में चम्बल पेयजल उपलब्ध करा दिया जाएगा। इसके अलावा जल जीवन मिशन के तहत भी प्रत्येक घरों में नलों से पेयजल उपलब्ध कराने के लिए योजना पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जिन क्षेत्रों में चम्बल का पानी मुहैया नहीं कराया जा सकेगा वहां सोलर पम्प अथवा हैण्डपम्प से पानी मुहैया कराया जाएगा। डॉ. गर्ग ने सिंचाई सुविधाओं के विस्तार की चर्चा करते हुए बताया कि जब तक केन्द्र सरकार ईस्टर्न कैनाल परियोजना को स्वीकृत नहीं करती है तब तक पूर्वी राजस्थान के 13 जिलों को लाभ नहीं मिलने वाला है क्योंकि भूगर्भीय जल का स्तर निरन्तर गिरता जा रहा है इस परियोजना के बारे में राज्य सरकार ने कई बार स्वीकृति के लिए पत्र भी लिखे हैं किन्तु अभी तक इसे स्वीकृत नहीं किया गया है। द्वितीय चरण भरतपुर जिले को शामिल किया गया है जिसके तहत विद्युत तंत्र में सुधार के बाद आगामी वर्ष में जिले के किसानों को दिन में बिजली मिलना प्रारम्भ हो जाएगा।

चिकित्सा सेवाओं का मिलेगा सभी गांवों को लाभ

तकनीकी एवं संस्कृत शिक्षा राज्य मंत्री ने स्वास्थ्य सेवाओं में किए गए सुधारों की जानकारी देते हुये बताया कि चिकसाना में स्वास्थ्य केन्द्र क्रमोन्नत कर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बनवाने के अलावा अन्य कई गांवों में नए प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र भी खोले हैं तथा आरबीएम चिकित्सालय को संभाग स्तरीय चिकित्सालय बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं और आगामी बजट में इस चिकित्सालय में कार्डियोलॉजी, नैफ्रोलॉजी, न्यूरोलॉजी के विभाग खोलने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं ताकि क्षेत्र के रोगियों को उच्च चिकित्सा सेवा के लिए जयपुर नहीं जाना पड़े। इसके साथ ही विधानसभा क्षेत्र की रामपुरा एवं बरसो गांव में आगामी शिक्षा सत्र से सीनियर सैकण्डरी की कक्षाएं प्रारम्भ कराई जाएंगी जबकि अन्य विद्यालयों में आवश्यकतानुसार नए विषय खोले जाएंगे। राज्य मंत्री ने मालीपुरा गांव में जनसुनवाई की।

Meghshyam Parashar Bureau Incharge
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