कुदरत की मार: पाला ने उजाड़ दी नर्सरी...

भरतपुर. नर्सरी में बनाए पौधे अब कुदरत की मार से मुरझा गए हैं।

भरतपुर. नर्सरी में बनाए पौधे अब कुदरत की मार से मुरझा गए हैं।इस सीजन में नर्सरी में विभिन्न किस्मों के हजारों पौधे तैयार कर हरियाळो राजस्थान के तहत गर्मियों में वितरित किए जाने थे, लेकिन नई पौध लहलहाने से पहले ही पाला और बारिश की भेंट चढ़ गई। इससे जहां पौधशाला वीरान हो गई, वहीं राज्य सरकार को भी लगभग 80 हजार रुपए के राजस्व का नुकसान पहुंचा।

मुख्य रूप से इन दोनों नर्सरी में पौधे तैयार किए जाते हैं। इन्हें तैयार करने की लागत भी निर्धारित है। वन विभाग ने भरतपुर व बयाना स्थित नर्सरी में 10-10 हजार पौधे तैयार कराए थे। इनमें 06 माह व 12 माह के पौधे थे। विभाग छह माह के पौधों की दर 4.20 रुपए प्रति पौधा और बारह माह के पौधे की दर 7.40 रुपए निर्धारित कर रखी थी। लेकिन, पाला पडऩे के साथ बारिश का पानी पौध में घुसने से करीब 18 हजार पौधों के खराब होने से 80 हजार रुपए का नुकसान हो गया।


गर्मी और बारिश के सीजन में बाग-बगीचे, खेत-खलिहान, रोड किनारे व घरों के बगीचों की रौनक बढ़ाने के लिए नर्सरी में सर्दी के सीजन से पहले ही पौधे तैयार करने की प्रक्रिया शुरू हो जाती है। अब वर्ष 2020-21 में वितरण के लिए तैयार किए गए। लेकिन, बारिश और आसमान से बरसते कोहरा ने नई पौध को मुरझा दिया। इससे भरतपुर स्थित केंद्रीय पौधशाला में करीब 08 हजार और बयाना स्थित नर्सरी में विभिन्न किस्मों के 10 हजार पौधे मुरझा गए। यानि 18 हजार पौधों का नुकसान हुआ है।

पाला से भरतपुर नर्सरी में कदम्ब, जामुन, अनार, आंवला, गुलाब, चमेली के 08 हजार पौधे बेकार हो गए। वहीं बयाना स्थित पौधशाला में बड़, पीपल, नीम, टिक, केसिया श्यामा, कदम्ब, चुरैल आदि के 10 हजार पौधे खराब हो गए। इससे सरकार को करीब 80 हजार रुपए का नुकसान हुआ है। जिले में तीन दिन से मौसम का मिजाज बदला है। अभी एक-दो दिन और कोहरा की संभावना जताई जा रही है।

शुक्रवार को भी दिनभर धुंध छाई और ठंडी हवा चलना जारी रहा। ऐसे में लोगों ने अलाव जलाकर बचाव किया। हालांकि, अधिकतम और न्यूनतम तापमान उतार-चढ़ाव पर हैं। बीते दिन अधिकतम 14 व न्यूनतम 13 डिग्री रहा, लेकिन शुक्रवार को 16 व 12 डिग्री दर्ज किया गया। रात को हवा नहीं चलने से न्यूनतम तापमान बढ़ा और दिन में धुंध रही। वहीं अधिकतम में 02 डिग्री की बढ़ोतरी हुई। बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम में परिवर्तन हो रहा है।

इसलिए लोग दिनभर सर्दी की जकड़ में रहे। सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्ग और बच्चों को हुई। अभी कोहरा छाने की संभावना बताई जा रही है। वन विभाग भरतपुर में उपवन संरक्षक वी केतन कुमार ने बताया कि भरतपुर व बयाना स्थित पौधाशालाओं में विभिन्न किस्मों के करीब 20 हजार पौधे पाला व बारिश पडऩे से खराब हो गए हैं। इससे लगभग 80 हजार रुपए का नुकसान हुआ है। दोबारा तैयार करने में परेशानी तो आएगी।

pramod verma Reporting
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