मन चाहा उस शिक्षक को जोड़ा तो किसी को सूची से छोड़ा

-डीईओ ने लिखा सीबीईओ को लिखा पत्र

By: Meghshyam Parashar

Published: 29 May 2020, 02:09 PM IST

भरतपुर. शिक्षा विभाग की ओर से निकलने वाली शिक्षकों की अस्थायी पात्रता सूची में मनचाहा उस शिक्षक को जोड़ दिया जाता है और मनचाहा तो उसे छोड़ दिया जाता है। डीपीसी के नाम गड़बड़ी का यह खेल पिछले कई वर्षों से चल रहा है। हकीकत यह है कि इस गड़बड़ी में बड़ी जिम्मेदारी खुद डीईओ कार्यालयों की होती है। क्योंकि उनकी ओर से ही सूचियां संयुक्त निदेशक स्कूल शिक्षा कार्यालय में भेजी जाती है। जहां उन सूचियों को अस्थायी पात्रता सूची बताकर जस का तस जारी कर दिया जाता है। उल्लेखनीय है कि राजस्थान पत्रिका ने 27 मई अंक में जिनका वर्षों पहले प्रमोशन हो चुका, उनका भी दिया पात्रता सूची में नाम शीर्षक से समाचार प्रकाशित कर मामले का खुलासा किया था। मामले का लगातार खुलासा होने के बाद अब भी शिक्षा विभाग के अधिकारियों की ओर से खुद की कमियों को छिपाने का प्रयास किया जा रहा है। जिला शिक्षा अधिकारी मुख्यालय माध्यमिक प्रेमसिंह कुंतल ने जिले के सभी मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों को जारी पत्र में कहा है कि 2020-21 में पदोन्नति के लिए अस्थायी पात्रता सूची जारी की गई है। उक्त पात्रता सूची में परीक्षण करने पर ब्लॉकों में कार्यरत तृतीय श्रेणी शिक्षकों का विवरण भेजा जा रहा है। इसलिए संबंधित बिंदुओं के आधार पर 29 मई की सुबह 10 बजे तक रिपोर्ट प्रेषित करें। संबंधित शिक्षक का पदस्थापन सूची में अंकित विद्यालय में है या नहीं यदि नहीं है तो किस विद्यालय में कार्यरत है। पात्रता सूची के विवरण में संबंधित शिक्षक का विषय भी अंकित किया गया है। इसलिए विषय की जांच करें। यदि विषय में भिन्नता पाई जाती है तो अन्य विषय में नाम जुड़वाने के लिए प्रकरण तैयार कर भेजें। संबंधित कार्मिकों की सात वर्ष की वार्षिक कार्य मूल्यांकन प्रतिवेदन वर्ष 2013-14 से 2019-20 तक तैयार कर भेजनी है। संबंधित शिक्षकों के संतान संबंधी शपथ पत्र भी भेजने हैं। यदि किसी कार्मिक के खिलाफ विभागीय जांच है तो उसका विवरण भी भेजा जाए।

शिक्षक संघ शेखावत देगा ज्ञापन

राजस्थान शिक्षक संघ शेखावत के प्रदेश संयुक्त मंत्री पवन शर्मा ने बताया कि डीपीसी से संबंधित शिक्षकों की समस्याओं को लेकर जिला प्रशासन के साथ शिक्षा विभाग के अधिकारियों को ज्ञापन दिया जाएगा। इसमें सवाल खामियों को सुधारने के साथ ही एक और है कि जिन शिक्षकों के नाम सूची में नहीं जोड़े गए हैं, उनके भी नाम जोड़े जाएं। इस प्रक्रिया के लिए समय सीमा और बढाई जानी चाहिए। अन्यथा शिक्षक संघ की ओर से इन मांगों को लेकर विरोध भी किया जाएगा।

Meghshyam Parashar Bureau Incharge
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