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राशन कार्डों में चार साल से नहीं जुड़ रहे नए नाम तो कैसे मिलेगा लाभ

locationभरतपुरPublished: Dec 29, 2023 12:12:32 am

Submitted by:

Gyan Prakash Sharma

पात्र लोग योजनाओं के लाभ से वंचित, - 21 वर्षों से नहीं हुआ है बीपीएल का सर्वे

राशन कार्डों में चार साल से नहीं जुड़ रहे नए नाम तो कैसे मिलेगा लाभ
राशन कार्डों में चार साल से नहीं जुड़ रहे नए नाम तो कैसे मिलेगा लाभ
बयाना. राज्य सरकार की ओर से पिछले 20 वर्षों से बीपीएल का सर्वे नहीं कराए जाने के कारण लोगों को राज्य सरकार की विभिन्न बीपीएल योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। जिसके कारण वह पिछले कई वर्षों से बीपीएल के लाभ से वंचित हैं। इसके अलावा खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के खाद्य सुरक्षा योजना के लाभार्थियों के सदस्यों के नाम राशन कार्डों में विगत चार साल से पोर्टल बंद होने की वजह से नहीं जुड़ पा रहे हैं। ऐसे में नए सदस्यों का नाम राशन कार्ड में नहीं जुड़ पाने से उन्हें राशन सामग्री से वंचित रहना पड़ रहा है। ग्रामीण नाम जुड़वाने के अभाव में कभी ईमित्र तो कभी सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं।
राज्य सरकार ने 4 साल पहले खाद्य सुरक्षा योजना से जुड़े राशन काडों में नए नाम जोड़ने, शुद्धिकरण का काम बंद कर दिया था। इसके बाद वापस पोर्टल को शुरू नहीं किया गया। वहीं एपीएल परिवार के राशन कार्डों में नाम जोड़ना, हटाना व शुद्धिकरण कार्य पोर्टल पर चालू है। एनएफएसए परिवार के लोगों के नए सदस्यों का नाम जुड़वाने के लिए चार साल से ई-मित्र, ग्राम पंचायत व पंचायत समिति व तहसील कार्यलायों के चक्कर लगा रहे हैं। लेकिन उनकी समस्या का हल नहीं निकल पा रहा है। ऐसे में इन परिवारों में चार वर्षों में बच्चों का जन्म भी हुआ, तो कई घरों में बहुओं का आगमन हुआ। ऐसे में सभी का नाम राशन कार्ड में नहीं जुड़ पा रहा हैं।
एनएफएसए से नहीं जुड़ रहा राशन-

कोरोना महामारी के दौरान बाहर रहकर मजदूरी करने वाले लोग शहरों से अपने गांवों में वापस लौट आए थे। ऐसे में अब वे लोग गांवों में ही बस गए। अब उन्हें योजनाओं का लाभ लेने के लिए राशन कार्ड की जरूरत है। ऐसे में अब यह लोग कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं। राशन कार्ड में नाम नहीं होने से दस्तावेज नहीं बन रहे हैं। एसडीएम कार्यालय की ओर से बनाए जाने वाले मूल निवास, जाति प्रमाण पत्र, ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र बनवाने के लिए राशन कार्ड होना आवश्यक है। इसके साथ ही राशन कार्ड में प्रार्थी का नाम भी होना चाहिए। वहीं, आधार कार्ड बनवाने के लिए भी राशन कार्ड होने के साथ कार्ड में बच्चे का नाम अंकित होना जरूरी है।
पोर्टल चालू होने पर ही जुड़ेंगे

उपखंड अधिकारी कार्यालय से मिली जानकारी अनुसार राज्य सरकार की ओर से एनएफएसए राशन कार्डों में नाम जुड़वाने का पोर्टल बंद कर रखा है। पोर्टल चालू होने के बाद ही नाम जोड़ने की प्रक्रिया शुरू हो पाएगी। इसके अलावा गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन कर रहे लोगों का कहना है कि उन्हें पिछले 20 वर्षों से राज्य सरकार की ओर से बीपीएल का सर्वे नहीं होने से बीपीएल का लाभ नहीं मिल सका है। जिसके कारण 2002 में हुए सर्वे के बाद 2023 तक राज्य सरकार ने बीपीएल परिवारों का सर्वे नहीं किया है। जिसके कारण उन्हें बीपीएल योजना के तहत मिलने वाले लाभ से भी वंचित रहना पड़ रहा है। ऐसे में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के भरतपुर का होने से यहां के लोगों को अब विकास और सरकारी योजनाओं के लाभ की उम्मीद जग गई है। मगर सरकार बदल जाने के बाद भी सर्वे का काम शुरू नहीं किए जाने से लोगों के हाथ में निराशा लगी है।
इनका कहना...

2002 में राज्य सरकार की ओर से बीपीएल का सर्वे कराया गया था। इस सर्वे में बयाना क्षेत्र के जिन लोगों का नाम है उनके बीपीएल राशन कार्ड बनाए जा रहे हैं और उन्हें बीपीएल का लाभ भी मिल रहा है। इसके बाद राज्य सरकार की ओर से बीपीएल का सर्वे नहीं हुआ है।
-अमित शर्मा, तहसीलदार एवं कार्यवाहक अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका, बयाना

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