राहुल के लिए रईशी बनी अभिशाप, बेसुधी के बीच बीत रही जिंदगी

- यातनाएं देकर हड़पी कोठी और पैसे, चंड़ीगढ़ पुलिस पहुंची अपना घर

By: Meghshyam Parashar

Published: 05 Mar 2021, 08:52 PM IST

भरतपुर . ऐशोआराम की जिंदगी के लिए भले ही रईश होना जरूरी है, लेकिन यही रईशी चंड़ीगढ़ निवासी राहुल मेहता के लिए अभिशाप बन गई। करोड़ों की संपत्ति के मालिक राहुल अब बेसुधी और बेबसी की जिंदगी जीने को विवश हैं। कुछ लोगों को राहुल के करोड़ों की संपत्ति का अकेला वारिस होने की भनक लगने पर उन्हें बहुतेरी यातनाएं दीं। ऐसे में वह मानसिक संतुलन खो बैठे। गुमनामी की जिंदगी के बीच वह संयोगवश जुलाई 2018 में अपना घर भरतपुर पहुंचे। राहुल की फिल्मी कहानी में पुलिस में केस भी दर्ज हुआ है। गुरुवार को चंड़ीगढ़ पुलिस उन्हें अपने साथ ले गई।
अपना घर के संस्थापक डॉ. बीएम भारद्वाज ने बताया कि चंडीगढ़ के सेक्टर 37 निवासी एक व्यक्ति का अपहरण कर फर्जी कागजात तैयार कर उसकी करोड़ों की कोठी बेचने के आरोप में पुलिस ने नौ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इनमें से पुलिस ने चंडीगढ़ निवासी एक पत्रकार और प्रॉपर्टी डीलर को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक बड़ा शराब कारोबारी और चंडीगढ़ पुलिस के एक डीएसपी का भाई आरोपियों में शामिल हैं। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने कोठी मालिक राहुल मेहता की बीमारी का फायदा उठाकर उनसे जान-पहचान बढ़ाई। इसके बाद मारपीट कर कोठी की पहली मंजिल पर कब्जा कर लिया। आरोपियों ने खाली कागजात व चेक पर हस्ताक्षर करने के बाद उन्हें यातनाएं दीं। फिर मानसिक बीमार बताकर भुज गुजरात के एक आश्रम में छोड़ आए।
पुलिस रिपोर्ट में कहा है कि राहुल मेहता के पिता वेद प्रकाश मेहता, मां और भाई मोहित मेहता की मौत हो चुकी है। आरोपियों को पता था कि राहुल कोठी के अकेले वारिस हैं और बीमार रहते हैं। वर्ष 2017 में आरोपी जबरन राहुल के घर में घुस गए। इस दौरान आरोपियों ने पावर ऑफ अटार्नी तैयार कराकर प्रॉपर्टी के स्थानांतरण की शक्तियां हासिल कर लीं। आरोपियों ने चंडीगढ़ एस्टेट ऑफिस के सब रजिस्ट्रार के सामने फर्जी राहुल मेहता नाम के व्यक्ति को खड़ा कर प्रॉपर्टी एक व्यक्ति के नाम करा दी। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी प्रोपर्टी हथिया कर राहुल को गुजरात के एक फार्म हाउस ले गए। यहां रहने वाले अब्दुल करीम ने बाद में उन्हें भुज स्थित रामदेव सेवा आश्रम में दाखिल करा दिया। एक आरोपी ने राहुल को अपना मौसी का लड़का बताकर आश्रम में दाखिल कराया था।

ऐसे हुआ मामले का पटाक्षेप

कोठी में किराये पर रहने वाले प्रदीप नाम के व्यक्ति ने पुलिस को शिकायत दी कि राहुल मेहता गायब हैं। उन्हें शक है कि इस मामले में आरोपी संजीव व अन्य लोगों का हाथ हो सकता है। कार्रवाई नहंी होने पर प्रदीप ने दिसंबर 2020 में फिर शिकायत दी। चंडीगढ़ पुलिस के एसएसपी कुलदीप चहल ने इस मामले को गंभीरता से लिया और जांच के लिए एएसपी साउथ श्रुति अरोड़ा के नेतृत्व में एक टीम गठित की। पुलिस खोजबीन करते हुए राहुल तक पहुंच गई।

इलाज के लिए आए राहुल

भुज से राहुल को महाराष्ट्र आश्रम भेजा गया। इसके बाद किसी व्यक्ति ने उन्हें दिल्ली स्थित अपना घर आश्रम भिजवा दिया। बेहतर इलाज के लिए उन्हें अपना भरतपुर लाया गया। यहां मनोचिकित्सक डॉ. पवन शर्मा ने उनका उपचार किया। अब उनकी मानसिक स्थिति में सुधार हुआ है। अपना घर से उन्होंने अपने घर जाने की इच्छा भी जाहिर की थी। गुरुवार को चंड़ीगढ़ पुलिस ने उन्हें अपने साथ ले गई।

Meghshyam Parashar Bureau Incharge
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned