अनपढ़ ठग लगा रहे पढ़े-लिखों को चूना: पूर्व प्रधानमंत्री के मीडिया सलाहकार से शराब बिक्री के नाम पर 24 हजार रुपए की ठगी

-जिस केस में रसूख का दबाव उसकी गिरफ्तारी, बाकी केसों में वर्षों बाद भी नहीं होती गिरफ्तारी

By: Meghshyam Parashar

Updated: 12 Jul 2020, 08:55 PM IST

भरतपुर/कामां. ठगी के कारनामों से बदनाम मेवात का नाम अब भी सुर्खियां बटोर रहा है। यही कारण है कि अब मामला पूर्व प्रधानमंत्री के मीडिया सलाहकार से जुड़ा हुआ है। शातिर ठग ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के मीडिया सलाहकार संजय बारू को शराब बिक्री के नाम पर 24 हजार रुपए की ऑनलाइन ठगी कर चूना लगा दिया। ठगी का शिकार हुए पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के मीडिया सलाहकार संजय बारू की ओर से दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज कराने के बाद दिल्ली क्राइम ब्रांच की पुलिस गत दिनों कामां पहुंची और ठगी को अंजाम देने वाले बदमाश को चिन्हित कर कामां कस्बे के जया अनाज मंडी के सामने से गिरफ्तार कर दिल्ली ले गई जो अभी दिल्ली पुलिस की गिरफ्त में है।
पुलिस के अनुसार मेवात के पहाड़ी थाने के गांव ढाहना निवासी आकिब जावेद दिल्ली में कैब टैक्सी चालक का काम करता है। इस ठग की ओर से फेसबुक पर फर्जी आईडी बनाकर शराब बेचने का गोरखधंधा किया जाता है। लॉकडाउन के चलते पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के मीडिया सलाहकार संजय बारू ने भी विज्ञापन देखकर ठग आकिब जावेद को शराब खरीदने का ऑर्डर दे दिया। इसके बाद पहली किस्त के रूप में ठग आकिब जावेद ने संजय बारू से 24 हजार रुपए अपने अकाउंट में जमा करा लिए। भुगतान करने के बाद जब शराब नहीं पहुंची तो संजय बारू ने उनसे संपर्क करने की कोशिश की तो उनके मोबाइल व फेसबुक आईडी बंद मिले। तब जाकर उन्हें ठगी का अहसास हुआ। थाना प्रभारी धर्मेश दायमा ने बताया कि आरोपी पहाड़ी थाना क्षेत्र का है कामां का नहीं। यह मामला पहाड़ी क्षेत्र का है।

आरोपी स्थानीय और पीडि़त बाहरी, नहीं मिलती पुलिस की मदद

पिछले कुछ केसों की पड़ताल करने पर सामने आता है कि ऐसे केसों में पीडि़त बाहर के ही होते हैं, जबकि ठगी करने वाले स्थानीय। ऐसे में स्थानीय पुलिस की ओर से बाहरी पुलिस की मदद नहीं करने के भी आरोप हमेशा लगते रहे हैं। करीब आठ माह पूर्व भी दिल्ली क्राइम ब्रांच की टीम ने पुलिस के उच्च अधिकारियों को पत्र लिखकर अवगत कराया था कि उनकी ओर से दबिश की सूचना देने के बाद भी स्थानीय पुलिस ने मदद नहीं की। बताते हैं कि मेवात के काफी संख्या में ठग दिल्ली, गुजरात, महाराष्ट्र में काम करते हैं और इस तरह से ठगी का शिकार बनाते हैं।

कर्नाटक के डीजीपी तक को ठग चुके हैं मेवात के ठग

पिछले कुछ सालों के अंदर मेवात के अनपढ़ ठगों ने ठगी का ट्रेंड ही बदल कर रख दिया है। लोग भी मानते हैं कि चंद ठगों के कारण पूरा इलाका बदनाम होता है। सामाजिक स्तर पर ही ऐसे अपराध पर अंकुश लगाने की पहल कई बार की गई है। कुछ साल पहले तक यहां के ठग पीतल की ईंट को सोने की बताकर बेचकर ठगी का धंधा करते रहे। जब बाहर के लोगों को इस बारे में जानकारी हो गई तो बिल्ली और सांप के माध्यम से तांत्रिकी, ऑनलाइन ठगी समेत बदल-बदल कर नए तरीकों से ठगी करते रहे हैं।

Meghshyam Parashar Bureau Incharge
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned