किसानों पर ओलावृष्टि की मार...31 सौ हैक्टेयर में फसल को नुकसान

-प्रारंभिक जांच में सर्वाधिक नुकसान नदबई, रूपवास व कुम्हेर में माना

By: Meghshyam Parashar

Updated: 01 Mar 2020, 10:19 PM IST

भरतपुर. अब किसानों को ओलावृष्टि की मार का सामना करना पड़ रहा है। सर्वाधिक नुकसान नदबई, रूपवास, कुम्हेर में माना गया है। यहां 10 से 15 प्रतिशत के बीच नुकसान की आशंका जताई गई है। करीब 31 सौ हैक्टेयर की फसल में ओलावृष्टि से नुकसान माना जा रहा है। हालांकि जिले के अन्य इलाकों में भी नुकसान की बात सामने आ रही है। ऐसे में जिला कलक्टर नथमल डिडेल ने गिरदावरी के आदेश जारी कर दिए हैं। कैबीनेट मंत्री विश्वेंद्र सिंह भी कुम्हेर इलाके के गांवों में दौरा कर फसल खराबे का जायजा लिया। इधर, फसल का मुआवजा दिलाने की मांग को लेकर जिलेभर में विरोध भी शुरू हो चुका है। जानकारी के अनुसार रुदावल, कुम्हेर, रूपवास, नदबई आदि क्षेत्रों में बीती रात को बारिश के साथ ओलावृष्टि ने सरसों, चना, गेहूं की करीब 31 सौ हैक्टेयर में बुवाई की गई फसल को नुकसान पहुंचाया है। हालांकि, कृषि विभाग की सर्वे टीम मौके पर जाकर नुकसान का जायजा ले रही है। इससे सबसे ज्यादा नुकसान सरसों को हुआ, क्योंकि सरसों पक चुकी है और कहीं-कहीं कटकर खेतों में पड़ी है। इसलिए दो हजार हैक्टेयर में सरसों खराबा हुआ है। सरसों को 18 क्विंटल प्रति हैक्टेयर के हिसाब से करीब 36 हजार क्विंटल का नुकसान है। वहीं गेहूं की सात हजार हैक्टेयर में खराबे का अनुमान है। गेहूं का उत्पादन प्रति हैक्टेयर 38 क्विंटल होता है, इससे 2.66 लाख क्विंटल गेहूं खराब होने की आशंका है। इसके अलावा चना आठ हजार हैक्टेयर में है। इसमें से 500 हैक्टेयर फसल पर प्रभाव पड़ा है। बारिश और ओलावृष्टि से रूपवास के गांव इब्राहिमपुर, खानसूरजापुर, घाटौली, चेकौरा, मेथना, मिलसवा आदि दस गांवों में करीब 15 सौ हैक्टेयर में नुकसान हुआ है। वहीं नदबई, कुम्हेर, रुदावल आदि में करीब 25 गांवों में 16 सौ हैक्टेयर में नुकसान हुआ है।

चार लाख 11 हजार हैक्टेयर में हुई थी बुवाई

जिले में 2.67 लाख किसान हैं, जिन्होंने चार लाख 11 हजार हैक्टेयर में फसलों की बुवाई की है। इन्होंने 2.15 लाख हैक्टेयर में सरसों, 1.38 लाख हैक्टेयर में गेहूं, 08 हजार में चना और शेष में अन्य फसलों की बुवाई की है। इनमें से सरसों की फसल पक कर कहीं कट चुकी है तो कहीं कटने के कगार पर है। वहीं गेहूं की फसल में बालियां निकल आई हैं और दाना भी बन गया है, लेकिन तेज हवा ने इन क्षेत्रों की गेहूं की फसल को कहीं-कहीं बिछा दिया है। हालांकि गेहूं को अभी और पानी की जरुरत है। इस हिसाब से गेहूं को कम नुकसान है। फिर भी सर्वे के लिए क्षेत्र में निकली कृषि विभाग की टीम अब नुकसान का जायजा लेकर फसल बीमा योजना के आधार पर भरपाई कराएगी। सूत्रों का कहना है कि नुकसान कितना हुआ है यह फसल बीमा में बीमित किसान को 50 फीसदी से अधिक नुकसान पर बीमित राशि का 25 फीसदी दिया जाएगा। यह एक माह के अंतराल में भुगतान होगा।

72 घंटे में दर्ज कराएं शिकायत

जिले के कुछ क्षेत्रो में ओलावृष्टि एवं बारिश से फसलों में नुुकसान हुआ है। क्षेत्रों के बीमित किसान बीमा कंपनी के टोल फ्र्री नंबर 18002660700 पर अपनी शिकायत 72 घंटे के अंदर दर्ज कराएं। साथ ही लिखित रूप में सात दिन में संबंधित क्षेत्र के कृषि पयवेक्षक, सहायक कृषि अधिकारी, बैंक शाखा, बीमा कंपनी के प्रतिनिधि को सूचना देें। प्रभावित कृषक सूचना देते समय अपनी पूर्ण जानकारी जैसे नाम, पता, मोबाइल नंबर, आधार नंबर, बैंक खाता संख्या, फसल, रकबा बताएं।

कैबीनेट मंत्री बोले: ओलावृष्टि से पीडि़त किसानों की मदद करेगी सरकार

कुम्हेर. पर्यटन एवं देवस्थान विभाग के कैबीनेट मंत्री विश्वेन्द्र सिंह ने कुम्हेर क्षेत्र में बिरहरु, जौदेला, हींगौली आदि गांवों में खड़ी फसल के नुकसान का जायजा लिया। इसे लेकर कैबीनेट मंत्री ने जिला कलक्टर और उपखण्ड अधिकारी को मौके से जल्द गिरदावरी कराने के निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने भरतपुर के सर्किट हाउस में हुई प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि अन्य दो मंत्रियों से भी इस संबंध में बात हो चुकी है। सरकार की ओर से ओलावृष्टि से पीडि़त किसानों को मदद दिलाई जाएगी।

-ओलावृष्टि से रूपवास के दस गांवों में 15 सौ हैक्टयर व नदबई, कुम्हेर, रुदावल आदि में 25 गांवों में 16 सौ हैक्टयर में गेहूं व सरसों की फसल को नुकसान हुआ है। किसान अपनी फसलों को काटकर सुरक्षित स्थान पर रखें। खराबे की सूचना कृषि विभाग और बीमा कंपनी को देंं।
देशराज सिंह, संयुक्त निदेशक कृषि विभाग

-कुम्हेर में 10 से 15 व नदबई, रूपवास, रुदावल इलाके में पांच से 10 प्रतिशत खराब होने की बात सामने आ रही है। बाकी सभी गिरादावरी कराई जा रही है। उसके बाद ही रिपोर्ट का पता चल सकेगा।
नथमल डिडेल
जिला कलक्टर

Meghshyam Parashar Bureau Incharge
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