स्कूल में नहीं व्याख्याता, बच्चों ने जड़ दिया स्कूल पर ताला

पहाड़ी पंचायत समिति के गांव सहसन में मंगलवार को स्कूली बच्चों ने स्कूल में एक भी व्याख्याता के नहीं होने को लेकर तालाबंदी कर विरोध जताया।

By: rohit sharma

Published: 10 Feb 2021, 09:36 PM IST

भरतपुर. पहाड़ी पंचायत समिति के गांव सहसन में मंगलवार को स्कूली बच्चों ने स्कूल में एक भी व्याख्याता के नहीं होने को लेकर तालाबंदी कर विरोध जताया। मौके पर मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी ने पहुंच कर समझाइश कर बच्चों की पढ़ाई बाधित नहीं होने का आश्वासन देकर समाधान कराया। प्रिंसीपल गिरीश कुमार मीणा ने बताया कि विद्यालय में बड़ी कक्षाओं के बच्चों का 18 जनवरी आना शुरू हुआ है।
विद्यालय में व्याख्याताओं के 5 पद स्वीकृत है। इस समय कोई भी पद भरा नहीं है। शिक्षण कार्य बाधित होने को लेकर बच्चों ने मंगलवार को स्कूल में तालाबंदी कर दीए जिसकी सूचना अधिकारी को दी। अधिकारी ने आकर समझाइश कर समाधान कराया है। विद्यालय कला संकाय के ही बच्चे हंै। अन्य संकाय यहां नहीं है। इस दौरान ग्रामीण भी मौके पर आ गए। सूचना पर मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी नत्था सिंह चतुर्वेदी, एसीबीओ चन्द्रशेखर वशिष्ठ स्कूल पंहुचे और समझाइश कर स्कूल खुलवाया। सीबीईओ चतुर्वेदी ने बताया कि विद्यालय में 3 व्याखताओ के पद रिक्त चल रहे थे अब यहां मौजूद दो व्याख्याताओं के स्थानांतरण हो जाने को लेकर तालाबंदी की गई है। बच्चों को आश्वास्त किया है कि संभावित संसाधन का उपयोग कर समूचित शिक्षण व्यवस्था करने का प्रयास किया जाएगा।


स्कूल में बच्चों की स्थिति

9वीं कक्षा में 67 का नामांकन है जिसमें से सोमवार को 27 बच्चे आए। कक्षा 10 में नामांकन 94 बच्चों का स्कूल आ रहे 69, कक्षा 11वीं में 71 का नामांकन आ रहे 24, तथा कक्षा 12वीं में नामांकन 19 सोमवार को आये 16 बच्चे। वहीं कक्षा 6 से 8 के बच्चों ने सोमवार से आना शुरू किया है। विद्यालय में 3 वरिष्ठ अध्यापक, 5 अध्यापक जिनमें से दो अध्यापको के पद रिक्त हंै। बच्चों ने स्कूल के गेट पर ताला लगा प्रदर्शन किया।


गलघोटू की बीमारी से तीन पशुओं की मौत


कामां के गांव नगला जालिम में पशुओं को गलघोटू की बीमारी के चलते तीन पशुओं की मौत हो गई। जिसकी सूचना पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों की दी गई। लेकिन अभी तक कोई भी चिकित्सक गांव नगला जालिम नहीं पहुंचा है। जिससें ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। गांव न"ला जालिम निवासी जवाहर सिंह ने बताया कि गांव के ही महेश पुत्र खचेरा जाट की एक भैंस, एक गाय, एक पडिया की गलघोटू की बीमारी से तीनों पशुओं की मौत हो गई। जिसकी सूचना कामां के स्थानीय पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों की दी गई। लेकिन अभी तक कोई भी चिकित्सक मौके पर नहीं पहुंचा है। जिससे पशु पालको में भारी रोष व्याप्त है।

rohit sharma Reporting
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