scriptBharatpur could have become Sirmaur | ट्यूरिज्म इंडस्ट्री फूंकेगी जान, पर्यटन जिला बनने से लगते कामयाबी के पंख | Patrika News

ट्यूरिज्म इंडस्ट्री फूंकेगी जान, पर्यटन जिला बनने से लगते कामयाबी के पंख

- अपार संभावनाओं को समेटे भरतपुर की अब भी आस अधूरी

भरतपुर

Published: February 24, 2022 11:52:06 am

भरतपुर. चुनावी चौसर बिछने से ठीक एक साल पहले आए बजट ने भले ही भरतपुर को बहुतेरी खुशियों की सौगात दी हों, लेकिन पर्यटन नगरी के रूप में पहचान बना रहे लोहागढ़ को पर्यटन जिला बनाने की आशा अधूरी रही है। पांच मंत्रियों के जिले के लिहाज से देखें तो भरतपुर की झोली अभी पूरी तरह नहीं भर सकी है।
सरकार ने इस बार का बजट खास तौर से स्वास्थ्य पर फोकस किया है, जो जन को राहत देने वाला है। पर्यटन में कैबीनेट मंत्री विश्वेन्द्र सिंह के होने से ट्यूरिज्म को इंडस्ट्री का दर्जा दिया है। यह दर्जा मृत प्राय: होटल व्यवसाय में जान फूंकने का काम करेगा। इससे इस व्यवसाय को लोन, बेहतर बिजली टेरिफ एवं कनवर्जन जैसी तमाम सुविधाएं इसे मिल सकेंगी, लेकिन यदि जिले को पर्यटन जिला घोषित किया जाता तो यहां विकास की अपार संभावनाएं जन्म ले सकती थीं। वजह, राष्ट्रीय धरोहर केवलादेव नेशनल पार्क के साथ बयाना के रियासतकालीन किले, डीग के जलमहल, अजेय किला सहित तमाम खूबसूरती यहां सैलानियों को खींचती हैं। ऐसे में जिले को यदि पर्यटन जिला घोषित किया जाता तो जिले की कामयाबी की नई इबारत लिखी जा सकती है।
ट्यूरिज्म इंडस्ट्री फूंकेगी जान, पर्यटन जिला बनने से लगते कामयाबी के पंख
ट्यूरिज्म इंडस्ट्री फूंकेगी जान, पर्यटन जिला बनने से लगते कामयाबी के पंख
संभावनाओं को मिलता जन्म: सरकार ने जयपुर को एजुकेशन हब बनाने की बात कही है। नि:संदेह इससे सभी को लाभ मिलेगा, लेकिन तीन राज्यों से घिरे भरतपुर का इसके लिए चुनाव किया जाता तो राजस्थान के साथ अन्य राज्यों के विद्यार्थियों को भी इसका लाभ मिलता। पशुपालन व्यवसाय में भरतपुर अव्वल है। यहां वेटनरी कॉलेज मिलता तो यहां के बच्चों को इसका बहुत बड़ा फायदा मिलता। आयुर्वेद में नर्सिंग कॉलेज का निश्चित रूप से भरतपुर को बड़ा फायदा मिलेगा।
सुजान बने शान तो ही हम स्मार्ट: संभाग मुख्यालय के लिहाज से भरतपुर को स्मार्ट सिटी का दर्जा मिला है। यह जिले के लिए बड़ी सौगात है, लेकिन हम बीकानेर और जयपुर को देखें तो वहां धरातल पर स्थिति को सुधारकर ऐसा किया गया, लेकिन जब तक सुजानगंगा की स्थिति में सुधार नहीं होगा तब तक स्मार्ट बनना ख्वाब सरीखा ही है।
अन्नदाता के अरमान अब भी अधूरे: खेती-किसानी में भरतपुर अग्रणी जिलों में शुमार है। अन्न उगाने की बात हो या सरसों की पैदावार की। भरतपुर हमेशा सिरमौर रहा है, लेकिन इस बजट में कृषि के लिहाज से भरतपुर को खास नहीं मिल सका है। यह जिला पशुपालन व्यवसाय के साथ कृषि पर आधारित है। मुख्य रूप से यहां एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी की दरकार है। साथ ही मछली पालन का भी जिला बड़ा केन्द्र है। ऐसे में यहां फिशरीज सेंटर खोलकर इसको ऊंचाईयां दी जा सकती हैं। कामां में मुर्गी फॉर्म की बहुतायत है। ऐसे में यहां बड़े सेंटर की जरुरत है। होर्टीकल्चर की यहां अपार संभावनाए हैं। इससे जिले के विकास को पंख लगते। इससे मधुमक्खी पालन को भी बढ़ावा मिलता। विदेशों तक धूम मचाने वाले शहद कारोबार को यहां पंख लगते।
इन कमियों-खूबियों पर हो फोकस

