मारपीट के प्रकरण में राजीनामा नहीं होने पर की अंधाधुंध फायरिंग, सात घायल

-कोई मंदिर तो खेल मैदान जा रहा था, जिनका झगड़े से कोई मतलब ही नहीं वो ही हुए घायल
-शहर में फायरिंग की छह दिन में तीसरी वारदात

By: Meghshyam Parashar

Published: 16 Oct 2020, 01:20 PM IST

भरतपुर. शहर में पिछले कुछ समय से पुलिस फेल और अपराध बेलगाम नजर आ रहे हैं। मारपीट के प्रकरण में राजीनामा नहीं होने पर एक पक्ष के एक दर्जन से अधिक लोगों ने गुरुवार देर शाम सिमको कॉलोनी के पास फाटक नंबर 39 पर जमकर फायरिंग की। अंधाधुंध फायरिंग में राहगीर ही घायल हुए। जिनका झगड़े से कोई लेना देना नहीं था। घायलों को आरबीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद परिजनों में चीख पुकार मच गई। बड़ी संख्या में लोग मौके पर एकत्रित हो गए। पीडि़त पक्ष ने प्रकरण को लेकर पुलिस की कार्यशैली को लेकर भी विरोध व्यक्त किया। साथ ही आरोपी पक्ष की मदद करने का आरोप लगाया।
जानकारी के अनुसार 12 अक्टूबर को श्याम नगर में टैंट हाउस की दुकान चलाने वाले अरुण पुत्र ओमप्रकाश के परिवार के किसी सदस्य की मौत के बाद ब्रह्मभोज का आयोजन किया गया था। उसी दौरान विष्णु खेमरा हाल निवासी सूरजमल नगर, जगत गोपालगढ़, अनूप नूरपुर हाल निवास भट्टा कॉलोनी सिमको से कहासुनी हो गई। तीनों बदमाशों ने अरुण की पिटाई कर दी। उस समय भी आरोपियों के पास अवैध हथियार था। मौके पर पुलिस ने मामला शांत कराया। पुलिस ने ही दोनों पक्षों के बीच राजीनामा का प्रयास किया। गुरुवार शाम आरोपी पक्ष के एक दर्जन से अधिक लोग लाठी-डंडा व अन्य अवैध हथियार लेकर आए और फाटक नंबर 39 के पास राहगीरों पर ही फायरिंग शुरू कर दी। आरोपियों को शक था कि राहगीर अरुण के परिवार के ही सदस्य हैं। करीब पांच मिनट तक फायरिंग करने की बात पीडि़त पक्ष ने कही है। घायलों के बयान दर्ज किए गए हैं। सीओ सिटी सतीश वर्मा, मथुरा गेट थाने के एसएचओ लक्ष्मण सिंह व उद्योगनगर थाने के एसएचओ मौके पर पहुंचे। जहां परिजनों से घटना के बारे में जानकारी ली।
दर्दनाक...15 साल के बच्चों से लेकर 85 साल के वृद्ध तक पर फायरिंग
घटना में घायल अभिषेक पुत्र धर्मसिंह (15) निवासी शास्त्री नगर सिमको के खेल मैदान में खेलने जा रहा था। कै. बनयसिंह पुत्र रामभरोसी (62) निवासी श्यामनगर निवासी शाम को घूमने जा रहे थे। राहुल पुत्र सुखराम (21) निवासी श्याम नगर भी सिमको ग्राउंड में खेलने जा रहा था। दीवान सिंह पुत्र चंदन सिंह (75) दूध लेकर आ रहे थे, महेंद्र सिंह पूनियां पुत्र डूंगर सिंह (72) सिमको मंदिर में दर्शन करने जा रहे थे, संजू पुत्र निहाल सिंह (36) निवासी सिमको लेबर कॉलोनी प्राइवेट काम करता है वहां से घर जा रहा था, शैलेष पुत्र निहाल सिंह (50) सिमको लेबर कॉलोनी घूमने को गया था। सन्नी ने बताया कि घायलों में से किसी का भी चार दिन पहले हुए झगड़े से कोई मतलब नहीं था।

एक भी फायरिंग के आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकी पुलिस

10 अक्टूबर की शाम इकबाल पुत्र अजीज (22) ओल जिला मथुरा शाम को आरबीएम अस्पताल में अपने किसी दोस्त का इलाज कराने आया था। वह जघीना गेट स्थित पेट्रोल पंप पर बाइक में पेट्रोल डलवाने आया था। यहां एक बिना नंबर की बाइक व स्कूटी सवार से विवाद हो गया। दोनों ने ही उसे आगे देखने की धमकी दी। रीको रोड पर आरबीएम अस्पताल के पास बाइक सवार बदमाश पैर में गोली मारकर भाग गया। मथुरा गेट पुलिस अभी तक आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। इसी तरह न्यू आदर्श नगर कॉलोनी में 13 अक्टूबर की रात बहन के लिए ब्लड ले जा रहे बाइक सवार युवक पर फायरिंग की गई। इस घटना के आरोपी का भी पुलिस कोई खुलासा नहीं कर सकी है।

पुलिस अफसर बड़े या एक विवादित एसएचओ

फायरिंग की घटना के बाद उद्योगनगर एसएचओ भी अपनी कमियों को छिपाते नजर आए। आरबीएम अस्पताल में उन्होंने जिम्मेदार नागरिकों को ही वहां से जाने को कह दिया। खुद हाथापाई करने पर उतारू हो गए। यह वही एसएचओ हैं, जो कि अब तक कम से कम एक दर्जन से अधिक विवादों में शामिल रहे हैं। मामला बाबरिया गिरोह के नाम पर निर्दोष को फर्जी तरीके से फंसाने का हो या न्यू आदर्श नगर कॉलोनी में महिला की हत्या के मामले में निर्दोष को फंसाने के आरोप का। इसके अलावा सिमको प्रकरण के मामले में व्यापारियों को थाने में बंद कर पिटाई की धमकी देने का भी मामला था। इसके बाद भी एसपी और आईजी सबकुछ जानते हुए भी अनजान बने हुए हैं। आमजन का कहना है कि आखिर दोनों ही बड़े पुलिस अधिकारी किस नेता के दबाव में इस एसएचओ से दब रहे हैं, यह भी बड़ा सवाल उठता है।

Meghshyam Parashar Bureau Incharge
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