कोरोनाकाल में मिसाल बना युवाओं का हौंसला, आपदा को बनाया अवसर

-एसटीसी हाउसिंग बोर्ड स्थित पार्क बयां कर रहा युवाओं के हौंसलों को उड़ान की कहानी
-आपदा को अवसर बना खुद को स्वस्थ रख कोरोना से जंग लडऩे की मिसाल बन चुका है एसटीसी हाउसिंग बोर्ड का पार्क। कई दिनों की अथक मेहनत के बाद पार्क में सुबह-शाम लोग स्वास्थ्य लाभ ले कोरोना को मात दे रहे हैं। कुछ युवाओं का यह हौसला इस पीढ़ी के लिए एक प्रेरणा बन चुका है।

By: Meghshyam Parashar

Published: 19 Sep 2020, 03:10 PM IST

भरतपुर. कौन कहता है कि आसमां में सुराख नहीं हो सकता, एक पत्थर तो तबियत से उछालो यारो...। शायर की ये पंक्तियां इन दिनों एसटीसी हाउसिंग बोर्ड स्थित एक पार्क में चरितार्थ साबित हो रही हैं। सालों पहले बनाए गए पार्क में सूखे पत्थरों के अलावा कुछ नहीं था लेकिन आपदा को अवसर बनाने का हौसला लिए कुछ युवाओं के दम पर मात्र पांच महीनों में यह पार्क आज एक मिसाल बन शहर के मुख्य पार्कों में शुमार तक हो चुका है।

...और जुड़ता गया कारवां

गौरतलब है कि कोरोना के चलते देश में लगे लॉकडाउन ने लोगों को घरों में कैद कर छोड़ा। खुद को स्वस्थ रखने की चुनौती के बीच कॉलोनी के कुछ आधा दर्जन युवाओं ने इसके लिए बेजान पार्क को सुधारने की ठानी और अनलॉक के साथ ही आपदा को अवसर बदलना शुरू कर दिया। कॉलोनी के अशोक राजपूत बताते हैं कि शुरू में उनके साथ चुनिंदा ही लोग थे लेकिन बाद में लोग जुड़ते गए। पार्क की सफाई से लेकर पार्क में घास उगाने और उसे काटने तक के काम में युवा जी जान से जुट गए। युवाओं की मेहनत देख बाद में स्वेच्छा से ही कॉलोनीवासियों ने काम में हाट बंटाया।

अभियान बना एक साथ रोपे 250 पौधे

पार्क में स्वयं के खर्चे पर 250 पौधे लगाए गए। पौधे की देखभाल का जिम्मा भी पौधों को गोद लेकर किया गया। पार्क में पानी की व्यवस्था नहीं होने के चलते पानी डालने के लिए एक व्यक्ति ने एक पौधे की जिम्मेदारी ली। यहां तक कि कॉलोनीवासियों ने अपने घरों से पाइपलाइन डाल पार्क में पानी दिया।

औषधीय पौधों से हरा भरा होगा पार्क

शहर के इस पार्क में औषधीय पौधे भी लगाए गए हैं। जल्द ही इन पौधे के लाभ क्षेत्र के लोग उठा सकेंगे। पार्क में गिलोय, तुलसी, पारस पीपल, अश्वगंधा आदि के पौधे लगाए गए हैं। देखते ही देखते युवाओं की मेहनत देख पार्क में लोगों जनसहयोग करना शुरू कर दिया। किसी ने ग्रास कटर मशीन दो तो किसी ने बेंच लगाने में सहयोग दिया। पार्क में चंद दिनों में 13 बेंच लगाई जा चुकी हैं। वहीं अन्य संसाधनों के लिए लोग आगे आ रहे हैं।

बच्चों के लिए झूले भी

इतना ही नहीं जनसहयोग से पार्क में बच्चों के लिए झूले लगाए गए हैं। पार्क में हाऊसिंग बोर्ड, किशनपुरा, बसंत विहार, सिमको लेबर कॉलोनी से रोज करीब 700 से हजार लोग पहुंच स्वास्थ लाभ ले रहे हैं। बच्चों से लेकर महिलाओं तक यहां सुबह शाम योगा, मॉर्निंग वॉक व जिम्नास्टिक आदि में व्यस्त दिखते हैं। कॉलोनी के इस पार्क को देख इलाके में अस्त-व्यस्त पड़े पार्क को सुधारने के लिए लोग आगे आने लगे हैं। कॉलोनी के एक दो पार्क में लोगों ने स्वयं के खर्चे से बेंच लगाने शुरु कर दिए हैं।

अब आगे...

कॉलोनीवासी अब पार्क में सौंदर्यीकरण के तहत अब स्टेच्यू, छतरी, वाटर बॉडी, योगा प्लेटफार्म के लिए स्थानीय निकाय से सहयोग की आवश्यकता है। वहीं कुछ गैर सरकारी संगठनों ने भी सहयोग करने की इच्छा जताई है।

सिर्फ एक सोच...

हमने एक सोच के साथ यह कार्य शुरू किया था। सभी का सहयोग मिलता गया। हमें अब और आगे की सोचना होगा।
अशोक राजपूत
कॉलोनीवासी, एसटीसी हाउसिंग बोर्ड

हरसंभव प्रयास...

पार्क में युवाओं के हौसले को देख हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। पार्क में फिलहाल परकोटे की मरम्मत व अन्य कार्य कराए जा रहे हैं।
रेखा रानी शर्मा, पार्षद, वार्ड न.57

Meghshyam Parashar Bureau Incharge
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