वाह री पुलिस ! तस्करों से जब्त की केंट्रा थाने से गायब, केंट्रा की जगह दिखाया पिकअप का चालान

- टाटा 407 पिकअप का चालान दिखाकर केंट्रा को छोडऩे में घिरी पुलिस

By: Meghshyam Parashar

Published: 21 Jun 2021, 03:57 PM IST

भरतपुर. पुलिस की एक और कारिस्तानी ने मेवात में पुलिस की किरकिरी करा दी है। राजनीतिक दखलंदाजी और सांठगांठ के चलते पुलिस का इकबाल घुटनों पर नजर आ रहा है। ताजा प्रकरण में जिले के मेवात में पहाड़ी पुलिस सवालों के घेरे में है।
गौवंश की तस्करी के लिए इस्तेमाल किए जाने की सूचना पर पुलिस जिस आयशर केंट्रा को गश्ती दल के प्रयासों के बाद मेवात के एक गांव के नोहरे से बरामद कर लाई थी, उसे पुलिस ने सारे कायदे ताक पर रखकर छोड़ दिया है। पुलिस ने एक अन्य टाटा 407 पिकअप के नाम चालान बनाकर पुलिस ने जब्त की गई केंट्रा को छोड़ दिया। इसके बाद पुलिस की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है। विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार 10 जून को गश्त के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि इलाके के कठौल गांव में एक आयशर केंट्रा खड़ी हुई है, जो गोतस्करी के लिए कुख्यात हरियाणा के जमालगढ़ के तस्करों की ओर से उपयोग ली जाती है। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और केंट्रा को अपने प्रयास से बरामद कर थाने लाने में सफल हो गई। पुलिस को केंट्रा में कुछ ऐसे अलामात भी पड़े मिले, इससे प्रतीत हो रहा था कि वाहन का उपयोग पशु तस्करी में ही किया जाता है। जब्त की गई गाड़ी किसी गुुरुग्राम निवासी व्यक्ति के नाम बताई गई है। केंट्रा के जब्त होते ही सांठ-गांठ और रसूख के दबाव का खेल शुरू हो गया। सूत्रों का दावा है कि गाड़ी को छोडऩे के लिए सौदा तय हुआ और उसके लिए एक अन्य वाहन के नंबरों पर चालान की पूरी स्क्रिप्ट तैयार की गई।

ऐसे तैयार हुई सांठगांठ की स्क्रिप्ट, लेकिन छूट गया सबूत

-पहाड़ी पुलिस ने आयशर केंट्रा को छोडऩे के लिए 11 जून को एक अलवर नंबर टाटा 407 पिकअप का चालान किया। वजह बताई गई कि दौराने जांच चालक के पास डीएल व आरसी नहीं मिली। इसी दिन पुलिस ने चार सौ रुपए का जुर्माना भी उक्त पिकअप के रजिस्ट्रेशन नंबरों के आधार पर भरकर जमा कर लिया, लेकिन यहां जिस वाहन को छोड़ा गया वह 407 पिकअप न होकर गोतस्करी की सूचना पर जब्त कर लाई गई आयशर केंट्रा थी।

- 10 जून को जिस आयशर केंट्रा को जब्त करने के लिए थाने का एएसआई गया। उसने गश्त से लौटने के बाद केंट्रा को जब्त करने का हवाला अपनी रोजनामचा रिपोर्ट में दर्ज नहीं कराया। वजह थी कि केंट्रा को जब्त करने के साथ ही पुलिस के पास सौदेबाजी के लिए दलालों ने संपर्क साधने की कवायद शुरू कर दी थी। इसी वजह से केंट्रा को पूरी रात अवैध जब्ती के तौर पर थाना परिसर में रखा गया।

-पिकअप का चालान बनाकर आयशर केंट्रा को छोडऩे की स्क्रिप्ट में पुलिस एक चूक कर गई। चालान की कॉपी में जो रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज है, वह वाहन परिवहन विभाग के रिकॉर्ड के मुताबिक टाटा मोटर कंपनी की 407 पिकअप है, जबकि चालान भुगतते समय पुलिस ने जो रसीद बनाई उसमें पिकअप के रजिस्ट्रेशन नंबर लिखने के साथ ही पुलिस से सच्चाई भी बयां हो गई। वाहन वर्ग में पुलिस ने लिखा है टाटा आयशर, जबकि टाटा और आयशर दोनों अलग-अलग वाहन निर्माता कंपनी है। गड़बड़ी करते वक्त पुलिस से खुद सच्चाई की एक लाइन सरकारी दस्तावेज में दर्ज हो गई, जिसकी सफाई अब उससे देते नहीं बन रही है।

-पत्रिका के पास थाने में जब्त खड़ी आयशर केंट्रा का फोटो है, जिसको थाने में किस आधार पर लाकर खड़ा किया गया और किस आधार पर छोड़ा गया। इसका कोई जवाब पुलिस के पास नहीं है। पिछले दिनों पहाड़ी के गांव बुराना के ग्रामीणों ने गौवंश से भरी पिकअप को पकड़ा था। इसका एक वीडियो भी वायरल हुआ था।, जिसमें गोतस्कर कहता है कि वह गोपालगढ़ थाने के एक कांस्टेबल को सात सौ रुपए देेकर वहां से निकलकर आया है। इसके बाद उक्त कांस्टेबल को थाने से हटा दिया गया था। हाल में कामां सर्किल के एक पुलिस अधिकारी पर बलात्कार के प्रकरण में रिश्वत के आरोप लग चुके हैं। मतलब साफ है कि मेवात में पुलिस की छवि खराब हो रही है।

इनका कहना है

मामला मेरी जानकारी में नहीं है। पता करवाता हूं।

- सुनील कुमार गुप्ता, थाना प्रभारी पहाड़ी

Meghshyam Parashar Bureau Incharge
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