15 जुलाई तक करा सकते हैं फसल बीमा, कलक्टर ने रवाना किए प्रचार रथ

-आपदा के समय नुकसान होने पर मिलता है लाभ

By: Meghshyam Parashar

Published: 07 Jul 2020, 06:58 PM IST

भरतपुर. राज्य सरकार की ओर से संचालित प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के प्रचार-प्रसार के लिए रिलायंस कम्पनी के चलाए जा रहे चार प्रचार वाहनों को जिला कलक्टर नथमल डिडेल एवं एडीएम (प्रशासन) नरेश कुमार मालव ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर सोमवार को कलक्ट्रेट परिसर से रवाना किया।
जिला कलक्टर ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत कृषकों का किए जाने वाला बीमा आपदा के समय लाभकारी सिद्ध हुआ है। उन्होंने कहा कि विगत वर्ष रबी फसल के दौरान आई अतिवृष्टि एवं ओलावृष्टि से किसानों की फसल का हुआ खराबा की क्षतिपूर्ति बीमा कम्पनी की ओर से होने से उनको बड़ी राहत मिली है। उन्होंने कहा कि आगामी वर्ष के लिए रिलायंस जनरल इंश्योरेंस कम्पनी के माध्यम से फसल बीमा का कार्य किया जा रहा है इसकी अंतिम तिथि 15 जुलाई निर्धारित की गई है। उन्होंने किसानों से अपील की है कि वे प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत प्रीमियम राशि का अंशदान निर्धारित तिथि तक जमा कराकर अपनी फसल को बीमित कराएं। इससे किसी आपदा के समय उनको फसल की क्षतिपूर्ति का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि किसानों में जाग्रति लाने के लिए जिले के विभिन्न क्षेत्रों में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना प्रचार रथों को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया गया, जो गांव-गांव जाकर किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लाभों नियमों की जानकारी देंगे।

किसानों को देनी होगी यह प्रीमियम राशि

कृषि विस्तार के उपनिदेशक डॉ. धर्मपाल सिंह ने बताया कि बाजरा के लिए 757.22 रुपए प्रति हेक्टेयर, ज्वार के लिए 513.52 रुपए, ग्वार के लिए 846.56 रुपए, तिल के लिए 589.40 रुपए, कपास के लिए 1238.35 रुपए एवं धान के लिए 1053.70 रुपए प्रति हेक्टेयर प्रीमियम राशि कृषक की ओर से देय होगी। उन्होंने बताया कि किसानों की ओर से फसल बीमा कराया जाना पूरी तरफ स्वैच्छिक है, जो ऋणी कृषक योजना में नहीं जुडऩा चाहते हैं वे आठ जुलाई 2020 तक संबंधित वित्तीय संस्था में इस बाबत् घोषणा पत्र प्रस्तुत कर दें अन्यथा उनको योजना में शामिल माना जाएगा। इस योजना में फसली ऋण लेने वाले कृषक, गैर ऋणी कृषक एवं बटाईदार कृषकों की ओर से फसलों का बीमा कराया जा सकेगा। कृषक जिस जिले में स्वयं रहता है उसी जिले की परिधि क्षेत्र में बटाई भूमि मान्य होगी। ऋणी कृषकों का प्रीमियम उनके ऋण खातों से वसूल किया जाएगा, जबकि गैर ऋणी कृषक अपनी फसलों का बीमा 15 जुलाई 2020 तक निकट के केन्द्रीय सहकारी बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, वाणिज्यिक बैंक की शाखाओं एवं सीएससी के माध्यम से करा सकेंगे। इसके अतिरिक्त बीमा कम्पनी के अधिकृत बीमा एजेंट, प्राधिकृत प्रतिनिधि अथवा राष्ट्रीय फसल बीमा पोर्टल की ओर से निर्धारित प्रक्रियाओं के तहत फसल बीमा कराया जा सकता है।

Meghshyam Parashar Bureau Incharge
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