सहायक रेडियोग्राफर भर्ती: गैरों पे करम, अपनों पर सितम

- बाहरी राज्यों से डिप्लोमा या डिग्री लाने वाले अभ्यर्थियों का दबदबा

By: Meghshyam Parashar

Published: 09 Jun 2021, 02:22 PM IST

भरतपुर . राज्य सरकार की ओर से सहायक रेडियोग्राफर की भर्ती के लिए विज्ञप्ति जारी की गई है। इसमें कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से हाल ही में सहायक रेडियोग्राफर पद के लिए 750 व्यक्तियों की श्रेणी बार अंतिम चयन सूची जारी की गई। अभ्यर्थियों का आरोप है कि विज्ञप्ति में 30 जुलाई तक राजस्थान पैरामेडिकल काउंसिल में अभ्यर्थियों का रजिस्ट्रेशन होना आवश्यक था, लेकिन कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से 30 जुलाई के बाद में जारी होने वाले रजिस्ट्रेशन वाले अभ्यर्थियों को भी इस भर्ती में शामिल कर दिया है। इससे अधिकांश राजस्थान के अभ्यर्थी चयन सूची से बाहर हो गए हैं।
सोसायटी ऑफ राजस्थान रेडियोग्राफर भरतपुर के जिलाध्यक्ष सोनवीर कुंतल ने बताया कि कोरोना महामारी को देखते हुए सरकार ने यह भर्ती निकाली थी, जिसे 15 दिवस में पूरी करना था, लेकिन भर्ती प्रक्रिया अभी भी अपूर्ण है। बोर्ड की ओर से जारी अंतिम चयन सूची में अधिकांश ऐसे बाहरी राज्यों के अभ्यर्थी हैं, जिनका रजिस्ट्रेशन 30 जुलाई के बाद का है। इस वजह से राजस्थान के प्रशिक्षित अभ्यर्थी सहायक रेडियोग्राफर की अंतिम वरीयता सूची से बाहर हो गए हैं। इसके लिए अधीनस्थ बोर्ड की ओर से त्रिस्तरीय कमेटी भी गठित की गई थी, जिसने सिर्फ 8 लोगों के अनुभव प्रमाण पत्र के फर्जी पाए जाने पर उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया, लेकिन अभी अधिकांश अभ्यर्थी ऐसे हैं, जो कहीं न कहीं अन्य राज्यों से गैरकानूनी तरीके से डिप्लोमा लेकर आरपीएमसी में रजिस्ट्रेशन करा लिया है, जो कहीं ना कहीं संदेहास्पद है। इसके चलते भर्ती में अन्य राज्यों का अधिक बोलबाला हो गया है। इससे राजस्थान पैरामेडिकल काउंसिल/आरयूएचएस से डिप्लोमा या डिग्री करने वाले योग्यता एवं कुशल प्रशिक्षित अभ्यर्थी इस भर्ती से बाहर हो रहे हैं। अभ्यर्थियों ने सवाल उठाया है कि जिन अभ्यर्थियों ने डिप्लोमा डिग्री गैर कानूनी तरीके से हासिल किया है। ऐसे अभ्यर्थी आमजन की चिकित्सालय में जांच कैसे कर पाएंगे। इससे न केवल मरीजों को हानि होगी बल्कि राज्य सरकार की गुणवत्ता भी खराब होगी। अभ्यर्थियों ने ऐसे अभ्यर्थियों की उच्च स्तरीय जांच एसओजी या अन्य स्वतंत्र जांच एजेंसी से कराने की मांग की है, जिससे जिन व्यक्तियों ने गैर कानूनी तरीके से डिप्लोमा हासिल करके राजस्थान पैरामेडिकल काउंसिल में रजिस्ट्रेशन करा लिया है और उनका इस अंतिम वरीयता सूची में चयन हो गया है, उनको इस चयन सूची से बाहर किया जा सके। जिला प्रवक्ता जसवंत कुमार ने कहा कि राजस्थान पैरामेडिकल काउंसिल ने जो कमेटी गठित की है, वह इन बाहरी राज्यों से डिप्लोमा डिग्री लेकर आए हुए अभ्यर्थियों की बारीकी से जांच करे और जो गैरकानूनी तरीके से डिप्लोमा हासिल करके लाए हैं, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।

Meghshyam Parashar Bureau Incharge
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