घरों में होगी ईद-उल-फितर की नमाज, 29वें रोजे पर चांद दिखा तो 25 को रहेगी ईद

-कोरोना के चलते घर पर नमाज अदा करने का ऐलान

By: Meghshyam Parashar

Published: 23 May 2020, 01:49 PM IST

भरतपुर. ईद-उल-फितर पर हर साल ईदगाह में सुबह से सजदे में झुकते सिर, इबादत को उठते थे हाथ। इसके बाद ईद मुबारक कहने व गले मिलने का सिलसिला देर रात तक चलता था। सेवइयों की मिठास के संग सामाजिक सौहाद्र्र का नजारा कुछ ऐसा ही पूरे शहर में रहता था। क्या बच्चे, क्या नौजवान, क्या उम्रदराज सभी ईद की खुशियों में मगन रहते थे, लेकिन इस बार कोरोना महामारी के कारण लॉकडाउन चल रहा है। इसके बचाव के लिए प्रशासन ने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने को कहा है। जिला वक्फ कमेटी के सदर मुंशी खान ने बताया कि यह ऐलान किया है कि इस साल मस्जिदों या ईदगाह में ईद-उल-फितर की नमाज का एहतेमाम नहीं रहेगा। 30 रोजे पूरे होने बाद सोमवार 25 मई को ईदुलफितर का त्योहार मनाया जाएगा। रमजान महीना अब समाप्ति की ओर है। इसके साथ ही ईद की तैयारियां भी इस बार घरों में शुरू हो गई हैं। ईद-उल-फितर को लेकर बाजार में सेवइयों व ड्रायफ्रूट्स सहित कपड़ों की दुकानें बाजार में सजी हैं, लेकिन कोरोना वायरस के चलते मुस्लिम समाज के कई घरों में सेवइयों भी खुद ही तैयार की जा रही हैं। रमजान उल मुबारक के 30 रोजे रखने के बाद जो खुशी का दिन नसीब होता है उसे ही ईदुलफितर कहते हैं और ईद की असली रूहानी खुशी उन्हीं को नसीब होती है जो पाबंदी के साथ 30 रोजे रखते हैं।

जिले में अब तक 6 हजार 307 किसानों से एमएसपी पर खरीद

भरतपुर. जिले में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सरसों, चना और गेहूं की खरीद होने से किसानों को कोरोना वायरस संक्रमण के कारण जारी लॉकडाउन में राहत मिली है। भरतपुर जिले में 29 गौण मण्डी यार्ड पर अब तक 6 हजार 307 किसानों ने न्यूनतम समर्थन मूल्य पर फसल विक्रय का लाभ उठाया है और अब तक 40 करोड़ 35 लाख रुपए से अधिक का भुगतान किसानों को किया जा चुका है। सहकारिता विभाग के उप रजिस्ट्रार राजीव लोचन ने बताया कि न्यूनतम समर्थन मूल्य पर जारी खरीद में 5 हजार 767 किसानों ने 14 हजार 531 टन सरसों, 101 किसानों ने 139 टन चना और 439 किसानों ने 1 हजार 816 टन गेहूं का विक्रय किया है। जिनमें से 3 हजार 343 किसानों को सरसों खरीद का 37 करोड़ 90 लाख 32 हजार 806 रुपए, 92 किसानों को चना खरीद का 61 लाख 49 हजार 835 रुपए और 213 किसानों को गेहूं खरीद का 1 करोड़ 84 लाख एक हजार 112 रुपए का भुगतान किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि गौण मण्डियों पर जारी खरीद में सोशल डिस्टेंसिंग, सेनेटाइजर, मास्क की अनिवार्यता तथा कोविड-19 की चिकित्सकीय गाइडलाइन की पालना सुनिश्चित कराई जा रही है। गौण मण्डी परिसरों में नियमित रूप से सोडियम हाइपोक्लोराइड का छिड़काव एवं साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। पंजीकरण कराने वाले किसानों को राजफैड के माध्यम से खरीद की तारीख की सूचना एसएमएस के माध्यम से प्राप्त हो जाती है।

Meghshyam Parashar Bureau Incharge
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