भरतपुर में मौत के 20 साल बाद करा दी फर्जी रजिस्ट्री, आरोपी गिरफ्तार

भरतपुर में मौत के 20 साल बाद करा दी फर्जी रजिस्ट्री, आरोपी गिरफ्तार

Nidhi Mishra | Publish: Sep, 06 2018 06:51:35 PM (IST) Bharatpur, Rajasthan, India

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भरतपुर। मथुरा गेट थाना पुलिस ने मौत के 20 साल बाद मृतक के नाम से फर्जी रजिस्ट्री कराने के मामले में आरोपी करतार सिंह पुत्र प्रेमसिंह जाट को गिरफ्तार किया है।

पुलिस के अनुसार 11 अप्रैल 2018 को गोपालनगला थाना चिकसाना निवासी रोहनसिंह पुत्र सोरनसिंह जाट ने नगला पूंठिया थाना चिकसाना निवासी करतारसिंह पुत्र प्रेमसिंह जाति जाट के विरूद्ध धोखाधड़ी कर फर्जी दस्तावेज तैयार कर प्रार्थी की जमीन का बयनामा करा लेने का मामला दर्ज कराया था। नगला पूठियां निवासी सोनपाल जाट की मौत 20 साल पहले हो गई थी। लेकिन आरोपी ने उसी के नाम से रजिस्ट्री किसी अन्य के नाम करा दी। मुकदमा दर्ज होने के बाद पाया गया कि आरोपी ने ही ये सारा फर्जीवाड़ा किया था।

 

उपचार के दौरान गर्भवती की मौत
कृष्णा नगर स्थित जिला परिषद् के सामने एक गर्भवती महिला की उपचार के दौरान मौत हो गई। जिसके बाद परिजनों ने अस्पताल के बाहर करीब पांच घंटे तक हंगामा किया। परिजनों का आरोप था कि डॉक्टर ने नौ दिन तक गर्भवती की हालत में सुधार लाने की बात कहकर भर्ती रखा और ऐनवक्त पर उसे रैफर कर दिया। जबकि डॉक्टर की ओर से सिर्फ इलाज के नाम पर राशि हड़पने के लिए ऐसा किया जा रहा था। सूचना पाकर सीओ सिटी हवा सिंह मौके पर पहुंचे। जहां काफी देर तक परिजनों को समझाने की कोशिश की। लेकिन मामला शांत नहीं हो सका।

 

जानकारी के अनुसार रिंकी पत्नी आकाश निवासी कामां गेट डीग को 28 अगस्त को जिला परिषद् के सामने स्थित अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वह सात महीने की गर्भवती थी। सोनोग्राफी रिपोर्ट में जुड़वा बच्चे होने की पुष्टि खुद डॉक्टर ने की थी। सात महीने की गर्भवती होने के कारण पिछले कई दिन से उसकी तबीयत खराब चल रही थी। दोपहर करीब ढाई बजे डॉक्टर ने गभर्वती को सांस की दिक्कत होने पर रैफर कर दिया।

 

होगा पोस्टमार्टम
परिजनों ने कम समय में जयपुर ले जाने में असमर्थता व्यक्त की तो उन्होंने एक और निजी अस्पताल का नाम बताते हुए वहां वेंटीलेटर की सुविधा होना बताया। परिजन मुखर्जी नगर स्थित अस्पताल में गर्भवती को लेकर पहुंचे तो वहां उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजन एंबुलेंस से ही शव को लेकर जिला परिषद् के सामने स्थित निजी अस्पताल पहुंचे। जहां हंगामा करने लगे। हंगामा देख अस्पताल के कर्मचारी भी गायब हो गए। ऐसे में सीओ सिटी हवा सिंह, मथुरा गेट थाने के एसएचओ पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। जहां काफी देर तक पुलिस अधिकारियों ने समझाने की कोशिश की। लेकिन परिजनों ने कोई भी बात मानने से इन्कार कर दिया। इसके बाद डीग-कुम्हेर विधायक विश्वेंद्र सिंह ने संबंधित डॉक्टर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने, मुआवजा राशि दिलाने की बात कही। लेकिन परिजन काफी देर तक समझाने के बाद भी नहीं माने। अंत में शाम करीब साढ़े पांच बजे पुलिस ने शव को आरबीएम अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया। जहां गुरुवार सुबह उसका पोस्टमार्टम कराया जाएगा।

 

परिजन बोले,कागजों पर लगवाया मृतक का अंगूठा
हंगामे के दौरान परिजनों ने पुलिस अधिकारियों के सामने कहा कि अस्पताल के कर्मचारियों ने ही दूसरे अस्पताल से आने के बाद मृतक के अंगूठे का निशान कागज पर लगवाया था। जबकि परिजनों से बगैर बताए कागजों पर हस्ताक्षर करा लिए। लेकिन वहां कोई भी पुलिस अधिकारी इस मामले में कुछ भी कार्रवाई करने के आश्वासन देने या कुछ भी बोलने से कतराता रहा।

 

इनका कहना है
गर्भवती महिला के केस में हमने काफी हद तक संभालने की कोशिश की थी। डॉक्टर मरीज की रक्षा करता है। भला लापरवाही क्यों करेगा। हमने वेंटीलेटर की सुविधा के लिए मरीज को दूसरे निजी अस्पताल के लिए कहा था। —डॉ सुरेश यादव, अस्पताल संचालक

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