script'Moan' on the cut there, generosity in daily wages here | वहां कटौती पर कराह, यहां दिहाड़ी में दरियादिली | Patrika News

वहां कटौती पर कराह, यहां दिहाड़ी में दरियादिली

- अपना घर के सेवादार की मृत्यु पर साथियों ने दी सहायता

भरतपुर

Updated: January 05, 2022 11:31:58 am

भरतपुर . कोरोना ने देश की अर्थव्यवस्था को चकनाचूर सा कर दिया। सरकारें भी इस महामारी से सिहर उठीं। ऐसे में पिछले साल कोरोना काल में सरकार ने जब सरकारी कर्मचारियों की तनख्वाह से कटौती की तो यहां विरोध के स्वर मुखर हो गए, लेकिन इसके उलट अपना घर के सेवादारों ने दरियादिली में नजीर पेश की है। अपना घर के एक सेवादार की हादसे में मौत के बाद यहां के सेवादारों ने दिल खोलकर सहायता देने का निर्णय किया है। खास बात यह है कि अपना घर का भवन निर्माण कर रहे मजदूरों ने स्वेच्छा से एक दिन की दिहाड़ी दान दी है, जिससे साथी सेवादार के परिवार की तमाम मुश्किलें दूर हो सकें।
अपना घर में सेवा के बदले कुछ हजार की पगार पाने वाले लोगों ने साथी की मौत के बाद परिवार के दुख को अपने हिस्से लिया है। यहां काम करने वाले करीब पौने तीन सौ सेवादारों ने अपना एक-एक दिन का वेतन स्वेच्छा से साथी के परिवार को देने का निर्णय लिया है। यह राशि करीब पौने तीन लाख रुपए है। इसके अलावा अपना घर की बिल्डिंग का निर्माण करने वाले ठेकेदार ने 11 हजार तो ठेकेदार के अधीन काम करने वाल मजदूरों ने अपनी दिहाड़ी से एक-एक दिन का मजदूरी सहर्ष रूप से दी है। खास बात यह है कि मोटा वेतन पाने वाले सरकारी कर्मचारियों का वेतन जब राज्य सरकार ने काटा तो कर्मचारियों ने हो-हल्ला कर दिया। इस बीच अपना घर के सेवादारों ने दरियादिली दिखाते हुए नजीर पेश की है।
वहां कटौती पर कराह, यहां दिहाड़ी में दरियादिली
वहां कटौती पर कराह, यहां दिहाड़ी में दरियादिली
पत्नी को पहुंचेगी सहायता

अपना घर के सेवादारों ने मृतक के घर पहुंचकर परिवार को सांत्वना दी है। साथ ही उनकी मुश्किल में हर वक्त साथ देने की बात भी कही है। सेवादारों के साथ अपना घर में बने सेवा साथी कल्याण कोष से भी मृतक के परिवार को राशि मुहैया कराई जाएगी। अपना घर प्रशासन ने अल्प वेतन पाने वाले सेवादारों से सौ से दो सौ रुपए स्वेच्छा से देने की बात कही थी, इससे उन पर भी अनावश्यक आर्थिक भार नहीं पड़े, लेकिन सेवादारों ने साथी के परिवार की मुश्किल दूर करने के लिए एक-एक दिन का वेतन देने का निर्णय लिया।
डेढ़ माह पहले ही की थी नौकरी

गांव नौंह निवासी सूर्यप्रकाश (38) पुत्र नाथू सिंह ने करीब डेढ़ माह पहले ही अपना घर में सेवाएं देना शुरू किया था। सूर्यप्रकाश की ड्यूटी हाल ही में आरबीएम चिकित्सालय में बनाई गई हैल्प डेस्क पर लगाई गई थी। सूर्यप्रकाश ड्यूटी कर घर लौट रहा था। इस दौरान नगला गोपाल मोड़ के पास हादसे में उसकी मौत हो गई। अब अपना घर प्रशासन ने उसके परिवार की मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाए हैं। मृतक के दो बेटी एवं एक बेटा है।
इनका कहना है

-सेवा और संस्कारों का हर जगह फर्क पड़ता है। अभी डेढ़ माह पहले ही जुड़े सूर्यप्रकाश के लिए साथी सेवादार खुद आगे आए हैं। मृतक के परिवार के लिए ऐसी लेबर ने अपनी दिहाड़ी देने की बात कही है, जो उसके साथ काम भी नहीं करते थे। यह यहां के माहौल का फर्क है। अपना घर प्रशासन भी मृतक के परिवार की मदद करेगा।
डॉ. बीएम भारद्वाज, संस्थापक अपना घर

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