खननमाफिया गिरोह की योजना सफल, विभाग की रणनीति हुई फेल

-करीब दो करोड़ की लीज की बोली 14 करोड़ रुपए लगाने का मामला, राशि जमा कराने नहीं आया एक भी व्यवसायी

By: Meghshyam Parashar

Published: 16 Oct 2020, 01:31 PM IST

भरतपुर/पहाड़ी. आखिर खननमाफिया गिरोह की योजना के सामने खनिज विभाग की रणनीति फेल हो ही गई। धौलेट के पहाड़ में करीब दो करोड़ रुपए बाजार मूल्य के जिस प्लॉट नंबर 78 की लीज की बोली 14 करोड़ रुपए तक पहुुंचा दी गई थी, उसकी 40 प्रतिशत राशि जमा कराने का समय गुरुवार को पूरा हो गया, लेकिन कोई भी व्यवसायी राशि जमा कराने नहीं आई। उल्लेखनीय है कि राजस्थान पत्रिका ने 13 अक्टूबर के अंक में '14 करोड़ तक पहुंची करीब दो करोड़ की लीज की बोली, ताकि चलता रहे अवैध खनन का खेलÓ शीर्षक से समाचार प्रकाशित कर मामले का खुलासा किया था।
जानकारी के अनुसार नांगल क्रशर जॉन को शुरू हुए करीब एक दशक से अधिक समय बीत गया है लेकिन लम्बे समय बाद खनिज विभाग की नींद खुली। 29 सितम्बर को नांगल में स्थित प्लाट नम्बर-71 की बोली एक करोड़ 91 लाख रुपए लगाई गई। 30 सितम्बर को धौलेट पहाड़ में प्लाट नम्बर 78 की बोली 14 करोड 500 रुपए लगाई है। जो करीब ढाई हैक्टेयर के करीब है। इसमें बड़े स्तर पर अवैध खनन हो रहा है। नांगल की लीज की 40 प्रतिशत राशि जमा कराने के लिए 14 अक्टूबर और धौलेट की लीज की राशि जमा कराने के लिए 15 अक्टूबर तक का समय दिया गया था। 14 अक्टूबर को नांगल की लीज की तीन बोलीदाताओं ने एक-एक हैक्टेयर की हिस्सा राशि के कुल दो करोड़ 90 लाख 90 हजार रुपए जमा कराए हैं। लेकिन धौलेट वाली ढाई हैक्टेयर की लीज की राशि जमा नहीं कराई गई। ताकि वहां सालों से जो अवैध खनन का कारोबार स्थानीय प्रशासन, पुलिस, खनिज विभाग व जनप्रतिनिधियों के इशारे पर चल रहा है वह आगे भी चलता रहे।

न टैक्स न रॉयल्टी...दबंगई के दम पर वसूलते हैं मनमानी कीमत

धौलेट के प्लॉट नंबर 78 में काला व नीला पत्थर होने के कारण महंगे दामों में बिकता है। बताते हैं कि जिन लीजों पर अवैध खनन किया जाता है, वहां से जाने वाले पत्थर पर न कोई टैक्स चुकाया जाता है न रॉयल्टी। खननमाफिया गिरोह दबंगई के दम पर मनमानी कीमत वसूल करते हैं। पत्थरों से भरे डंपर गिरोह में शामिल स्टोन क्रशरों पर भेजे जाते हैं। इस पूरे खेल की जानकारी स्थानीय से लेकर जिला प्रशासन के पास भी है, लेकिन उनका गिरोह के साथ गोपनीय समझौता हमेशा कार्रवाई करने से रोकता ही रहता है। सवाल इसलिए भी उठता है कि हाल में ही नौ अक्टूबर को इसी लीज से अवैध खनन कार्य करते हुए एक पोलकेन मशीन जब्त की गई थी। कार्रवाई के दौरान एक जनप्रतिनिधि का टीम को धमकाने का वीडियो भी वायरल हुआ था। इसके बाद भी अभी तक अवैध खनन को लेकर दर्ज एफआइआर में गिरोह के एक भी सदस्य का नाम नहीं लिखा गया है।

