बागियों ने भरी हुंकार, टिकट नहीं मिला तो अब प्रत्याशी को हराने में लगा रहे ताकत

-जिले की आठों नगरपालिकाओं में 255 वार्डों में चुनावी तस्वीर, दोनों पार्टियों के टिकट वितरण की रणनीति से पशोपेश की स्थिति
-ज्यादातर वार्डों में निर्दलियों पर खेला जा रहा दांव, कामां में पूर्व पालिकाध्यक्ष लोकेश लोधा, पूर्व मंत्री मदनमोहन सिंघल के पुत्र का भी टिकट कटा

By: Meghshyam Parashar

Published: 30 Nov 2020, 03:48 PM IST

भरतपुर. जिले की आठ नगरपालिकाओं के 255 वार्ड सदस्यों के लिए हो रहे चुनाव को लेकर अब दोनों ही पार्टियां जुट चुकी है। जहां तक टिकट वितरण का सवाल है तो दोनों ही पार्टियों की रणनीति इस बार कार्यकर्ताओं के लिए भी समझ से परे दिखाई पड़ रही है। यह भी माना जा सकता है कि कुछ स्थानों पर वार्ड सदस्य पद का चुनाव चेहरे पर होता है और कुछ स्थानों पर प्रत्याशी खुद को किसी पार्टी का चेहरा बनकर चुनाव लडऩा नहीं चाहते हैं। यही कारण है कि कांग्रेस ने जहां 255 में से आठों निकायों में 188 वार्डों को खाली छोड़ा है तो भाजपा ने 114 वार्डों को खाली छोड़ा है। ऐसे में कुछ निकायों में गुटबाजी भी खुलकर सामने आ गई है। जहां डीग-कुम्हेर में कांग्रेस के टिकट वितरण नहीं करने का मामला तूल पकड़ रहा है तो वहीं कामां में दिग्गजों के परिजनों के टिकट कटने के बाद शिकायत पार्टी के बड़े नेताओं से की गई है। ऐसे में वहां भी पार्टी प्रत्याशियों की खिलाफत में पार्टी का ही एक धड़ा सक्रिय हो गया है।
अगर जिले की आठों नगरपालिकाओं की बात करें तो नगर, नदबई, कामां, बयाना, वैर, भुसावर, डीग व कुम्हेर में दोनों ही पार्टियों में आंतरिक कलह की बात सामने आ रही है। हालांकि अभी नाम वापसी के बाद ही सभी निकायों में तस्वीर साफ हो पाएगी। क्योंकि वैर में कुल 25 वार्डों में से भाजपा ने 16, कांग्रेस ने 20, बयाना में 35 में से भाजपा ने नौ व कांग्रेस ने 15, डीग में 40 में से भाजपा ने 16 व कांग्रेस ने सभी, कामां में 35 में से भाजपा ने चार, कांग्रेस ने 25, भुसावर में 25 में से भाजपा ने 19, कांग्रेस ने 20, कुम्हेर में 25 में से भाजपा ने छह, कांग्रेस ने सभी, नदबई में 35 में से भाजपा ने 29 व कांग्रेस ने 19, नगर में35 में से भाजपा ने 15 व कांग्रेस ने 24 वार्डों को खाली छोड़ा है। ऐसे में इन खाली वार्डों में पार्टियों की ओर से जातिगत आधार व पार्टी कार्यकर्ताओं के आमने-सामने होने के कारण निर्दलियों पर दांव खेला है।

