बेखौफ खननमाफिया: रास्तों को अवरुद्ध कर गिरोह करता रहा पुलिस को भगाने की कोशिश

-बचाव में पुलिस ने भी किए फायर, तीन किमी पैदल चलकर पहुंचे एसपी, पुलिस की गाडिय़ां भी क्षतिग्रस्त
-बड़े पैमाने पर पोकलेन मशीनों से किया जा रहा है सालों से अवैध खनन

By: Meghshyam Parashar

Published: 14 Sep 2020, 08:33 PM IST

भरतपुर. पहाड़ी स्थित गाधानेर के चारागाह पहाड़ पर वर्षों से अवैध खनन कर राज्य सरकार को हर माह करोड़ों रुपए की राजस्व का नुकसान पहुंचाया जा रहा है। हर दिन आ रही शिकायतों के बाद भारी पुलिस के साथ संयुक्त टीम ने सोमवार तड़के करीब चार बजे गाधानेर के पहाड़ पर कार्रवाई की तो हकीकत सामने आ ही गई। बेखौफ खननमाफिया ने खुद की करतूत को छिपाने के लिए हर संभव कोशिश की। गांवों के रास्तों को अवरुद्ध कर बचाव की कोशिश की गई। उल्लेखनीय है कि राजस्थान पत्रिका ने 13 सितंबर के अंक में पहाड़ी इलाके में अवैध खनन व ओवरलोडिंग पर साधी चुप्पी शीर्षक से समाचार प्रकाशित कर मामले का खुलासा किया था। इसके बाद प्रशासन ने गोपनीय कार्रवाई की रणनीति बनाई।
एसपी डॉ. अमनदीप कपूर ने बताया कि काफी लम्बे समय से अवैध खनन की शिकायत मिल रही थी। पुलिस ने योजना बनाकर हरियाणा के बड़ेड वाले रास्ते से लेकर गाधानेर के पहाड़ को जाने वाले प्रमुख रास्तों पर कड़ी नाकाबंदी कर कार्रवाही की। खननमाफिया ग्रामीणों के सहयोग से एक पोकलेन मशीन को भगाकर ले गए। इसे गांव में छिपा दिया गया। उसे भी पुलिस बरामद कर लिया। खनन माफिया गिरोह को चिन्हित कर उनकी तलाश शुरू कर दी है। खनन माफियाओं की फायङ्क्षरग व पथराव का पुलिस ने भी कड़ा जबाव दिया है। फायरिंग में कोई घायल नहीं हुआ है। कार्रवाई में नगर, कामां, डीग सर्किल एवं भरतपुर क्यूआरटी, राजस्व विभाग के अधिकारी, खनिज विभाग के एमई तेजपाल गुप्ता, कामां सीओ प्रदीप कुमार यादव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बुगलाल मीणा आदि मौजूद थे। देर शाम तक पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कार्रवाई में पांच पोकलेन मशीन, तीन डंपर, छह ट्रेक्टर-ट्रॉली, एक स्कार्पियो व एक दर्जन बाइक बरामद की गई है। अब उनकी जांच की जा रही है।

कार्रवाई के बाद सक्रिय हो गया पूरा गिरोह

कार्रवाई के बाद खननमाफिया गिरोह का मुख्य सरगना पोकलेन मशीन बाजरे के खेतों में से लेकर भाग जाने मे सफल हो गया। पथराव में पुलिस की जीप क्षतिग्रस्त हो गई। खनन माफियाओं ने रास्ते में पत्थर डाल कर रास्ते अवरुद्ध कर दिए। इससे पुलिस को पैदल चलना पड़ा। खनन माफिया घर छोड़कर फरार हो गए। वहीं पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लिया है। ग्रामीणों का कहना था कि पुलिस गंाव मे घूमती रही लेकिन खनन माफिया की ओर से छिपाई गई पोकलेन मशीन बरामद नहीं हुई है।

लापरवाही...आठ माह तक सोता रहा खनिज विभाग

इस कार्रवाई के बाद यह भी स्पष्ट है कि कहीं न कहीं गाधानेर के पहाड़ पर अवैध के मामले में खनिज विभाग की चुप्पी भी सवाल खड़ा करती रही है। गाधानेर के ग्रामीणों ने 27 जनवरी 20 को जिला कलेक्टर को ज्ञापन देकर गाधानेर के पहाड़ पर रसूख के दबाव में अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया था। ऐसे में जिला कलक्टर ने खनिज विभाग के एसएमई व एमईको भी पत्र लिखा। जानकर आश्चर्य होगा कि आठ माह गुजरने के बाद अब अधीक्षण खनि अभिंयता ने आठ माह बाद 10 सितम्बर 2020 को खनि अभियंता खान एवं भू विज्ञान विभाग, पहाड़ी एसडीएम को कार्रवाई के लिए पत्र निकाल कर तीन दिवस में कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

वो सवाल जो मांग रहे जबाव

-गाधानेर के पहाड़ पर अवैध खनन के लिए विस्फोटक कहां से सप्लाई हो रहा था?

-अगर लाइसेंसधारी मैगजीन वाला दे रहा था तो कार्रवाई क्यों नहीं?

-हर साल खनिज विभाग की ओर से लीजों की पैमाइश क्यों नहीं होती?

-नांगल इलाको में वैध लीजों की आड़ में कब से अवैध खनन चल रहा?

-खनिज विभाग व संबंधित विभाग अब तक किसके दबाव में शांत रहे?

-आगामी समय में अवैध खनन रोकने के लिए क्या रणनीति बनाई जाएगी?

-एक साल में इसी पहाड़ को लेकर एक दर्जन मुकदमों में क्या हुआ?

-नांगल जॉन में 250 रुपए प्रत्येक ट्रक से अवैध वसूली के नाम पर करोड़ों रुपए किसलिए?

-खननमाफिया की पथराव व फायरिंग का हमने माकूल जबाव दिया है। कोई भी पुलिसकर्मी चोटिल नहीं हुआ है। बाकी पांच पोकलेन मशीनों के अलावा कई वाहन बरामद किए गए हैं। खननमाफियाओं की तलाश के लिए टीमों को लगा दिया गया है। जल्द ही उनकी गिरफ्तारी की जाएगी।
डॉ. अमनदीप कपूर
एसपी

Meghshyam Parashar Bureau Incharge
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