राजस्थान में यहां श्रमिकों के हक पर कुठाराघात करने वाले अधिकारियों पर गिरी गाज

https://www.patrika.com/rajasthan-news/

By: Nidhi Mishra Nidhi Mishra

Published: 19 Jan 2019, 05:19 PM IST

भरतपुर। श्रम कार्यालय में संयुक्त श्रम आयुक्त राजीव किशोर सक्सेना द्वारा आचार संहिता के दौरान नियमविरुद्ध स्वीकृत की गई फाइलों का नियमविरुद्ध भौतिक सत्यापन करने वाले श्रम निरीक्षक माधव गोस्वामी और स्वाति सिंह को एपीओ कर दिया गया है। वहीं संविदा पर कार्यरत अकाउंटेंट रोहित को भी फर्म ने स्थानांतरण कर जयपुर बुला लिया है। श्रम निरीक्षकों को भरतपुर स्थित श्रम विभाग के कार्यालय से कार्यमुक्त कर जयपुर मुख्यालय उपस्थिति देने के आदेश दिए गए हैं।

 


गौरतलब है कि श्रम विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत और अनियमितता उजागर होने के बाद जिला कलक्टर डॉ. आरुषि अजेय मलिक ने प्रशिक्षु आईएएस अक्षय गोदारा के नेतृत्व में टीम गठित कर पूरे मामले की जांच कराई, जिसमें प्रथम चरण की जांच में 120 में से 80 फाइलों में गड़बड़ी का खुलासा हुआ था। जिला कलक्टर ने जांच रिपोर्ट श्रम आयुक्त जयपुर को भेजी। जिसके बाद श्रम विभाग मुख्यालय की ओर से उक्त तीनों के एपीओ के आदेश जारी हुए। वहीं पूरे मामले की छानबीन के लिए अतिरिक्त श्रम आयुक्त (मुख्यालय) राजस्थान, जयपुर सीबीएस राठौड़ ने भी पांच सदस्यीय जांच कमेटी गठित की थी। श्रम विभाग के अधिकारियों की अनियमितता के खिलाफ जांच की मांग को लेकर जिले के श्रमिकों ने एक सप्ताह से अधिक समय तक धरना प्रदर्शन भी किया था।

 


एक-एक रात में कर दिया था सत्यापन
जांच में सामने आया है कि सामान्यतौर पर योजना की फाइलों के भौतिक सत्यापन के तहत हिताधिकारी को बुलाकर कागजातों की पूरी जांच की जाती है। साथ ही अन्य जांच भी की जाती हैं, जिनमें करीब दो से तीन दिन का समय लगता है लेकिन श्रम विभाग के निरीक्षकों (माधव गोस्वामी व स्वाती सिंह) ने फाइलों का एक-एक रात में ही भौतिक सत्यापन कर दिया।

 


रंग लाई पत्रिका मुहिम
गौरतलब है कि राजस्थान पत्रिका ने श्रम विभाग के अधिकारियों के मिलीभगत के खेल को उजागर करने के लिए 21 अक्टूबर 2018 के अंक में 'आचार संहिता के बावजूद संयुक्त श्रम आयुक्त ने ही रात के अंधेरे में स्वीकृत कर दीं सैकड़ों फाइलें' शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया। उसके बाद पत्रिका अभियान 'हक से महरूम श्रमिक' के तहत विभागीय अधिकारियों की पोल खोलती खबरें सिलसिलेवार प्रकाशित की गईं। खबरों में बताया गया कि किस तरह संयुक्त श्रम आयुक्त राजीव किशोर सक्सेना ने आचार संहिता के दौरान करीब 330 फाइलों को नियमविरुद्ध स्वीकृत कर दिया।

 


वहीं श्रम निरीक्षकों (माधव गोस्वामी व स्वाति सिंह) ने भी कई अपात्र आवेदकों की फाइलों का नियमविरुद्ध भौतिक सत्यापन कर दिया था। खबरें प्रकाशित होने के बाद जिला कलक्टर डॉ. आरुषि अजेय मलिक के निर्देश पर प्रशिक्षु आईएएस अक्षय गोदारा के नेतृत्व में टीम पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट कलक्टर को सौंपी। कलक्टर ने पूरी रिपोर्ट श्रम आयुक्त जयपुर को भेजी। जानकारी के अनुसार रिपोर्ट में 80 फाइलों में गड़बड़ी उजागर हुई थी और कलक्टर ने गड़बड़ी करने वाले श्रम विभाग के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंषा की थी।

Nidhi Mishra Nidhi Mishra
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned