जिस समय चिकित्सा मंत्री ले रहे थे बैठक, उसी समय मरीजों के परिजन खींच रहे थे स्ट्रेचर

-अनदेखी से बढ़ा रही मरीजों की मुश्किल
-एक सप्ताह में भी नहीं सुधरी व्यवस्थाएं

By: Meghshyam Parashar

Published: 07 Sep 2020, 09:14 AM IST

भरतपुर . आरबीएम में व्याप्त अव्यवस्थाएं मरीजों की मुश्किलों को खूब बढ़ा रही हैं, लेकिन अस्पताल प्रशासन की अनदेखी से मरीजों की पीड़ा कम होने का नाम नहीं ले रही। खास बात यह है कि यह क्षेत्र चिकित्सा राज्यमंत्री डॉ. सुभाष गर्ग का है। इसके बाद भी अस्पताल प्रशासन मरीजों को राहत देने के लिए फिक्रमंद नजर नहीं आ रहा।
अस्पताल पहुंचने वाले मरीज और उनके परिजन हर रोज समस्याओं से जूझ रहे हैं, लेकिन इन्हें देखने वाला यहां कोई नजर नहीं आ रहा। अस्पताल में पिछले एक करीब सप्ताह से न तो गार्डों की सुरक्षा है और ना ही मरीजों को राहत देने के लिए निचले स्टाफ की सेवा मिल रही है। इसके चलते मरीजों को खासी परेशानी झेलनी पड़ रही है।

आंखों देखी ...

नदबई निवासी बदन ङ्क्षसह शनिवार को अपनी पत्नी ओमवती सैनी को उपचार के लिए अस्पताल लाया था, जो मेडिकल वार्ड में भर्ती थी। चलने-फिरने में असमर्थ ओमवती को जांच कराने जाने को व्हील चेयर की जरूरत थी, जो उसे वार्ड में मुहैया नहीं हो सकी। व्हील चेयर के लिए बदन ङ्क्षसह यहां-वहां भटकता रहा, लेकिन उसे राहत नहीं मिल सकी। ऐसे में वह बमुश्किल पत्नी को ेकंधों का सहारा देकर जांच के लिए बाहर निजी लैब पर ले गया।
सावित्री पत्नी मोहन सिंह निवासी भुसावर की एक दुर्घटना में हड्डी टूट गई। सावित्री के दर्द को कम करने के लिए अस्पताल में स्ट्रेचर की बमुश्किल व्यवस्था तो हो गई, लेकिन उसे खींचने के लिए ट्रॉली पुलर नहीं मिले। ऐसे में पति मोहन ङ्क्षसह के साथ उसकी पुत्री संगीता अस्पताल में स्ट्रेचर को खींचते नजर आए। सावित्री का एक्सरा कराने के लिए पिता और बेटी ने अस्पताल में स्ट्रेचर को खींचा। ऐसे में अस्पताल प्रशासन मूक बना रहा। इसके अलावा श्वांस रोग से पीडि़त इन्द्रवती पत्नी रविन्द्र निवासी जिरौली को भी अस्पताल में स्ट्रेचर की व्यवस्था नहीं हो सकी। ऐसे में इन्द्रवती के पति एवं बेटा रूपेन्द्र खुद ही स्ट्रेचर को धक्का लगाते नजर आए।

मौन से बढ़ीं मरीजों की मुश्किल

चिकित्सा राज्य मंत्री और अस्पताल प्रशासन की चुप्पी इन दिनों मरीजों पर भारी पड़ती नजर आ रही है। सूत्रों का दावा है कि मेडिकल कॉलेज और अस्पताल प्रशासन में अनबन के चलते यहां गार्डों की सुरक्षा नहीं मिल पा रही है। साथ ही निचने स्टाफ की भी यहां बेहद दरकार है। गार्ड नहीं होने से लोग भीड़ में धक्का खा रहे हैं। वहीं ट्रॉली पुलर नहीं होने से मरीजों के परिजन खुद ही स्ट्रेचर खींचते नजर आ रहे हैं।

इधर, चिकित्सा मंत्री बोले: वार्डवार व फ्लोरवार ड्यूटी लगाकर तय करें कार्मिकों की ड्यूटी

