Bharatpur news ...पशुओं को दवा नहीं तो कैसे हो उपचार

Bharatpur news ...पशुओं को दवा नहीं तो कैसे हो उपचार
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Pramod Kumar Verma | Updated: 02 Aug 2019, 10:00:01 AM (IST) Bharatpur, Bharatpur, Rajasthan, India

भरतपुर. सरकार की नि:शुल्क पशु दवा योजना औपचारिकता बनकर रह गई है।

भरतपुर. सरकार की नि:शुल्क पशु दवा योजना औपचारिकता बनकर रह गई है। शुरूआत में 128 तरह की दवाएं और अब लगातार टोटा बना हुआ है। इसमें विशेष रूप से पट्टी, पोटेशियम परमेग्नेट(लाल दवा)और थर्मा मीटर वर्षों से जिले के दो सौ से अधिक पशुचिकित्सा केंद्रों पर उपलब्ध नहीं कराए गए। इसलिए पशु के घाव की मरहम-पट्टी कराने वाले एक पशुपालक को करीब 200 से 250 रुपए की दवा बाजार से खरीदकर नुकसान का खामियाजा भुगतना पड़ता है।


गौरतलब है कि एक पशु चिकित्सा केंद्र पर एक दिन में करीब 04 पशुपालक अपने पशुओं के घाव की मरहम-पट्टी कराने आते हैं। ऐसे में दो सौ केंद्रों पर लगभग 800 पशुपालक प्रतिदिन पहुंचते हैं, जहां पट्टी, लाल दवा और थर्मा मीटर के उपलब्ध नहीं होने से इन्हें बाजार से खरीदकर लानी पड़ती है। बाजार में पट्टी, लाल दवा, एंटीसेप्टीक स्प्रे, थर्मा मीटर खरीदें तो करीब 200 रुपए तक पड़ते हैं। इस एवज में इन पशुपालकों पर लगभग 01 लाख 60 हजार रुपए का भार पड़ता है।


हालांकि, विभाग ने जिले में दवाओं की कमी को देखते हुए निदेशालय को 75 लाख रुपए के बजट की 28 तरह की दवाओं की डिमांड भेज रखी है। माना जाता है कि यह आगामी छह माह के लिए भरपूर होगी। बताया गया है कि फिलहाल जिले में सभी पशुचिकित्सा केंद्रों पर दवाओं की पूर्ति कर दिए जाने के कारण संभाग मुख्यालय पर दवा भंडारगृह खाली पड़ा है।

पट्टी, लाल दवा और थर्मा मीटर के अलावा एंटीसेप्टीक स्प्रे, इंजेक्शन में एंड्रो फ्लॉक्सासिन, जेंटामाइसिन, ऑक्सी स्टेक्लिन, सेफा प्रोजान, सल्फाड्रिम आदि इंजेक्शन भी नहीं हैं। इनके नहीं होने से पशुओं को प्राथमिक उपचार के भी लाले पड़ जाते हैं। यहां तक कि पशुचिकित्सालयों में गंदगी को साफ करने के लिए फिनायल तक उपलब्ध नहीं है।

पशुपालन विभाग भरतपुर में संयुक्त निदेशक डॉ. नगेश चौधरी का कहना है कि विभाग ने 75 लाख रुपए की दवाओं की आपूर्ति के लिए डिमांड भेजी है, जो शीघ्र आ जाएंगी। फिलहाल सभी पशुचिकित्सा केंद्रों पर दवाइयां हैं। पोटेशियम परमेग्न और पट्टी भी उपलब्ध कराई जाएगी।

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