ग्लेंडर्स बीमारी मिलने पर एक घोड़ी को बेहोशी की दवा देकर मारा

ग्लेंडर्स बीमारी मिलने पर एक घोड़ी को बेहोशी की दवा देकर मारा
Glenders hit

Rohit Sharma | Updated: 04 Jun 2019, 10:48:30 PM (IST) Bharatpur, Bharatpur, Rajasthan, India

नगर तहसील के गांव गहनकर में एक घोड़ा व घोड़ी में संक्रामक रोग ग्लेंडर्स के लक्षण मिलने पर पशु चिकित्सा एवं पशु पालन विभाग की टीम ने रोग से संक्रमित एक घोड़ी को बेहोशी की दवा देकर उसे मार कर दफना दिया।

भरतपुर. नगर तहसील के गांव गहनकर में एक घोड़ा व घोड़ी में संक्रामक रोग ग्लेंडर्स के लक्षण मिलने पर पशु चिकित्सा एवं पशु पालन विभाग की टीम ने रोग से संक्रमित एक घोड़ी को बेहोशी की दवा देकर उसे मार कर दफना दिया। जबकि एक घोड़ा मालिक अपने घोड़े को लेकर भाग गया, जिस पर विभाग ने उसे नोटिस दिया है। पशु पालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ.नागेश चौधरी ने बताया कि गांव गहनकर निवासी शिब्बा व विरमा ने पिछले दिनों अपने घोड़ा व घोड़ी के बीमार होने पर उपचार के लिए अलवर ले गए थे। जहां जांच के दौरान उनमें संदिग्ध रूप से ग्लेंडर्स नामक बीमारी मिली। इसके बाद इन पशुओं के सैंपल लेकर उन्हें राजकीय प्रयोगशाला जयपुर भिजवाया। यहां भी संदिग्ध मिलने पर इनके सैम्पल विस्तृत जांच के लिए राष्ट्रीय प्रयोगशाला हिसार (हरियाणा) भेजा गया।

 

हिसार प्रयोगशाला में जांच के दौरान दोनों के सैंपल में ग्लेंडर्स बीमारी के लक्ष्मण पॉजिटिव मिले। जिसकी सूचना राजस्थान सरकार को दी। इस सूचना से पशुपालन विभाग में हड़कंप मच गया। जिस पर उपखंड स्तर पर सूचना देकर स्थानीय पशु चिकित्सा प्रभारी डॉ.तेज सिंह रीठा तहसीलदार त्रिलोक चंद गुप्ता सहित अन्य की दो टीम गठित की गई। दोनों टीमों ने 31 मई को गांव पहुंचकर दोनों पशुपालकों को रोग ग्रसित घोड़-घोड़ी को संवैधानिक नियम अनुसार आधुनिक वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण करने के लिए सहमत करने का प्रयास किया। इसी सिलसिले में मंगलवार को विभाग की टीम ने पुलिस प्रशासन के गांव पहुंची तथा दोनों पशुपालकों से निस्तारण के लिए उन्हें सहमत करने का प्रयास किया इसमें से विरमा तो सहमत हो गया जबकि शिब्बा ने सहमति पत्र पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया। बताया जा रहा है कि वह अपने घोड़े को लेकर मौके से भाग गया। उधर, टीम ने संक्रमित रोग से ग्रसित घोड़ी को बेहोशी की दवा देकर मार दिया और करीब 8 फीट गहरे गड्ढे में दफना दिया।

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