11 दिन से लापता रेहान की मां बोली: मैं इस सिस्टम से हारी हूं लेकिन मेरी ममता नहीं

-प्रतापनगर कॉलोनी के 15 वर्षीय बालक रेहान शर्मा का नहीं लगा सुराग, राज्यमंत्री सुभाष गर्ग ने एसपी व आईजी से की बात

By: Meghshyam Parashar

Published: 15 Sep 2020, 10:01 AM IST

भरतपुर. मेरा बेटा...रेहान मेरी ही नहीं पापा की आंखों का भी तारा है। उसकी बहन जान्वही का प्यारा भाई है। हम तीनों अब इस सिस्टम से हार चुके हैं, लेकिन मेरी ममता और हम तीनों का उसके प्रति प्यारा जरूर जीतेगा। ऐसा मेरा विश्वास है। क्योंकि जो बेटा आधा घंटे के लिए भी दूर नहीं जाता था। उसे देखे 11 दिन गुजर चुके हैं। अब तो खाना तो सबकुछ भूल गए हैं। ऐसा कहते हुए प्रतापनगर कॉलोनी के 15 वर्षीय बालक रेहान शर्मा की सीमा शर्मा की आंखों से आंसू बहने लगे। उल्लेखनीय है कि कोतवाली थाने में दर्ज कराई गुमशुदगी रिपोर्ट में मनोज कुमार शर्मा पुत्र रामशरण शर्मा निवासी प्रताप कॉलोनी ने बताया था कि पांच सितंबर को दोपहर करीब एक बजे उसका बेटा रेहान घर से निकल गया था। फुटेज में वह कुम्हेर गेट से ऑटो से रेलवे स्टेशन से पहुंचना पाया गया है। अभी तक पुलिस उस बच्चे का सुराग नहीं लगा पाई है। जहां परिजनों का कहना है कि उनके मोबाइल नंबर दो बार रकम मांगी गई है। एक फरीदाबाद तो दूसरी बार कहीं और से रकम मांगने पर भेजी गई है। गत दिवस बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष गंगाराम पाराशर ने भी इस मामले में पुलिस की ओर देर किए जाने पर नाराजगी व्यक्त की थी। इधर, तकनीकी शिक्षा एवं चिकित्सा राज्यमंत्री डॉ. सुभाष गर्ग ने भी इस मामले में पुलिस की ओर से देरी बरतने की शिकायत के बाद एसपी डॉ. अमनदीप कपूर व आईजी संजीव नर्जरी से बात कर बालक को बरामद करने के निर्देश दिए।
बालक की तलाश के लिए पुलिस की टीमों का गठन कर हरियाणा के उन स्थानों पर भेजा गया है, जहां से फोन कर बालक के परिजनों से राशि खातों में ट्रांसफर कराई गई थी। हालांकि सोमवार देर रात तक बालक को लेकर पुलिस के हाथ कोई साक्ष्य नहीं लग सकते हैं। हालांकि पुलिस ने जिन एक्सपर्ट से बात की है उनका मानना है कि अगर बालक बाहर गया होता तो राशि लेकर घर से जाता, लेकिन परिजनों ने इस बात से इंकार कर दिया है कि बालक घर से रकम लेकर नहीं गया है। ऐसे में अपहरण की बात पर भी विश्वास करना इसलिए मुश्किल है कि जिन लोगों ने परिजनों को फोन कर राशि मांगी है वह टट्लूबाज गिरोह से संबंध रखते हैं। हालांकि हकीकत का पता राशि खाते में डलवाने वालों को पकडऩे के बाद ही हो सकेगा। बालक के पिता मनोज शर्मा पेशे से फोटोग्राफर हैं। वह मध्यमवर्गीय परिवार से है। इसलिए पुलिस का आंकलन है कि फिरौती की रकम के लिए अपहरण करना मुश्किल लग रहा है। ऐसे में पुलिस की ओर से अन्य एंगलों को ध्यान में रखकर भी जांच की जा रही है।

पिता ने कहा...किसी से क्या कहें अब खुद हिम्मत हार चुके

लापता बालक रेहान शर्मा के पिता मनोज शर्मा ने बताया कि वह पत्नी सीमा व बेटी जान्हवी को संभालने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन हम सभी परिजन अब हिम्मत हार चुके हैं। अब तो बस ईश्वर से ही प्रार्थना कर रहे हैं कि आखिर किसी भी तरह उनका बेटा वापस आ जाए। परिजनों की ओर से पुलिस के इस प्रकरण में लापरवाही बरतने व देरी से कार्रवाई करने को लेकर भी पिछले दिनों नाराजगी जताई जा चुकी है।

इधर, फोटोग्राफर्स एसोसिएशन ने भी जताया विरोध

भरतपुर फोटोग्राफर्स एसोसिएशन की बैठक अध्यक्ष अशोक शर्मा की अध्यक्षता में बुलाई गई। इसमें रेहान शर्मा को सुराग नहीं लगने पर पुलिस पर आरोप लगाया गया। बल्कि पुलिस सुराग इक_ा करने की बजाय परिजनों पर ही आरोप लगा रही है कि आप लोगों ने स्कूल की फीस जमा नहीं कराई और बच्चे पर पढाई का दबाव बनाया इस वजह से बच्चा गायब हो गया है। जबकि इस बात में सत्यता नहीं है जबकि परिजन पुलिस को बता चुके हैं कि उनके पास फिरौती के लिए दो बार फोन भी आए हैं। इस मामले को लेकर जिला कलक्टर व एसपी को ज्ञापन दिया जाएगा। बैठक में सचिव राजू भारद्वाज ने भी विचार रखे।

-मैंने एसपी व आईजी से इस प्रकरण को लेकर बात की है। एसपी ने बताया कि आज अखबार में भी इस प्रकरण को पढ़ा था। ऐसे में कोतवाली थाने से जानकारी ली गई है। जल्द ही बालक का पता लगाया जाएगा। खुद पुलिस अधिकारी भी परिजनों को आश्वास्त करेंगे कि बच्चे का जल्द सुराग लगा लिया जाएगा।

डॉ. सुभाष गर्ग
तकनीकी शिक्षा एवं चिकित्सा राज्यमंत्री

Meghshyam Parashar Bureau Incharge
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