- घना की वजह से अन्य इंडस्ट्री में बाधा हो तो यहां नॉलेज आधारित एवं इलेक्ट्रोनिक इंडस्ट्री यहां वरदान बन सकती हैं।

- फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री में चार-पांच जिलों को लिया है, जबकि भरतपुर अलग से इस इंडस्ट्री का हकदार है।
- पड़ोसी जिले अलवर का भिवाड़ी विकसित हो सकता है तो यहां जुरहरा एवं सीकरी में भी ऐसी बहुतेरी संभावनाएं करवट ले रही हैं। सड़क, पानी, बिजली की व्यवस्था कर यहां नए आयाम स्थापित किए जा सकते हैं।
- पुलिस ट्रेनिंग सेंटर यदि बांसी की जगह कुम्हेर में खोल जाए तो यहां क्षमता एक हजार जवानों की हो सकती है, जबकि बांसी में महज 300 ही है। बांसी से आरएसी को शिफ्ट किया जा सकता है।
- सीताराम गुप्ता, संयोजक समृद्ध भारत अभियान

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

Trending Stories

नाम ज्योतिष: ससुराल वालों के लिए बेहद लकी साबित होती हैं इन अक्षर के नाम वाली लड़कियांभारतीय WWE स्टार Veer Mahaan मार खाने के बाद बौखलाए, कहा- 'शेर क्या करेगा किसी को नहीं पता'ज्योतिष अनुसार रोज सुबह इन 5 कार्यों को करने से धन की देवी मां लक्ष्मी होती हैं प्रसन्नइन राशि वालों पर देवी-देवताओं की मानी जाती है विशेष कृपा, भाग्य का भरपूर मिलता है साथअगर ठान लें तो धन कुबेर बन सकते हैं इन नाम के लोग, जानें क्या कहती है ज्योतिषIron and steel market: लोहा इस्पात बाजार में फिर से गिरावट शुरू5 बल्लेबाज जिन्होंने इंटरनेशनल क्रिकेट में 1 ओवर में 6 चौके जड़ेनोट गिनने में लगीं कई मशीनें..नोट ढ़ोते-ढ़ोते छूटे पुलिस के पसीने, जानिए कहां मिला नोटों का ढेर

बड़ी खबरें

दिल्ली हाई कोर्ट से AAP सरकार को झटका, डोर स्टेप राशन डिलीवरी योजना पर लगाई रोकGST पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, जीएसटी काउंसिल की सिफारिश मानने के लिए बाध्य नहीं सरकारेंपंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सुनील जाखड़ BJP में शामिल, दिल्ली में जेपी नड्डा ने दिलाई पार्टी की सदस्यताअलगाववादी नेता यासीन मलिक आतंकवाद से जुड़े मामले में दोषी करार, 25 मई को होगी अगली सुनवाईज्ञानवापी मस्जिद-श्रृंगार गौरी विवाद : वाराणसी कोर्ट की कार्रवाई पर सुप्रीम कोर्ट की रोक, शुक्रवार को होगी सुनवाईउदयपुर नव संकल्प पर अमल: अब कांग्रेस भी बनेगी 'प्रोफेशनल', देशभर में 6500 पूर्णकालिक कार्यकर्ता नियुक्त करने की तैयारीWest Bengal SSC recruitment scam: केंद्र पर बरसीं ममता बनर्जी, BJP पर केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग करने का लगाया आरोपIPL 2022: रात 8 बजे से शुरू होगा IPL FINAL, जाने क्यों बदला टाइम
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.