किसानों का फूटा गुस्सा: लगाया जाम...

भरतपुर. पश्चिमी विक्षोभ के कारण हुए मौसम परिवर्तन से गत 29 फरवरी को भी मौसम का कहर किसानों पर बरसा था।

By: pramod verma

Published: 07 Mar 2020, 09:33 PM IST

भरतपुर. पश्चिमी विक्षोभ के कारण हुए मौसम परिवर्तन से गत 29 फरवरी को भी मौसम का कहर किसानों पर बरसा था। इसके बाद 4 व 5 फरवरी की रात और 6 फरवरी की शाम को जिले में तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि ने किसानों को झकझोर कर रख दिया। फसल के भरोसे भविष्य की उम्मीदें टिकाए बैठे किसानों की मेहनत तब धराशायी हो गई जब कुदरत की मार ने चहुंओर फसल को चौपट कर दिया। इस अवधि में किसानों की करीब 98 हजार हैक्टेयर फसल में नुकसान पहुंचा है। गरीब किसान अब मोहताज नहर आ रहा है। इसे लेकर मंत्री, सांसद आदि क्षेत्रों का दौरा कर ढांढस बंधा रहे हैं।

कुम्हेर मेंओलावृष्टि से पीडि़त किसानों का गुस्सा शनिवार को फूट पड़ा। किसानों ने मुआवजे की मांग को लेकर कस्बे के आधा दर्जन मार्गों को जाम कर दिया। सूचना मिलते ही पहुंचे कैबीनेट मंत्री विश्वेंद्र सिंह किसानों को विशेष पैकेज के अलावा आर्थिक सहायता दिलाने की समझाइश कर जाम खुलवाया। वहीं सांसद रंजीता कोली व भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. शैलेश सिंह ने किसानों से वार्ता की। वहीं जाम से सड़कों पर वाहनों की लंबी कतार लगने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

क्षेत्र में बीते सात दिनों में तीसरी बार ओलावृष्टि और बारिश से रबी की फसल चौपट हो गई। परेशानी से जूझते किसानों ने मुआवजा दिलाने की मांग पर कुम्हेर-नदबई मार्ग, कस्बे का सौख तिराहा, डीग रोड पर गागरसौली मोड़, नदबई मोड़ पर ट्रैक्टर-ट्रॉली में भरकर आए किसानों ने सड़क पर पत्थर और झाडिय़ां डालकर जाम लगा दिया। इस दौरान सड़क किनारे दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई। कैबिनेट मंत्री सिंह ने मौके पर पहुंचकर पीडि़त किसानों के लिए अलग से विशेष पैकेज दिलाने संबंधी मुख्यमंत्री से वार्ता होना बताया। इस दौरान बिरहरु, महरावर, पैघोर, बैलारा, सूरौता, अस्तावन, पला, सेत, गागरसौली, सिकरोरी, जौदेला, साबौरा आदि गांवों के किसान मौजूद थे।

वहीं सांसद रंजीता कोली व भाजपा के जिलाध्यक्ष डॉ. शैलेश ने किसानों से कहा कि ओलावृष्टि और बारिश से पीडि़त किसानों को प्रदेश सरकार ने अगर दस दिन में मुआवजा राशि नहीं दिया तो 18 मार्च को भरतपुर कलक्ट्रेट का घेराव कर आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने किसानों से फसलों में हुए नुकसान की जानकारी ली। इस दौरान भाजपाइयों ने अस्तावन, बिरहरु, महरावर आदि गांवों का दौरा किया। हालांकि जाम की सूचना पर उपखण्ड अधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार व अन्य अधिकारियों ने भी खुलवाने का प्रयास किया। लेकिन किसानों के आक्रोश से उन्हें वापस लौटना पड़ा। किसानों ने ऋण माफ करने, मुआवजा राशि देने, क्षेत्र को आपदा ग्रस्त घोषित कर अलग से राशि देने की मांग अधिकारियों से की। वहीं ओलावृष्टि से दो भेड़ों की मौत हो गई। पशुचिकित्सक ने पोस्टमार्टम किया।

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