अपनाघर: यहां...विसर्जन के इंतजार में रखी 90 प्रभुजनों की अस्थियां

-लॉक डाउन से अस्थियां नहीं जा पा रही ऋषिकेश

By: Meghshyam Parashar

Published: 10 May 2020, 04:27 PM IST

भरतपुर. लॉक डाउन से इन दिनों आमजनजीवन पूरी तरह ठप पड़ा है। लोग ज्यादातर समय घरों बिता रहे हैं। महामारी के दौर में मृतकों की अस्थियोंं का भी विसर्जन नहीं हो पा रहा है। यहां अछनेरा रोड स्थित अपना घर संस्थान में प्राण त्याग चुके करीब 90 लोगों की अस्थियों को लॉक डाउन खुलने का इंतजार है। वाहनों की आवाजाही पर रोक लगी होने से अस्थियां यहां संस्थान में ही रखी हुई हैं। दुनिया को अलविदा कह चुके लोगों की आत्माओं को भी अब मोक्ष का इंतजार है। लेकिन इस मुक्ति की राह में कोरोना वायरस के चलते लगी पाबंदियों उनकी रास्ते में रोडा बनी हुई हैं। इस वजह से संस्थान में यह अस्थियां करीब डेढ़ माह से लॉक डाउन खुलने का इंतजार कर रही हैं। लॉक डाउन खुलने पर संस्थान के लोग इन अस्थियों को विसर्जन के लिए ऋषिकेश लेकर जाएंगे।
गौरतलब है कि अपना घर आश्रम में करीब 31 सौ लोग आवासरत हैं। यहां पर सैकड़ों असहाय, निराश्रित व बेसहारा लोग रहते हैं और उनका इलाज होता है।लॉकडाउन खुलने के इंतजार करती अस्थियांलॉकडाउन की वजह से सामान्य तौर परिवार में देहावसान के बाद उनकी अस्थियों का गंगाजी में विसर्जन नहीं हो पा रहा है। प्रशासन की ओर से अस्थी विसर्जन के लिए वाहन ले जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। इस वजह से अपना घर आश्रम में प्राण त्यागने वाले करीब 90 लोगों की आत्माएं भी अब मुक्ति पाने के लिए लॉक डाउन खुलने का इंतजार कर रही है।हर अस्थी पर लिखा है प्रभुजन का नामअपना घर आश्रम में हर जाति और धर्म के प्रभुजन निवास करते हैं। प्राण त्यागने पर उनके धर्म के अनुरूप ही उनका अंतिम संस्कार भी किया जाता है।

ऐसे रखी जाती अस्थियां
अंतिम संस्कार के बाद हिंदू धर्म के प्रभुजनों की अस्थियों को अलग-अलग रखा जाता है। सभी अस्थियां आपस में मिल ना जाए इसके लिए अस्थियां के ऊपर प्रभुजन के नाम की पर्ची लगाई जाती है। उसके बाद ऋषिकेश ले जाकर अस्थियों का विसर्जन किया जाता है। कोरोना महामारी के चलते इस समय लॉकडाउन चल रहा है। आश्रम में प्राण त्यागने वाले प्रभु जनों की अस्थियों का विसर्जन भी नहीं हो पा रहा है। फिलहाल लॉक डाउन खुलने का इतंजार है। करीब 90 लोगों की अस्थियां विजर्सन के इंतजार में रखी हैं।

Meghshyam Parashar Bureau Incharge
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