नगर निगम में आई एक और कलह...की बड़ी खबर

-पार्षद व सफाईकर्मी प्रकरण में गतिरोध बरकरार, अब आयुक्त को भी सौंपा ज्ञापन

By: Meghshyam Parashar

Published: 27 May 2020, 01:49 PM IST

भरतपुर. नगर निगम में पिछले मेयर के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने का मैसेज वायरल होने के बाद पार्षद व सफाई कर्मचारियों का प्रकरण और बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को अखिल भारतीय सफाई मजदूर कांग्रेस ने आयुक्त को ज्ञापन देकर मांगों को पूरा नहीं करने पर आंदोलन की चेतावनी दे डाली। हालांकि इस विवाद को लेकर नगर निगम में आंतरिक कलह की बात सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि बुधवार को नगर निगम सभागार में संभवतया सफाई कर्मचारियों के साथ बैठक का भी आयोजन किया जा सकता है। हालांकि अभी इस प्रकरण में कोई भी अधिकारी-कर्मचारी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है।
आयुक्त को सौंपे ज्ञापन में उल्लेख किया है कि संगठन की ओर से नगर निगम में उनके साथ हो रहे भेदभाव का मुद्दा उठाया जाता रहा है। गत माह ही गैर वाल्मीकि समाज के लोगों से सफाई कार्य कराने को लेकर एक महिला पार्षद के पति ने सफाई निरीक्षक की पिटाई क दी थी। इस घटना से संगठन की ओर से निगम प्रशासन को अवगत कराया गया तो मेयर ने पार्षद पति का साथ देते हुए सफाई निरीक्षक पक्ष पर ही राजीनामा का दबाव बनाया गया। राजीनामा न करने पर सफाई निरीक्षक को ही धमकियां दी गई। इससे कोरोना संक्रमण जैसी विपरीत परिस्थितियों में भी काम करने वाले सफाई कर्मचारियों के मनोबल पर गलत प्रभाव पड़ रहा है। शहर अध्यक्ष अनिल लाहौरा पर भी झूठे आरोप लगाकर एपीओ कराया गया है। उसे वापस लेते हुए आदेश को निरस्त किया जाए। प्रतिनिधिमंडल में जिलाध्यक्ष प्रताप सिंह चौहान, अशोक पठानियां, शहर अध्यक्ष अनिल लाहौरा, मुकेश मौर्य, अनिल सारवान, सुरेश पठानियां, बंटी प्रधान, सूरज चावरियां, सुभाष निदानियां, रूपगिरी, हरदेव, संजीव डोहरवाल, दिनेश, अनिल चौहान आदि शामिल थे।

इन दो प्रकरणों से समझिए विवाद की असल वजह

1. 13 अप्रेल को नगर निगम के सफाई निरीक्षक विशाल पठानिया के प्रकरण को लेकर एक सफाई कर्मचारी संगठन ने मेयर व आयुक्त को ज्ञापन दिया था। इसके बाद राजीनामा की कोशिश भी की जाती रही, परंतु मामला दर्ज हो गया। इसमें कहा था कि सफाई निरीक्षक पठानिया 11 अप्रेल को बी-नारायण गेट स्थित जोन कार्यालय पर उपस्थिति रजिस्टर में उपस्थिति दर्ज कर रहे थे कि वार्ड पार्षद के पति शैलू खटाना ने आकर अभद्रता व मारपीट की। इसके बाद खटाना को गिरफ्तार भी कर लिया गया था। इस प्रकरण में जिन पार्षदों ने राजीनामा की कोशिश की थी, वो भी इस प्रकरण को लेकर विरोध व्यक्त करते रहे। यह प्रकरण भी कुछ पार्षदों की नाराजगी का कारण है।

2. लॉकडाउन के दौरान मेयर घर से काम करने के लिए कुछ फाइलों को घर ले गए। इन्हीं फाइलों को लेकर नगर निगम में खींचतान सामने आती रही है। नगर निगम के ही एक सफाई निरीक्षक ने फाइल व अन्य बात को लेकर मेयर के खिलाफ असंवैधानिक टिप्पणी कर उसे वायरल कर दिया, लेकिन उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई। इसको लेकर भी खींचतान चल रही है।

Meghshyam Parashar Bureau Incharge
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