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भरतपुर में पूर्व प्रधान कविता फौजदार अरेस्ट, फर्जी सर्टिफिकेट से लड़ा चुनाव और पाई सरकारी नौकरी; UP से खास कनेक्शन

भरतपुर जिले में कुम्हेर थाना पुलिस ने फर्जी ओबीसी प्रमाण पत्र बनाकर सरकारी नौकरी हासिल करने और पंचायत समिति कुम्हेर के प्रधान पद का चुनाव लड़ने के आरोप में पूर्व प्रधान कविता फौजदार को गिरफ्तार किया है। उन्हें एसीजेएम कोर्ट डीग के आदेश पर महिला जेल भरतपुर भेज दिया गया है।
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पूर्व प्रधान कविता फौजदार गिरफ्तार (पत्रिका फोटो)

Bharatpur Kavita Phojdar Arrested: कुम्हेर (भरतपुर): कूटरचित दस्तावेज तैयार कर फर्जी ओबीसी प्रमाण पत्र बनवाकर सरकारी नौकरी हासिल करने और इसी प्रमाण पत्र के आधार पर पंचायत समिति कुम्हेर के प्रधान पद का चुनाव लड़कर निर्वाचित होने के आरोप में कुम्हेर थाना पुलिस ने कांग्रेस की पूर्व प्रधान कविता फौजदार को बुधवार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उन्हें एसीजेएम कोर्ट डीग में पेश किया, जहां से न्यायालय के आदेश पर उन्हें महिला जेल भरतपुर भेज दिया गया।

थानाधिकारी जितेंद्र चौधरी ने बताया कि अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कुम्हेर के न्यायालय में पेश इस्तगासे के आधार पर मामले की जांच शुरू की गई थी। मह रावर निवासी रश्मि फौजदार ने इस्तगासे में आरोप लगाया कि कविता कुमारी का जन्म उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में हुआ था और उनकी शिक्षा भी वहीं हुई। शादी के बाद वह कुम्हेर क्षेत्र के रीठौठी गांव में रहने लगीं।

पति समेत पांच लोगों की भूमिका की जांच

मामले में कविता फौजदार के पति श्यामवीर सिंह के अलावा ई-मित्र संचालक, पटवारी और एक गवाह पर भी कथित षड्यंत्र में शामिल होने के आरोप लगाए गए हैं। पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। पुलिस ने बुधवार को कविता फौजदार को उनके घर से गिरफ्तार किया। पुलिस अब ओबीसी प्रमाण पत्र, 1993 की मतदाता सूची सहित अन्य दस्तावेजों की जांच कर रही है। साथ ही मामले में नामजद अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।

साल 1993 की मतदाता सूची में कूटरचना का आरोप

शिकायत में आरोप लगाया गया कि राजस्थान में ओबीसी महिला का जाति प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आवेदन करते समय कविता ने स्वयं और अपने माता-पिता को कुम्हेर का निवासी बताया। इसके समर्थन में वर्ष 1993 की कुम्हेर विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में नामों में कथित कूटरचना कर दस्तावेज तैयार किए गए और उन्हें प्रमाण पत्र के आवेदन के साथ लगाया गया।

शिकायतकर्ता के अनुसार, इसी ओबीसी प्रमाण पत्र के आधार पर साल 2021 में कोविड हेल्थ सहायक के पद पर नौकरी हासिल की गई। इसके बाद इसी प्रमाण पत्र का इस्तेमाल पंचायत समिति कुम्हेर के प्रधान पद के चुनाव में किया गया। आरोप है कि कविता फौजदार इसी आधार पर प्रधान पद का चुनाव लड़कर निर्वाचित हुई।