खनिज विभाग चुप: आखिर किन क्रशरों पर जाता था अवैध खनन का पत्थर

-पुलिस अधिकारियों ने भी खनिज विभाग को पत्र लिखने का लिया निर्णय, अब चारागाह के पहाड़ ठेकड़ा व ठेक के बास में अवैध खनन जारी

By: Meghshyam Parashar

Published: 16 Sep 2020, 09:49 AM IST

भरतपुर/पहाड़ी. गाधानेर के चारागाह पहाड़ से लेकर नांगल क्रशर जोन में जिन स्टोन क्रशरों पर अब तक अवैध खनन का पत्थर जाता रहा है, वह अब पहेली बना हुआ है। क्योंकि सवाल कार्रवाई से ज्यादा इस बात का भी है कि आखिर खननमाफिया के इस खेल में कौन-कौन शामिल रहा है। उल्लेखनीय है कि राजस्थान पत्रिका ने 13 सितंबर के अंक में पहाड़ी इलाके में अवैध खनन व ओवरलोडिंग पर साधी चुप्पी शीर्षक से समाचार प्रकाशित कर मामले का खुलासा किया था। इसके बाद प्रशासन ने गोपनीय कार्रवाई की रणनीति बनाई। इस कार्रवाई के बाद यह भी साफ हो गया कि खननमाफिया गिरोह में रसूखदारों का हाथ रहा है।

जानकारी के अनुसार राजस्व रिकार्ड में दर्ज चारागाह पहाड़ों में गाधानेर का(कोचरा), धौलेट में ठेकड़ा व ठेकावास के चारागाह पहाड़ को खनन माफियाओं ने छलनी कर दिया है। इनमें से अभी तक गाधानेर के पहाड़ में कई बार कार्रवाई की गई। रास्ते काटे गए लेकिन अवैध खनन पर लगाम नही लग सकी है। उसका मुख्य कारण खनिज विभाग की लापरवाही होना है। खनन से जुड़े लोगों का कहना है कि खनिज विभाग जानते हुए भी अनजान बना रहता है। इस अवैध खनन से सरकार को करोड़ों रुपए का चूना लगाया जा चुका है। नांगल क्रशर जोन में अवैध खनन जारी है। खनन माफिया रास्ते के नाम से लेकर अवैध खनन कराने का ठेका तक लेते हंै। मेवात में अवैध खनन व ओवलोडिंग निकासी का कारोबार बड़े स्तर पर जारी है। इसे रोकने में परिवहन विभाग से लेकर खनिज विभाग संदेह के घेरे मे आ रहा है। उल्लेखनीय है कि कामां विधानसभा क्षेत्र में नांगल क्रशर जोन हो चाहे बृजआंचल या अन्य खनन क्षेत्र में पाबंदी के बाद खनन का करोबार बेलगाम हो गया है। यहां कानून नाम की कोई चीज नजर नहीं आती है। माफियाओं व रसूखदारों के दबाव के चलते शासन प्रशासन इस कदर भयभीत दिखाई देता है। जैसे उन्हें अपराध रोकने के लिए सिर्फ चुप रहने के लिए पदस्थापित किया गया है। गत दिनो रुदावल में प्रतिबंधित खनन पर कार्रवाही करने जिला कलेक्टर से लेकर जिले के आलाधिकारी कार्रवाही करने पहुंच गए। आखिर ऐसा क्यों है कि कामां के बृज आंचल, नांगल क्रशर जोन में चारागाह के पहाड़ोंपर बेरोकटोक अवैध खनन किया जा रहा है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में ओवरलोड वाहन निकल रहे हैं। कामां में बृजआंचल के संरक्षित पहाड़ों पर अवैध खनन रुकने का नाम नहीं ले रहा है। अगर कार्रवाई भी होती है तो वन विभाग में तैनात स्थानीय निवासी अधिकारी-कर्मचारियों की ओर से खननमाफिया को पहले ही सूचना दे दी जाती है। पिछले दिनों इस तरह का एक मामला सामने आने पर एक कर्मचारी को हटाया भी गया था। हाल ही में हरिबोल बाबा ने टायरा के पहाड़ में अवैध खनन की शिकायत एसडीएम व जिला कलक्टर से की थी। दूसरे दिन कार्रवाही के लिए भरतपुर से टीम रवाना होने से पूर्व वर्तमान में भरतपुर में तैनात किसी वनकर्मी ने खनन माफिया को सूचना कर दी। इसी कर्मचारी का एक ऑडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

इधर, पुलिस पर जानलेवा हमला करने व अवैध खनन करने के मामले दर्ज

पहाड़ी. पुलिस ने जानलेवा हमला, अवैध विस्फोटक सामग्री व खनिज विभाग ने अवैध खनन के अलग-अलग मामले दर्ज कर दर्जनों लोगों को नामजद किया है। उधर, पुलिस ने सोमवर को कार्रवाई के दौरान शांतिभंग करने के आरोप मे 18 लोगों को गिरफ्तार किया है। एसएचओ नेकीराम की ओर से पुलिस पर जानलेवा हमला, सरकारी जीप क्षतिग्रस्त कर रास्ता रोककर राजकार्य में बाधा पहुंचाने के मामले में गाधानेर निवासी तारीफ पुत्र आसू, मोसम पुत्र राजू, ध्यानी पुत्र अब्दुल्ला, राजू पुत्र अब्दुला, राशिद पुत्र हनीफ, तालिम पुत्र ध्यानी, रफीक पुत्र चाहत हरियाणा के बड़ेड निवासी उसमान उर्फ बदल सहित अन्य को नामजद किया गया है। नगर थाने के एसआई कमरूदीन ने ध्यानी, मौसम, रफीक, तालिम को अवैध विस्फोटक अधिनियम के तहत नामजद करते हुए मौके से एक प्लास्टिक कट्टे में 11 बुस्टर, लाल रंग, जो कि धौलपुर एक्सक्लोजिव एण्ड कैमिकल्स एलटीडी मचकुंड अंकित मार्का के बरामद किए गए हंै। खनिज विभाग के एमई तेजपाल गुप्ता व वीरेन्द्र कुमार ने जब्त मशीनों को हरियाणा मे भागकर ले जाने एवं पहाड़ पर अवैध खनन करने के आरोप मे गाधानेर के ध्यानी, राजू, तालिम, तारीफ, रफीक, मोसम, रसीद, उसमान, दिलशाक, रहमान, ईसव, सालपुर निवासी हनीफ पुत्र अमरसिंह, सरफू पुत्र कल्ला, डाठेट निवासी अहमद, आसम पुत्र गनी अन्य 40-50 लोगों को नामजद किया गया है।

सवाल मांगते जबाव

-खनिज विभाग नियुक्त अधिकारी क्यों शांत रहे?

-अवैध खनन मिला तो पिट की नाप क्यों नहीं की?

-अवैध खनन रोकने को रास्ते काटे तो उन्हें किसने भरा?

-अब तक पहाड़ से चोरी गए पत्थर का जुर्माना कौन भरेगा?

-ठेकड़ा व ठेकके बास के चारागाह पहाड़ पर कार्रवाई क्यों नहीं?

Meghshyam Parashar Bureau Incharge
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