नगर निगम प्रशासन ने भेजी परकोटा के नियमन को लेकर झूठी रिपोर्ट

-कच्चा परकोटा नियमन संघर्ष समिति ने बैठक में की निंदा

By: Meghshyam Parashar

Published: 30 Nov 2020, 04:02 PM IST

भरतपुर. कच्चा परकोटा नियमन संघर्ष समिति के संयोजक जगराम धाकड़ की अध्यक्षता में बैठक हुई। बैठक में नगर निगम प्रशासन पर शहर के परकोटे के नियमन एवं पट्टा देने के प्रकरण में साक्ष्यों, दस्तावेजों एवं मौके की स्थिति के विपरीत झूठी रिपोर्ट बनाकर प्रेषित करने की निन्दा कर राज्य सरकार को भ्रमित एवं गुमराह कर पट्टा देने के प्रकरण को बाधित एवं लम्बित करने का आरोप लगाया गया।
बैठक में समिति के उपसंयोजक श्रीराम चंदेला ने नगर निगम प्रशासन की ओर से राज्य सरकार को तीन नवम्बर 2020 को शहर के रियासतकाल में बने कच्चे डंडे पर अतिक्रमियों को पट्टे जारी करने के संबंध में मार्गदर्शन प्रदान करने हेतु प्रेषित पत्र को बैठक में पढ़कर सुनाया गया। बैठक में सभी सदस्यों ने पत्र के अंदर उल्लेखित सभी तथ्यों को नकारते हुए अपना विरोध दर्ज किया। बैठक को सम्बोधित करते हुए पूर्व नेता प्रतिपक्ष इन्द्रजीत भारद्वाज ने आरोप लगाया कि आयुक्त की ओर से जो रिपोर्ट राज्य सरकार को भेजी गई है उसमें वास्तविक तथ्यों, साक्ष्यों एवं मौके की स्थिति के विपरीत मनगढन्त तथ्यों को उल्लेखित किया गया है। इससे कि परकोटे पर रहने वाले लोगों को पट्टे नहीं मिल सकें। भारद्वाज ने कहा कि उक्त रिपोर्ट में राज्य के पुरातत्व विभाग के कई संरक्षक स्थानों को भारतीय पुरातत्व के संरक्षित स्थान एवं अस्तित्वविहीन स्थान दिल्ली गेट को अंकित कर राज्य सरकार को गुमराह किया गया है। पत्र में राजकीय पुरातत्व विभाग के स्मारकों का किसी प्रकार का उल्लेख नहीं किया गया। आयुक्त ने अनाह गेट व संरक्षित दरवाजों को भारतीय पुरातत्व के संरक्षित स्थान बताकर 100 मीटर क्षेत्र को निषेध क्षेत्र बताकर राज्य सरकार को भ्रमित कर परकोटे पर रहने वाले लोगों को पट्टे की कार्यवाही से दूर रखने का एक घृणित कृत्य किया है। इस रिपोर्ट में यातायात पुलिस की ओर से परकोटे के आवासीय बस्ती में रास्तों को 5 से 6 फुट बताया गया है लेकिन उन स्थानों को नहीं खोला गया है जहां उक्त रास्ते स्थित हैं। जबकि मौके पर 20 फुट के आम रास्ते, 15 फुट के आम रास्ते भी स्थित हैं जिनका उल्लेख नहीं किया गया है। जघीना गेट से लेकर अनाह गेट तक परकोटे के सहारे सहारे नगर निगम की ओर से 20 फुट चौड़ी कच्ची रोड बनाई हुई है। वहीं शहर की आबादी में से होकर डंडे पर बने मकानों तक पहुंचने के लिए 20, 25 व 15 फुट के चौड़े आम रास्ते स्थित हैं जिनका कहीं भी उल्लेख नहीं किया गया है, यह रिपोर्ट में जो उल्लेखित किया गया है वह कार्यालय में बैठकर ही रिपोर्ट बनाई गई है मौके का अवलोकन नहीं किया गया है और न ही मौके पर स्थित सड़कों की चौड़ाई का विस्तृत रूप में उल्लेख भी नहीं किया गया है। बैठक में सभी उपस्थित सदस्यों ने निन्दा प्रस्ताव पारित किया और राज्य सरकार से मांग की गई कि उक्त रिपोर्ट की उच्च स्तरीय जांच कराकर पट्टा देने की कार्यवाही को आगे बढाया जाए। बैठक में उक्त रिपोर्ट की शिकायत मुख्यमंत्री एवं अन्य मंत्रियों सहित संभागीय आयुक्त, जिला कलक्टर एवं महापौर से करने का निर्णय भी लिया गया। बैठक में राजकुमार शर्मा, भगवान सिंह, अनवर, देवी सिंह, राजेश दीक्षित, विजय, प्रेम सिंह टीकैता, प्रहलाद गुप्ता, सतीश, अमरजीत सिंह, मोहन लाल, सूरज, महेश, किशन लाल, बंटू शर्मा, भूरा भगत, चन्द्रभान शर्मा, कालू आदि उपस्थित थे।

Meghshyam Parashar Bureau Incharge
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