स्क्रीनिंग के लिए स्वीकृति लेकर जनप्रतिनिधियों से कर रहे अवैध वसूली

-पार्षदों की शिकायत पर सीएमएचओ ने निरस्त की स्वीकृति

By: Meghshyam Parashar

Published: 24 May 2020, 09:12 PM IST

भरतपुर. कोरोना संक्रमण की आशंका को देखते हुए संदिग्ध मरीजों की पहचान में मदद करने के बहाने अवैध वसूली करने का मामला सामने आया है। हालांकि समय पर इस प्रकरण की शिकायत सामने आने पर सीएमएचओ ने स्क्रीनिंग की स्वीकृति निरस्त करने का आदेश रविवार को निकाला है। स्वीकृति भी बगैर किसी राशि के स्क्रीनिंग करने की शर्त पर दी गई थी, लेकिन संबंधित संस्था ने कुछ पार्षदों से राशि की डिमांड की तो मामला सामने आया। पोल खुलने के बाद इसके पदाधिकारी भी भूमिगत हो चुके हैं। सीएमएचओ ने बताया कि राजीव गांधी वेलफेयर सोसायटी जयपुर के अध्यक्ष व संचालक को भरतपुर में कोरोना वायरस संक्रमण की स्क्रीनिंग करने के लिए स्वीकृति प्रदान की गई थी, लेकिन संस्था की ओर से जिले के कई जनप्रतिनिधियोंसे राशि की मांग की शिकायत प्राप्त होने के कारण स्वीकृति निरस्त की गई है। इसलिए यह संस्था अब जिले में कहीं भी स्क्रीनिंग या कोई भी कार्य संपादित नहीं कर सकेगी। यदि ऐसा करते हुए पाया जाता है तो विभाग की ओर से उक्त संस्था के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उल्लेखनीय है कि उक्त संस्था की ओर से शहर के करीब तीन दर्जन से अधिक वार्डों व जिले के विभिन्न इलाकों में खुद के स्तर पर स्क्रीनिंग का कार्य किया गया है। इसकी ओर से जनप्रतिनिधियों से उनके इलाके में स्क्रीनिंग कराने के नाम पर राशि वसूलने की शिकायत लगातार सामने आ रही थी, लेकिन समय रहते कार्रवाई नहीं की गई है। पहले यह शिकायतें प्रशासनिक अधिकारियों के पास पहुंच रही थी। जब मामला उच्च अधिकारियों के पास पहुंचा तो आनन-फानन में कार्रवाई की गई। मामला प्रकाश में आने के बाद खुद सीएमएचओ ने भी ऑडियो जारी कर इस प्रकरण के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

संभलिए भरतपुरवासियों...बाजार भले ही खुला पर कोरोना खत्म नहीं

भरतपुर. शहर के मुख्य बाजार में कोरोना संक्रमण को लेकर जागरुकता सिर्फ सपना बनी हुई है। हालत यह है कि रविवार को भी बाजार में सोशल डिस्टेंसिंग की खुलेआम धज्जियां उड़ती नजर आई। इन्हें समझाने या रोकने वाला भी कोई दिखाई नहीं दिया। ऐसा लगा कि मानो आमजन भूल गया हो कि बाजार भले ही खुले गए परंतु कोरोना खत्म नहीं हुआ है।

पहली बार घरों में ही होगी ईद-उल-फितर की नमाज

भरतपुर. ईद-उल-फितर पर हर साल ईदगाह में सुबह से सजदे में झुकते सिर, इबादत को उठते थे हाथ। इसके बाद ईद मुबारक कहने व गले मिलने का सिलसिला देर रात तक चलता था। सेवइयों की मिठास के संग सामाजिक सौहाद्र्र का नजारा कुछ ऐसा ही पूरे शहर में रहता था। क्या बच्चे, क्या नौजवान, क्या उम्रदराज सभी ईद की खुशियों में मगन रहते थे, लेकिन इस बार कोरोना महामारी के कारण लॉकडाउन चल रहा है। इसके बचाव के लिए प्रशासन ने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने को कहा है। ऐसे में सोमवार को घरों में ही ईद की नमाज अता की जाएगी। जिला वक्फ कमेटी के सदर मुंशी खान ने बताया कि यह ऐलान किया है कि इस साल मस्जिदों या ईदगाह में ईद-उल-फितर की नमाज का एहतेमाम नहीं रहेगा। शहर के मोरी चार बाग निवासी जाकिर हुसैन ने बताया कि सोमवार को ईदुलफितर का त्योहार मनाया जाएगा।

-मेरे वार्ड में संबंधित संस्था ने तापमान मापने की दो मशीन दिलाने पर पूरे वार्ड में स्क्रीनिंग कराने को कहा था। इसके लिए पार्षद रामेश्वर सैनी से 15 हजार रुपए लेने के बाद 40 हजार रुपए और मांगे थे। उनके अलावा दो और पार्षदों के साथ भी ऐसा ही किया गया है।
संजय शुक्ला
वार्ड पार्षद नगर निगम

Meghshyam Parashar Bureau Incharge
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