दशकों से अटकी है व्यावसायिक योजना संख्या 10, अब 31 मार्च तक मांगे विकल्प पत्र

-आरबीएम अस्पताल के पास की योजना पर कवायद

By: Meghshyam Parashar

Updated: 03 Mar 2021, 04:37 PM IST

भरतपुर. नगर सुधार न्यास की ओर से करीब 25-26 साल पहले व्यावसायिक योजना संख्या 10 बनाई गई थी, लेकिन बार-बार नियमों की प्रक्रिया व लापरवाही के चलते यह योजना सिरे ही नहीं चढ़ पाई। अब मामला सामने आया तो नगर सुधार न्यास ने कवायद तेज कर दी है। सचिव नीलिमा तक्षक की अध्यक्षता में शहर की व्यावसायिक योजना संख्या 10 के विकास हेतु न्यास अधिकारियों एवं भू-स्वामियों की बैठक की गई। बैठक में नगर विकास न्यास की सचिव तक्षक ने निर्देश दिए कि योजना में कन्वर्टेड भूखंड जो अवाप्त किए गए थे, ऐसे प्रकरणों को न्यास मण्डल की बैठक में रखकर निस्तारण करें। उन्होंने कहा कि योजना में कृषि भूमि को अवाप्त की गई है, ऐसे हितधारी निर्धारित विकल्प पत्र प्रस्तुत कर नियमानुसार भूमि के बदले भूमि हेतु 31 मार्च तक विकल्प पत्र प्रस्तुत कर सकते हैं। बताते हैं कि जब यूआईटी ने भूमि का अधिग्रहण किया था तो करीब 23 भूखंडधारी न्यायालय में चले गए थे। इनमें से दो बड़े भूखंडधारियों ने स्टे भी ले रखा है। कुल जमीन 5.70 हेक्टेयर है। इसमें जिन किसानों से जो भूमि ली है, इसमें व्यावसायिक जिनकी भूमि थी। इनको अवाप्त किया गया था। कन्वर्टर्ड भूमि भी अधिगृहीत की थी। उसी एवज में जमीन देने के लिए तैयारी की गई है। जिनकी कृषि भूमि अवाप्त की थी उनको 15 प्रतिशत विकसित भूखंड दिए जाने की रूपरेखा भी तैयार की गई है। इसके बारे में भूखंडधारियों को भी अवगत कराया गया है। हालांकि अंतिम निर्णय विकल्प पत्र प्राप्त करने के बाद ही किया जाएगा।

स्कीम लांच कर भूल जाते हैं अधिकारी

शहर में नगर सुधार न्यास की ओर से पिछले 25-30 साल के अंदर कितनी ही स्कीम लांच की गई है, लेकिन ऐसी कोई भी स्कीम नहीं है कि जिसका काम पूरा हो गया हो। उदाहरण के तौर पर स्कीम नंबर 13 को ही देखें तो सामने आता है कि यह योजना पिछले लंबे समय से कागजों में चल रही है। विधानसभा चुनाव या नगरीय निकाय चुनाव करीब आते ही स्कीम की प्रक्रिया तेज कर दी जाती है। चुनाव के तुरंत बाद स्कीम में नियमों की अड़चन या कोई स्वीकृति नहीं मिलने की बात कहकर इतिश्री कर दी जाती है।

Meghshyam Parashar Bureau Incharge
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