'EWS RESERVATION' आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मेडिकल स्टूडेंट्स पर डाल दिया 14 गुणा अधिक आर्थिक भार!

'EWS RESERVATION' आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मेडिकल स्टूडेंट्स पर डाल दिया 14 गुणा अधिक आर्थिक भार!

Shyamveer Singh | Publish: Jul, 18 2019 11:33:26 AM (IST) Bharatpur, Bharatpur, Rajasthan, India

भरतपुर. Neet 2019 Rajasthan Counselling Board भारत सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के लिए नवीन आरक्षण प्रावधान के तहत प्रदेश के नौ मेडिकल कॉलेजों में सीट बढ़ाईं और इन कॉलेजों में दस प्रतिशत सीट आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों के लिए आरक्षित (ews reservation in neet ug 2019) की गईं। लेकिन नीट यूजी 2019 के राजस्थान काउंसलिंग बोर्ड ने अपने स्तर पर ही प्रदेश के आठ मेडिकल कॉलेजों की ईडब्ल्यूएस वर्ग (10 प्रतिशत) की आधी सीटों को पेमेंट सीटों में शामिल कर दिया है।

भरतपुर. Neet 2019 Rajasthan Counselling Board भारत सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के लिए नवीन आरक्षण प्रावधान के तहत प्रदेश के नौ मेडिकल कॉलेजों में सीट बढ़ाईं और इन कॉलेजों में दस प्रतिशत सीट आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों के लिए आरक्षित (ews reservation in neet ug 2019) की गईं। लेकिन नीट यूजी 2019 के राजस्थान काउंसलिंग बोर्ड ने अपने स्तर पर ही प्रदेश के आठ मेडिकल कॉलेजों की ईडब्ल्यूएस वर्ग (10 प्रतिशत) की आधी सीटों को पेमेंट सीटों में शामिल कर दिया है। ऐसे में जो विद्यार्थी आर्थिक रूप से कमजोर हैं उनको गवर्नमेंट(सामान्य) सीट पर प्रवेश देने के बजाय उनसे विभाग करीब 14 गुणा अधिक पेमेंट फीस वसूल रहा है।भरतपुर समेत प्रदेश के कई मेडिकल कॉलेजों में ईडब्ल्यूएस वर्ग के विद्यार्थियों को पेमेंट सीट की फीस लेकर प्रवेश भी दे दिया गया है।

 


इन कॉलेजों में ईडब्ल्यूएस की सीट निर्धारण में गड़बड़ी
जानकारी के अनुसार प्रदेश के भरतपुर मेडिकल कॉलेज समेत आरयूएचएस जयपुर, जेएमसी झालावाड़, जीएमसी भीलवाड़ा, जीएमसी चूरू, जीएमसी डूंगरपुर, जीएमसी पाली व जीएमसी बाड़मेर में ईडब्ल्यूएस की कुल 120 सीटों में से करीब आधी सीटों को पेमेंट श्रेणी में डाल दिया है। उदाहरण के तौर पर भरतपुर के मेडिकल कॉलेज में ईडब्ल्यूएस की 15 सीट हैं, जिनमें से 8 सीट गवर्नमेंट श्रेणी में व 7 सीट पेमेंट श्रेणी में शामिल की गई हैं। जबकि नियमानुसार ईडब्ल्यूएस की सभी 10 प्रतिशत सीट गवर्नमेंट श्रेणी में होनी चाहिए।

 


देनी पड़ रही 14 गुणा अधिक फीस
नवीन आरक्षण प्रावधान के तहत ईडब्ल्यूएस की सभी 10 प्रतिशत सीट गवर्नमेंट श्रेणी में होनी चाहिए। लेकिन बोर्डने उक्त मेडिकल कॉलेजों में ईडब्ल्यूएस की करीब आधी सीटें पेमेंट श्रेणी में शामिल कर दीं। गवर्नमेंट श्रेणी में विद्यार्थियों को सिर्फ 52,500 रुपए प्रतिवर्ष फीस देनी होती है लेकिन पेमेंट सीट की फीस साढ़े सात लाख रुपए प्रति वर्ष है। ऐसे में जो विद्यार्थीपहले से ही आर्थिक रूप से कमजोर है उस पर 14 गुणा अधिक आर्थिक भार डाल दिया गया है।

 


वर्जन-
ईडब्ल्यूएस की 10 प्रतिशत सीटों को 5 प्रतिशत गवर्नमेंट व 5 प्रतिशत पेमेंट सीट में रखा गया है। यह सही हैकि ईडब्ल्यूएस श्रेणी के विद्यार्थीआर्थिक रूप से कमजोर हैं लेकिन यह व्यवस्था बोर्डने की है।
- डॉ. एससी सोनी, अतिरिक्त निदेशक, चिकित्सा शिक्षा, जयपुर।

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