सिमको कर्मियों की हक लड़ाई लड़ रहे चार नेताओं को दो घंटे तक थाने में बैठाया, भाजपा नेता गिरधारी तिवारी से अभद्रता

-उद्योगनगर थाने का मामला, एसएचओ को निलंबित करने की मांग को लेकर हंगामा
-समझाइश करने पहुंचे पुलिस अधिकारियों से हुई कहासुनी

By: Meghshyam Parashar

Updated: 07 Sep 2020, 09:06 AM IST

भरतपुर. उद्योगनगर थाने में रविवार रात करीब एक घंटे तक जमकर हंगामा हुआ। मामला पिछले कुछ दिन से चल रहे सिमको प्रबंधन से जुड़ा था। इसमें सिमको कर्मचारियों के हक की लड़ाई लड़ रहे चार नेताओं को पुलिस ने एसएचओ से मिलने की बात कहकर दो घंटे तक थाने में बैठाए रखा। जबकि खुद एसएचओ छुट्टी पर थे। जब प्रकरण को लेकर एएसआई के मोबाइल से ही भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष गिरधारी तिवारी ने एसएचओ सीपी चौधरी से बात की तो उन्होंने गाली गलोंच करते हुए थाने में बंद करने की धमकी दे डाली। हालांकि उनका आरोप था कि एसएचओ ने फोन पर काफी कुछ गंदा बोला है, जो कि एक नेता ही नहीं बल्कि आम आदमी के लिए भी नहीं बोला जाता।
जानकारी के अनुसार पिछले कुछ दिन सिमको प्रबंधन की ओर से कर्मचारियों से आवास खाली कराने के मामले लेकर विवाद चल रहा है। इस मामले को सिमको बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले आंदोलन भी हो रहा है। दो दिन पूर्व ही इस समिति के नेता श्रम विभाग के अधिकारी नीरज के पवन से मिले थे। जहां उन्होंने कर्मचारियों की सूची के अलावा सारे दस्तावेज इक_ा कर भेजने के बाद दोनों पक्षों से बातचीत करने को कहा था। रविवार शाम करीब पांच बजे समिति के कृपाल सिंह ठैनुआ, अशोक जैन, व्यापार महासंघ के शहर महामंत्री नरेंद्र गोयल, नगर निगम के पूर्व नेता प्रतिपक्ष इंद्रजीत भारद्वाज उर्फ भूरा सिमको लेबर कॉलोनी में दस्तावेज इक_ा कर रहे थे। इतने में ही उद्योगनगर थाने से पहुंचे पुलिसकर्मियों ने कहा कि एसएचओ साहब ने उन्हें बुलाया है। ऐसे में जब पांचों नेता थाने में पहुंचे तो एसएचओ के छुट्टी पर होने की बात पता चली। उनका आरोप था कि पुलिस ने उन्हें करीब दो घंटे तक थाने में बैठाए रखा। जब अन्य व्यापारी व भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष गिरधारी तिवारी पहुंचे तो उन्होंने एएसआई से बात की। एएसआई ने जब उनकी बात एसएचओ से कराई तो उन्होंने गिरधारी तिवारी के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करते धमकी दे डाली।

आरोप...सीओ सिटी भी लेते रहे एसएचओ का पक्ष

घटना की सूचना पाकर रात करीब पौने आठ सीओ सिटी सतीश वर्मा थाने पहुंचे। जहां व्यापारियों व नेताओं ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। ऐसे में जब पीडि़तों ने सीओ सिटी के सामने अपना पक्ष रखा तो उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकरण की सच्चाई जानने के लिए पुलिस किसी को भी बुला सकती है। इस पर पीडि़तों ने आरोप लगाया कि पुलिस व प्रशासन दोनों ही पूंजीपतियों के इशारों पर बात कर रहे हैं। ऐसे में एक बार फिर विवाद की स्थिति बन गई। काफी कोशिशों के बाद भी सीओ सिटी के साथ समझाइश नहीं हो सकी। इस पर दो दिन में एसएचओ के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने पर बुधवार से एसपी ऑफिस परिसर में अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू करने का निर्णय लिया गया। इस दौरान जिला व्यापार महासंघ के अध्यक्ष संजीव गुप्ता, शहर अध्यक्ष भगवानदास बंसल, पार्षद श्यामसुंदर गौड़, भाजपा नेता शिवराज तमरौली समेत सैकड़ों लोग उपस्थित थे।

वो सवाल जिनके जबाव मांग रही जनता

1. अगस्त माह में चौबुर्जा स्थित होटल मालिक को कोतवाली थाने के हवालात में कपड़े उतार कर डाल दिया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो सकी?

2. उद्योगनगर थाना प्रभारी सीपी चौधरी को लेकर अब तक कई बार विवाद सामने आ चुके हैं। इससे पहले आदर्श नगर में महिला की हत्या के मामले में निर्दोष को फंसाने का आरोप लगा था। इसके अलावा बाबरिया गिरोह के मामले में निर्दोष को फंसाने का आरोप लगा था। कुछ माह पहले गुनसारा चौकी के मामले में भी विवाद हुआ था?

3. शहर में आए दिन मोबाइल लूट व बाइक चोरी की वारदात हो रही हैं, लेकिन पुलिस अफसर पीडि़तों के फोन तक उठाने से कतराते हैं?

4. अगर नए पुलिस अधिकारी भरतपुर की स्थिति को समझने में ही समय लगा देंगे तो अपराध कौन रोकेगा?

5. पुलिस का सिस्टम इतना कमजोर हो रहा है तो आखिर इसका कारण क्या है?

6. शहर के विधायक व दोनों मंत्री बढते अपराध व गुंडगिर्दी को लेकर पुलिस अफसरों से क्यों नहीं पूछ रहे?

Meghshyam Parashar Bureau Incharge
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