कामां: खिलाफत में उतरा भाजपा का एक धड़ा

कामां. नगरपालिका चुनाव में टिकट वितरण के साथ ही घमासान मचा हुआ है। जहां सोशल मीडिया पर भाजपा का एक धड़ा खुलकर टिकट वितरण का जिम्मा संभाल रहे यहां के नेताओं पर निशाना साध रहा है तो वहीं पार्टी के बड़े नेताओं से टिकट वितरण में गड़बड़ी समेत कई गंभीर आरोप लगाते हुए शिकायत कर चुका है। 2010 में भाजपा की टिकट पर नगर पालिका अध्यक्ष पद पर करीब 7000 वोटों से जीत कर आए लोकेश लोधा ने आरोप लगाते हुए कहा है कि भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारी न तो कभी किसी बैठक में बुलाते हैं न फोन करते हैं जब हमने टिकट के लिए पूर्व भाजपा जिला अध्यक्ष रविंद्र कुमार जैन से बात की तो उन्होंने कहा कि नगर पालिका के वार्ड संख्या पांच रेखा लोधा व वार्ड संख्या नौ से लोकेश लोधा ने टिकट मांगी तो उन्होंने कहा कि परिवार के एक ही सदस्य को एक ही वार्ड से टिकट मिल सकती है। जबकि दूसरे दो वार्डों में पति-पत्नी को टिकट दिया गया। इसी प्रकार पूर्व मदनमोहन सिंघल के पुत्र व पार्षद रहे मनोज सिंघल का भी टिकट काट दिया गया। वार्ड नंबर 14 में भी भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ता अरुण पाराशर का टिकट काटा गया है।

कुम्हेर: प्रत्याशी बोला...मांगने पर भी नहीं मिली कांग्रेस की टिकट

कुम्हेर. नगर पालिका के 25 वार्डों के हो रहे चुनावो में भाजपा की ओर से 19 वार्डों में ही टिकट वितरण किए गए है कुछ वार्डों में भाजपा के टिकट वितरण को लेकर भाजपा शहर में कलह दिखाई दे रही है। अंसतुष्टों का कहना है कि कार्यकर्ताओं की अनदेखी कर टिकट दी गई है। वहीं कांग्रेस के टिकटों का वितरण डीग व कुम्हेर में नहीं किए जाने से नाराजगी बनी हुई है। वर्तमान पार्षद शहर कांग्रेस कमेटी के कोषाध्यक्ष रहे संजू सोनी ने बताया कि जब विपक्षी पार्टी टिकट दे रही है तो टिकट हमें भी मिलने चाहिए थे, कांग्रेस के टिकट इस बार नहीं देने की जानकारी पहले ही मिल गई थी। अब तो विधायक विश्वेन्द्र सिंह का फोटो लगाने के साथ अपने नाम से वोट मांगेंगे। चुनावों में टिकट नहीं दिया गया है तो पार्टी के नाम पर कैसे वोट मांगे। अब चुनाव तो पार्टी के नेतृत्व में नहीं खुद की साख पर ही लड़ा जाएगा। वहीं कांग्रेस शहर कमेटी के अध्यक्ष रहे केदार सैनी ने बताया कि सामाजिक समीकरण को देखते हुए अधिकांश कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने टिकट नहीं मांगे।

बयाना: भाजपा से बगावत कर मैदान में उतरे प्रत्याशी

बयाना. नगर पालिका चुनाव को लेकर 35 वार्डों में भाजपा और कांग्रेस दोनों की ओर से पूरे प्रत्याशी नहीं हो सके हैं। भाजपा ने 35 वार्डों में से 26 वार्डों में टिकट दिए हैं तो वहीं कांग्रेस ने 35 वार्डों में से 20 वार्डों में ही टिकट दिए हैं। दोनों ही दल पूरे 35 वार्डों में प्रत्याशी उतारने में नाकाम रहे हैं हाल में दिए गए टिकट के प्रत्यशियों को लेकर दोनों ही दलों में काफी गुटबाजी सामने दिखाई दे रही है। भाजपा के पूर्व में पार्षद रहे हजारी लाल शर्मा ने बताया कि इस बार भाजपा की ओर से उनको टिकट नहीं दिया गया अब वे बागी के रूप में वार्ड नंबर सात से चुनाव मैदान में हैं। इसी तरह पूर्व में पालिका अध्यक्ष पद के लिए कांग्रेस के सिंबल पर चुनाव लड़े प्रदीप चौधरी ने बताया कि इस बार टिकट वितरण को लेकर गुटबाजी सामने आ रही है और इसे देखते हुए उन्होंने टिकट की उम्मीद नहीं की। उन्होंने आरोप लगाया कि इस बार चेयरमैन पद के दावेदार को पनाह देते हुए टिकटों का वितरण किया। वार्ड 10 से चुनाव लड़ रहे पूर्व पालिका अध्यक्ष लोकेश धोबी ने बताया कि वह पुराने कांग्रेसी हैं उन्हें पहले से ही पूरी उम्मीद थी कि उन्हें टिकट नहीं दिया जाएगा।

Meghshyam Parashar Bureau Incharge
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