सावन आया...इस बार 29 का ही रहेगा, पहला और आखिरी दिन भी सोमवार

-इतिहास में पहली बार बदला-बदला होगा सावन, भगवान को झूला नहीं झुला पाएंगे भक्त, घरों में ही करनी होगी पूजा, तीन साल बाद बना ऐसा शुभ संयोग

By: Meghshyam Parashar

Published: 05 Jul 2020, 04:10 PM IST

भरतपुर. भगवान शिव को प्रिय माह सावन की शुरुआत छह जुलाई से होने जा रही है। इस माह में पांच सोमवार पड़ रहे हैं। ऐसे में इस बार लोगों को शिव भक्ति के लिए पूरे माह के साथ ही उन्हें सबसे ज्यादा प्रिय सोमवार भी पांच मिलेंगे, लेकिन इस बार कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम के लिए लागू गाइडलाइन के चलते सावन के तौर तरीके काफी बदले-बदले नजर आएंगे। मसलन इस बार हर बार की तरह सार्वजनिक कथाएं नहीं हो पाएंगी। दरअसल कोविड-19 की अनलॉक की प्रक्रिया के तहत जो नई गाइडलाइन जारी की गई है उसके मुताबिक धार्मिक आयोजनों पर लगी हुई रोक 31 जुलाई तक के लिए बढ़ा दी गई है। तब तक सावन के 26 दिन निकल जाएंगे। उसके बाद भी यह रोक हटेगी या नहीं, इसको लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है। सावन माह में निकलने वाली कांवड़ यात्रा को लेकर भी इस बार स्थिति स्पष्ट नहीं है। चूंकि देश में अन्य बड़ी कांवड़ यात्रा स्थगित होने की सूचनाएं आने लगी है।
जानकारी के अनुसार हिंदू कैलेंडर का पांचवां महीना यानी श्रावण मास 6 जुलाई को शुरू होने वाला है। ज्योतिषिचार्यों के अनुसार इस बार सावन महीने में 29 दिन ही रहेंगे। शुक्लपक्ष की अष्टमी तिथि के क्षय होने के कारण ऐसा होगा। इस बार सावन महीने की शुरूआत उत्तराषाढ़ा नक्षत्र और वैधृति योग में होगी, लेकिन बृहस्पति का अपनी ही राशि धनु में होना शुभ है। इसके साथ ही चंद्रमा मकर राशि में रहेगा। सावन में 25 से ज्यादा शुभ योग बन रहे हैं। इस बार सावन महीने का पहला और आखिरी दिन सोमवार ही होगा। इस महीने में 5 सोमवार का शुभ संयोग बनने से ये महीना और भी खास रहेगा। सावन महीने की शुरुआत छह जुलाई को सोमवार से होगी और समापन भी तीन अगस्त सोमवार को होगा। इस बार सावन में पांच सोमवार भी आ रहे हैं, जो शुभ संकेत है। ऐसा ही संयोग तीन साल पहले 2017 में बना था। इस बार सावन महीने में 11 सर्वार्थसिद्धि, तीन अमृत सिद्धि और 12 दिन रवियोग रहेंगे। इन शुभ योगों में की गई भगवान शिव की पूजा से विशेष फल मिलता है। पूजा-पाठ में का शिवजी का अभिषेक करने से आयु, धन और स्वास्थ्य में वृद्धि होती है।

सावन की पहली तिथि का उदय सोमवार को

पं. राममोहन शर्मा ने बताया कि श्रावण कृष्ण पक्ष प्रतिपदा की शुरुआत 5 जुलाई रविवार को सुबह 10.15 से होगी, जो दूसरे दिन सोमवार को सुबह 9.25 तक रहेगी। सोमवार को प्रतिपदा उदयातिथि में होने के कारण सावन की शुरुआत सोमवार से ही मानी जाएगी। श्रावण महीने में सोमवार 6, 13, 20, 27 जुलाई व 3 अगस्त को हैं। 20 जुलाई को सोमवती व हरियाली अमावस्या है। तीन अगस्त को रक्षाबंधन है।

सावन में आने वाले व्रत और पर्वों की स्थिति

कामवन शोध संस्थान के निदेशक डॉ. रमेशचंद्र मिश्र ने बताया कि इस बार सावन में पांच सोमवार पड़ेंगे। इसमें तीन सोमवार कृष्णपक्ष और दो शुक्लपक्ष में होंगे। धर्म ग्रंथों के श्रावण माह में हर सोमवार को व्रत और भगवान शिव की पूजा करने से हर तरह की परेशानियां खत्म हो जाती हैं और बीमारियों से भी छुटकारा मिल जाता है। सावन सोमवार से ही सोलह सोमवार व्रत की शुरुआत होती हैं। श्रावण मास में 10 जुलाई को मोनी पंचमी, 14 जुलाई को मंगला गौरी व्रत, 16 जुलाई को एकादशी, 18 जुलाई को प्रदोष, 20 जुलाई को हरियाली अमावस्या, सोमवती अमावस्या, 23 जुलाई को हरियाली तीज के साथ ही 25 जुलाई को नागपंचमी और तीन अगस्त को रक्षाबंधन मनाया जाएगा।

श्रावण के ये रहेंगे सोमवार
सोमवार, 06 जुलाई
सोमवार, 13 जुलाई
सोमवार, 20 जुलाई
सोमवार, 27 जुलाई
सोमवार, 03 अगस्त

Meghshyam Parashar Bureau Incharge
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