गिरोह ने यूं रचा पूरा खेल

इस प्रकरण से स्पष्ट है कि आखिरकार खनन माफियाओं व रसूखदारों का तीर निशाने पर लगा है। इस समय खनिज विभाग व खनन माफियाओं के बीच अवैध खनन को लेकर सह और मात का खेल चल रहा है। इसमें जीत खनन माफियाओं की होती नजर आ रही है। क्योंकि धौलेट में जिन खनन माफियाओं ने उस जगह पर कब्जा कर अब तक खनन किया है। उसे हटाकर अवैध खनन रोकना खनिज विभाग के लिए इतना आसन नहीं है। न ही और कोई उस जगह की कीमत जमा कराकर लीज चलाने में सफल होता दिखाई दे रहा है। चूंकि गिरोह की दबंगई के सामने खुद पुलिस भी बेबस है। क्षेत्र के समाजसेवी एवं राजनेताओं का कहना है कि इस मामले को लेकर सरकार व जयपुर के उच्चाधिकारियों को हालात से अवगत कराएंगेे। ताकि सरकार की संपति को नुकसान से बचाया जा सके। उनका कहना था कि अधिकारी सब कुछ जानते हुए भी अनजान बने हुए है। इसके कारण खनन माफियाओं के हौंसले बुलंद है। इधर, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष रविंद्र जैन ने भी इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है।

अवैध खनन, ओवरलोडिंग व बजरी प्लांट बंद कराने की मांग, दिया ज्ञापन

पहाड़ी. अवैध खनन, ओवरलोडिंग, बजरी धुलाई प्लांट को लेकर मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को पूर्व विधायक गोपीचंद गुर्जर एवं बाबा हरिबोलदास के नेतृत्व में क्षेत्रवासियों ने ज्ञापन सौंपकर बंद कराने की मांग की है। पत्र में बताया है कि पहाड़ी क्षेत्र के गंगोरा, छपरा, नांगल, धौलेट गाधानेर, मंूगसका, समसलका आदि में अवैध तरीके से लम्बे समय से अवैध खनन चल रहा है। इसे बंद कराने के लिए प्रशासन को भी शिकायत की थी, लेकिन अवैध खनन के अलावा ओवलोडिंग भी बंद नहीं हो पाई है। गत दिनों प्रशासन ने अवैध खनन के खिलाफ हिम्मत कर कार्रवाही की तो अवैध खनन माफिया गुमराह कर प्रशासन पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे है। इसी प्रकार से सांवलेर, उभाका आदि गांवों में बजरी धुलाई के 50-60 प्लांट अवैध रूप से चल रहे हंै। इस मौके पर मोन्टू एडवोकेट, कुलदीप, बच्चू सिंह छावड़ी, सतीश बुन्देला, केशरी सिंह आजाद, उम्मर गाजूका आदि उपस्थित थे।


-ई-ऑक्शन एमएसटीसी के इलेक्ट्रॉनिक प्लेटफार्म पर रखा जाकर 29 एवं 30 सितम्बर 2020 को किया गया, जिनकी बोली प्लाट संख्या 70 की 2.52 करोड़, प्लाट संख्या 71 की 1.91 करोड़, प्लाट संख्या 72 की 2.35 करोड़, प्लाट संख्या 73 की 4 करोड़, प्लाट संख्या 74 की 1.57 करोड़, प्लाट संख्या 75 की 3 करोड़, प्लाट संख्या 76 की 1.70 करोड़, प्लाट संख्या 77 की 8.13 करोड़, प्लाट संख्या 78 की 14 करोड़ की बोली लगाई गयी। कुल नौ प्लाटों में से 3 प्लाटों 71, 72 एवं 75 की 40 प्रतिशत राशि की प्रथम किश्त भी जमा की जा चुकी है। धौलेट के लीज प्लाट नम्बर 78 की बोली 14 करोड़ लगायी गयी है, जिसकी प्रथम किश्त नियमानुसार 40 प्रतिशत राशि अभी तक जमा नहीं कराई गई है।

तेजपाल गुप्ता खनि अभियंता

Meghshyam Parashar Bureau Incharge
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