खुद के नहीं दूसरों के वाहनों के फर्जी नंबर से बनाए जा रहे ई-रवन्ना

-ऐसे केस भी आ रहे सामने, जिनमें ई-रवन्ना में ओवरलोड और ट्रांजिट पास में अंडरलोड लेकिन वाहन एक ही
-परिवहन विभाग का फिर छुट्टी के कारण नहीं भेज सके नोटिस

By: Meghshyam Parashar

Published: 02 Sep 2020, 09:32 AM IST

भरतपुर/पहाड़ी. जिले के खनन एरिया में संचालित स्टोन क्रशर्स पर ई-रवन्ना और ट्रांजिट पास के नाम पर जमकर फर्जीवाड़ा किया जा चुका है। अब ऐसे भी केस सामने आ चुके हैं कि जिस वाहन के रजिस्ट्रेशन नंबर से ओवरलोड का ई-रवन्ना जारी किया गया। ठीक कुछ देर बाद ही उसी गाड़ी नंबर से अंडरलोड का ट्रांजिट पास जारी किया गया है। इधर, जिला कलक्टर नथमल डिडेल की ओर से नसीहत मिलने के बाद भी परिवहन विभाग व खनिज विभाग के अधिकारियों ने मंगलवार को राजकीय अवकाश बात कहकर कार्रवाई से इतिश्री कर दी है। इतना ही नहीं दोनों ही विभागों के बड़े अधिकारी प्रकरण में कुछ भी बोलने तक से कतरा रहे हैं। चूंकि यह तय है कि पिछले लंबे समय से चल रहा यह खेल अधिकारियों के सामने पहले ही आ चुका था, परंतु कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति की जाती रही है। उल्लेखनीय है कि राजस्थान पत्रिका ने 29 अगस्त के अंक में 'जिस गाड़ी से शहर में होता है एंटी लार्वा का छिड़काव, उसके नाम से जारी हो गया ई-रवन्ना शीर्षक से समाचार प्रकाशित कर मामले का खुलासा किया था। हकीकत यह है कि पिछले सात दिन से यह मामला सुर्खियों में है। खुद जिला कलक्टर ने पत्रिका में प्रकाशित खबरों के बाद दोनों विभागों के अधिकारी, परिवहन विभाग के आरटीओ राजेश शर्मा व खनिज विभाग के एसएमई प्रताप मीणा को बुलाकर गत दिवस बैठक की थी। बैठक में संयुक्त रूप से कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे।
मंगलवार को जब इन दोनों ही विभागों के अधिकारियों से संबंधित स्टोन क्रशर्स के खिलाफ कार्रवाई की बात की तो बड़ा ही रोचक जबाव सामने आया। एसएमई ने जहां फोन ही उठाना उचित नहीं समझा तो आरटीओ ने कुछ भी बोलने से मना कर दिया। जबकि उनके अधीनस्थ अन्य अधिकारियों ने बताया कि खनिज विभाग से सूची मिल चुकी है, अब बुधवार को क्रशर्स को नोटिस देने की कार्रवाई की जाएगी। सूत्रों ने बताया कि ई-रवन्ना व ट्रांजिट पास के नाम पर फर्जीवाड़ा किया जाता है। इससे राज्य सरकार को हर माह करोड़ों रुपए के राजस्व की हानि हो रही है।

खुद विभाग भी दर्ज करा सकता है मुकदमा

दोनों ही विभागों के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में जिला कलक्टर ने निर्देश दिए थे कि ओवरलोडिंग वाहनों के कारण सार्वजनिक सड़कों को भी काफी नुकसान पहुंचता है, ऐसे मामलों में सार्वजनिक सम्पत्ति नुकसान निवारण अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत कार्रवाई की जा सकती है। इससे साफ है कि संबंधित विभाग की ओर से थाने में मुकदमा भी दर्ज कराया जा सकता है, लेकिन इन इलाकों में अधिकारियों के रवैये के कारण ही प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पाती है।

घाटमीका में नाका स्थापित करने को आदेश निकाला, लेकिन नहीं लगाया

खनि एवं भू-विज्ञान विभाग की ओर से अवैध खनन व खनिज मैसनरी स्टोन का अधि अधिक शुल्क मय डीएमएफटी ठेका प्रभावी नहीं होने के कारण जांच के लिए पिछले दिनों तीन स्थानों पर नाके स्थापित किए गए। प्रत्येक नाके पर खनि विभाग के कर्मचारी व पांच-पांच होमगार्ड तैनात किए गए। नांगल-धौलेट रोड, छपरा-गंगोरा-विजासना रास्ता, पहाड़ी-कामां रोड टोल के पास नाका स्थापित किया गया था। एसएमई की ओर से आदेश में कहा गया था कि राजस्व अपवंचन को रोकने व अवैध खनन के खिलाफ ठोस कार्रवाई के लिए 15 दिवस के लिए अस्थायी रूप से यह नाके स्थापित किए गए हैं। अगर किसी भी नाके पर बगैर रवन्ना व टीपी के निर्माण सामाग्री से भरे वाहन पाए गए तो उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इसके बाद पत्रिका ने घाटमीका व हरियाणा के रास्ते पर धौलेट की तरफ नाका स्थापित नहीं होने का मुद्दा उठाया तो तुरंत ही आदेश निकाल दिए गए, लेकिन रसूख के दबाव में अब तक वहां नाका स्थापित ही नहीं किया गया है। बल्कि कर्मचारी कम होने का बहाना कर इतिश्री की जा रही है। इसका तर्क दिया जा रहा है कि कर्मचारियों का अभाव होने के कारण नाका नहीं लगाया है। जबकि हकीकत कुछ और बताई जा रही है। रसूखदारों को लाभ पहुंचाने के लिए नाके नहीं लगाए गए है।

हरिबोल बाबा बोले: संभागीय आयुक्त से की शिकायत, कोई फायदा नहीं

बाबा हरिबोलदास ने बताया कि नांगल क्रशर जोन में ई-रवन्ना की आड़ में फर्जी ओवरलोडिंग का कारोबार बड़े स्तर पर चल रहा है। क्रशर संचालक धर्म कांटा पर खनन सामग्री भरते समय माप भरने के बाद ई-रवन्ना जारी हो जाता है फिर ट्रक को पीछे लेकर उस में ओवरलोडिंग खनन सामग्री भरी जाती है ओवरलोडिंग वाहन को परिवहन विभाग, पुलिस एवं टोल नाकों पर नहीं रोका जाता न ही उनके खिलाफ कार्रवाई की जाती है। इस संदर्भ में संभागीय आयुक्त से लेकर के जिला कलेक्टर, एसपी, उपखंड अधिकारी व स्थानीय पुलिस प्रशासन को कई बार ज्ञापन देकर सूचित किया गया है उसके बावजूद कोई कार्यवाही रसूख के दबाव में नहीं की जा रही है।

-बुधवार को नोटिस भेजे जाएंगे। इसके अलावा इस महीने करीब 800 से अधिक नोटिस जा चुके हैं। अब और भी प्रभावी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
राजीव चौधरी
जिला परिवहन अधिकारी

Meghshyam Parashar Bureau Incharge
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