बिल पास करने की एवज में 50 हजार की रिश्वत लेते जनरल मैनेजर व लेखापाल पकड़े

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो जयपुर (एसीबी) की टीम ने पचास हजार की रिश्वत लेते सहकारी समिति के निरीक्षक एवं क्रय विक्रय वैर का अतिरिक्त कार्य संभाल रहे जनरल मैनेजर रविंद्र सोनी व क्रय विक्रय सहकारी समिति वैर के ही संविदा पर कार्यरत लेखापाल हरदयाल धाकड़ को रिश्वत लेते पकड़ा है।

By: rohit sharma

Published: 30 Dec 2020, 11:59 PM IST

भरतपुर. भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो जयपुर (एसीबी) की टीम ने पचास हजार की रिश्वत लेते सहकारी समिति के निरीक्षक एवं क्रय विक्रय वैर का अतिरिक्त कार्य संभाल रहे जनरल मैनेजर रविंद्र सोनी व क्रय विक्रय सहकारी समिति वैर के ही संविदा पर कार्यरत लेखापाल हरदयाल धाकड़ को रिश्वत लेते पकड़ा है। रिश्वत की यह राशि बयाना के बामडा मंदिर कॉलोनी निवासी विशाल अग्रवाल पुत्र विष्णु अग्रवाल से दो लाख के बिलों के भुगतान के एवज में मांगी गई थी। एसीबी जयपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आलोक चंद्र शर्मा के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भरतपुर महेश मीणा के सहयोग से डिप्टी एसपी नीरज गुरनानी ने टीम के साथ कार्रवाई को अंजाम दिया। मुख्य आरोपी जनरल मैनेजर सोनी ने अपने कर्मचारी लेखापाल हरदयाल धाकड़ को मंगलवार रात रिश्वत की यह राशि लेने के लिए परिवादी विशाल अग्रवाल की दुकान पर बयाना-वैर हाउस रोड गया था। लेखापाल हरदयाल ने रिश्वत की राशि लेकर जेब में रख ली। इस बीच इशारा पाते ही एसीबी की टीम ने उसे रंग हाथ पकड़ लिया। बाद में एसीबी ने हरदयाल धाकड़ के मोबाइल से स्पीकर ऑन कर जनरल मैनेजर रविंद्र सोनी को फोन करवाया। बातचीत में सोनी की भूमिका की पुष्टि होने पर एसीबी टीम रात को ही भरतपुर पहुंची और जनरल मैनेजर सोनी को भरतपुर शहर के सहयोग नगर स्थित उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। टीम की ओर से मंगलवार देर रात तक कार्रवाई की गई। पूछताछ कर बुधवार सुबह आरोपियों को लेकर भरतपुर रवाना हो गए।
एसीबी के डिप्टी एसपी नीरज गुरनानी ने बताया कि परिवादी विशाल अग्रवाल ने वर्ष 2018-19 में वैर क्रय विक्रय सहकारी समिति का समर्थन मूल्य पर सरसों खरीद का ट्रांसपोर्टेशन एवं हैंडलिंग का कार्य किया था। जिसके कार्य की राशि करीब 65 लाख क्रय-विक्रय सहकारी समिति विभाग की ओर बकाया चल रही थी। विभाग के अधिकारियों द्वारा पूर्व में कुछ राशि का भुगतान दबाव बनाकर धमकाकर पैसे लेकर ही किया गया है। सहकारी समिति के इंस्पेक्टर व सहकारी समिति के जनरल मैनेजर रविंद्र कुमार सोनी ने परिवादी विशाल से उसके 2 लाख के बिलों के भुगतान के एवज में 50 हजार की रिश्वत की राशि मांगी थी। इस पर परिवादी विशाल ने एसीबी जयपुर में शिकायत दर्ज कराई, जिसका सत्यापन किया गया। सत्यापन के बाद एसीबी टीम ने मंगलवार देर शाम बयाना पहुंचकर 50 हजार की रिश्वत लेते लेखापाल हरदयाल धाकड़ निवासी गांव ब्रह्मबाद तहसील बयाना को रंगे हाथ दबोच लिया। बाद में टीम भरतपुर पहुंची और सहयोग नगर स्थित रविंद्र कुमार सोनी को उसके आवास से गिरफ्तार कर लिया। एसीबी ने गिरफ्तार दोनों आरोपियों को भरतपुर स्थित एसीबी न्यायालय में पेश किया है। जहां से उन्हें जेल भेज दिया।

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