चंबल प्रोजेक्ट की लाइन से अवैध कनेक्शन, थाने में सूचना पर भी नहीं हो रही कार्रवाई

-कैबीनेट मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने सर्किट हाउस में ली बैठक, पीएचईडी के अधिकारियों ने बताई समस्याएं

भरतपुर. चंबल प्रोजेक्ट की पाइपलाइन से बड़ी संख्या में अवैध कनेक्शन किए जाने के कारण पेयजल सप्लाई प्रभावित हो रही है। खुद जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग एवं चम्बल पेयजल परियोजना के अधिकारियों ने थाने में भी इसकी सूचना दी, लेकिन पुलिस ने भी कोई सहयोग नहीं किया। सर्किट हाउस में शुक्रवार को हुई बैठक में पर्यटन एवं देवस्थान विभाग के मंत्री विश्वेंद्र सिंह के सामने इस तरह का मामला सामने आने पर उन्होंने उचित कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आगामी गर्मी के मौसम को दृष्टिगत रखते हुए डीग-कुम्हेर क्षेत्र के चंबल पेयजल सप्लाई से वंचित क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति के लिए नई पाइपलाइन डालने के प्रस्ताव तैयार कर भिजवाएं। इससे शीघ्र ही इन क्षेत्रों को चम्बल पेयजल की सप्लाई से लाभान्वित कराकर मीठा जल, गुणवत्तापूर्ण जल उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने डीग-कुम्हेर क्षेत्र में चम्बल पेयजल आपूर्ति के लिए पुराने एवं नवनिर्मित उच्च जलाशयों को पेयजल आपूर्ति के लिए कनेक्शन करने के निर्देश चम्बल पेयजल परियोजना के अधीक्षण अभियंता को दिए। उन्होंने डीग स्थित रीको क्षेत्र में सड़क निर्माण के लिए किए गए टेण्डरों के संबंध में पूर्व में दिए गए निर्देशों के बावजूद भी आज तक सड़क निर्माण का कार्य शुरू न होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए शीघ्र सड़क निर्माण का कार्य पूर्ण कराने के निर्देश रीको के क्षेत्रीय प्रबंधक को दिए। साथ ही रीको क्षेत्र में क्षेत्र की औद्योगिक इकाइयों के लिए निर्वाद्ध विद्युत आपूर्ति के लिए 33/11 जीएसएस निर्माण कराने एवं रोड लाइट लगाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने रीको क्षेत्र की औद्योगिक इकाईयों को पेयजल आपूर्ति के लिए एक उच्च जलाशय निर्माण कराकर चम्बल पेयजल लाइन से कनेक्शन कराए जाने के निर्देश दिए।
देवस्थान मंत्री सिंह ने बृज चौरासी कोस परिक्रमा परियोजना के कार्यों में गति लाने के लिए पूर्व में दिए गए निर्देशों के बावजूद भी डीग स्थित कामां गेट पर यात्री धर्मशाला के निर्माण नहीं होने पर नाखुशी जाहिर की तथा परियोजना प्रबंधक को शीघ्र निर्माण कर कार्य पूर्ण कराने, सड़क एवं अन्य विकास कार्यों में गति लाने तथा सड़क के सहारे नाली निर्माण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को की गई कार्रवाई की साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट कार्यालय में भिजवाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने बैठक में बृज चौरासी कोस परियोजना के परियोजना प्रबंधक के उपस्थित न होने पर जिला कलक्टर को कार्यवाही के निर्देश दिए।

प्रति व्यक्ति 35 लीटर पानी देने की है स्वीकृति

बैठक में जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग एवं चम्बल पेयजल परियोजना के अधिकारियों ने चम्बल पेयजल की उपलब्धता एवं आपूर्ति की समस्याओं की जानकारी देते हुए बताया कि चम्बल नदी में सीमित जल की आवक होने एवं चम्बल क्षेत्र में घडियाल परियोजना के संचालन होने के कारण सीमित मात्रा में पेयजल हेतु सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत अनुमति प्रदान की गई है इसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 35 लीटर प्रति व्यक्ति प्रतिदिन की गणना के अनुसार स्वीकृति प्रदान की गई है। इसमें चम्बल नदी पर स्थापित पंपों की 24 घंटे चलाने की क्षमता पर उपलब्ध जल का उपयोग पेयजल के रूप में किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की ओर से चम्बल परियोजना के तहत अलवर जिले को पेयजल सप्लाई परियोजना में जिले के नदबई, वैर, भुसावर, बयाना क्षेत्र को शामिल किया गया है। इस परियोजना के तहत केवल नौ माह पेयजल सप्लाई करने के लिए जल उपलब्ध होगा। उन्होंने बताया कि जिले के वैर, नदबई, भुसावर और बयाना क्षेत्र के लिए तीन माह पेयजल सप्लाई किए जाने के लिए स्टोरेज की व्यवस्था के लिए भूमि का चिन्हिकरण एवं आवंटन की कार्यवाही की जा रही है।

ग्रामीण इलाकों में ग्रामीण जल स्वच्छता समिति होगी गठित

अधिकारियों ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में चम्बल पेयजल सप्लाई सार्वजनिक नलों के माध्यम से की जाएगी। इसके लिए स्थान का चयन ग्रामीण जल स्वच्छता समिति की ओर से किया जाएगा। उन्होंने ग्रामीणों से आग्रह किया कि चम्बल पेयजल सप्लाई वाले ग्रामों में ग्रामीण मुख्य पाइपलाइनों से अवैध जल कनेक्शन न करें। इससे अन्य क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था में व्यवधान न हो। उन्होंने बताया कि अवैध जल कनेक्शनों के संबध्ंा में विभागीय अधिकारियों की ओर से संबंधित थानों पर सूचना देने के बावजूद भी कोई प्रभावी कार्यवाही अभी तक नहीं हुई है। बैठक में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिशाषी अभियंता कुम्हेर ने बताया कि दिसम्बर माह से चम्बल पेयजल की सप्लाई कुम्हेर कस्बे में की जा रही है तथा पेयजल सप्लाई से वंचित क्षेत्रों में सप्लाई के लिए एक पम्पहाउस एवं दो उच्च जलाशयों के निर्माण के लिए नगर पालिका कुम्हेर से भूमि आवंटन की कार्यवाही अभी तक न होने के कारण ऐसे क्षेत्र चम्बल पेयजल की सप्लाई से वंचित हैं।

Meghshyam Parashar Bureau Incharge
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