चिकित्सा राज्य मंत्री डॉ. सुभाष गर्ग ने कहा कि क्षेत्रवासियों को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराए जाने के प्रयास किए जा रहे हैं इसके तहत आरबीएम चिकित्सालय में विशेष चिकित्सकीय सेवाएं प्रारम्भ की गई हैं।
डॉ. गर्ग रविवार को राजकीय मेडिकल कॉलेज के सभागार में प्रशासनिक एवं चिकित्सा अधिकारियों की संयुक्त बैठक की अध्यक्षता करते हुए निर्देशित कर रहे थे। उन्होंने मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य एवं नियंत्रक को निर्देश दिए कि रोगियों के बेहतर उपचार के लिए संविदा सेवा पर कार्मिक रखे जाने के लिए प्रस्ताव बनाकर भिजवाएं। इससे स्वीकृति जारी कराई जा सके। उन्होंने चिकित्सा अधीक्षक को निर्देश दिए कि वे कार्मिकों की आवश्यकतानुसार वार्ड एवं फ्लोरवार ड्यूटी लगाए। इससे संबंधित कार्मिक की जिम्मेदारी तय हो सके। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की यह मंशा है कि कोरोना वायरस के संक्रमण से होने वाली मृत्यु दर को कम से कम स्तर पर लाई जा सके।
मेडिकल कॉलेज के प्रचार्य डॉ. रजत श्रीवास्तव ने कॉलेज में विद्युत व्यवस्थाओं में सुधार के लिए बीईएसएल से विद्युत हॉटलाइन डलवाने की मांग चिकित्सा राज्य मंत्री ने बीईएसएल के क्षेत्रीय प्रबंधक जयंत चौधरी से दूरभाष पर वार्ता की जिस पर जयंत चौधरी की ओर से नगर विकास न्यास के एसपीजेड क्षेत्र में भूमि उपलब्ध करवाने पर 132 जीएसएस सब स्टेशन स्थापित कराकर मेडिकल कॉलेज सहित सेवर परिक्षेत्र की वि़द्युत समस्याओं के समाधान की बात कहने पर चिकित्सा राज्य मंत्री ने अतिरिक्त जिला कलक्टर शहर एवं नगर विकास न्यास के सचिव को भूमि उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि चिकित्सा संस्थानों में कार्मिकों के ठहराव के लिए बायोमैट्रिक मशीन के माध्यम से उपस्थिति लिए जाने के लिए मशीनें स्थापित करा दी गई हंै। उन्होंने बताया कि चिकित्सा राज्य मंत्री के विशेष प्रयासों से जिले में जीवन रक्षक कैप्सूल रेडिसिविर रेमिडीज उपलब्ध होने से रोगियों को जयपुर या आगरा रैफर करने से निजात मिलेगी। डॉ. गर्ग ने प्राचार्य को निर्देश दिए कि वे संस्था की ओर से उपलब्ध करवाए गए संविदा कार्मिकों की प्रतिमाह की जा रही पीएफ राशि कटौतियों पर निगरानी रखें। उन्होंने चम्बल पेयजल परियोजना एवं जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे आपसी समन्वय बनाए रखते हुए संचालित पेयजल पाइपलाइन तंत्र का उपयोग चम्बल पेयजल सप्लाई के लिए अमल में लाएं। बैठक में चिकित्सा अधीक्षक नवदीप सैनी ने बताया कि चिकित्सा राज्य मंत्री के विशेष प्रयासों से आरबीएम चिकित्सालय में लैप्रोस्कोपिक विधि से ऑपरेशन की नवीन पहल इसी माह से आरम्भ की जाएगी इससे रोगियों के बड़े ऑपरेशन भी बिना चीर फाड़ के किया जाना सम्भव होगा। मंत्री ने नगर निगम एवं नगर विकास न्यास के अधिकारियों को निर्देश दिए है कि भरतपुर शहर में वर्षा जल निकासी के लिए आवश्यक उपाय सुनिश्चित करें। जहां आवश्यक हो वहां डीजल पम्प लगाएं। वर्षा जल निकासी के लिए आवश्यक कार्ययोजना तैयार करें और मालीपुरा गांव के पास नाला निर्माण का कार्य पूरा करें और इसे सरसों अनुसंधान के पास बने सिंचाई विभाग के नाले से जोड़ें ताकि क्षेत्र का वर्षा जल आसानी से निकल सके। उन्होंने बछामदी से बझेरा तक नाली निर्माण के निर्देश देते हुए कहा कि शीघ्र तकमीना तैयार कर इसे स्वीकृत कराएं। बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रशासन) बीना महावर, अतिरिक्त जिला कलक्टर (शहर) एवं नगर विकास न्यास के सचिव डॉ. राजेश गोयल, उपखण्ड अधिकारी संजय गोयल, अतिरिक्त जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. मूलसिंह राणा, तहसीलदार अशोक कुमार गुप्ता, सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता अमरचंद मीणा, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के सहायक अभियंता रविन्द सिंह, पंचायत समिति सेवर के विकास अधिकारी डॉ. देवेन्द्र सिंह, मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य एवं नियंत्रक डॉ. रजत श्रीवास्तव सहित नर्सिंग अधीक्षक हरभान सिंह, दीपचंद आदि उपस्थित थे।

Meghshyam Parashar Bureau Incharge
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