अब चिकित्सकों को भी संक्रमण का भय...

भरतपुर. कोरोना संक्रमित मरीजों को बीमारी से निजात दिलाने में जुटे कर्मवीर चिकित्सकों को भी संक्रमण का भय सताने लगा है।

By: pramod verma

Published: 23 Apr 2020, 08:35 PM IST

भरतपुर. कोरोना संक्रमित मरीजों को बीमारी से निजात दिलाने में जुटे कर्मवीर चिकित्सकों को भी संक्रमण का भय सताने लगा है। इसलिए संक्रमितों की निगरानी कर रहे लगभग 45 जूनियर, सीनियर व रेजीडेंस चिकित्सक सावधानी बरतते हुए स्वयं का थ्रोट स्वेव जांच सैम्पल भिजवा रहे हैं। वर्तमान में लगभग 20 चिकित्सकों ने सैम्पल भिजवाया है जिनमें से 18 की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। शेष दो चिकित्सकों की रिपोर्ट आएगी।

जिले में संक्रमण की स्थिति बढऩे के साथ चिकित्सकों की जिम्मेदारी भी बढ़ गई है। इसके चलते आरबीएम अस्पताल में संक्रमितों को भर्ती करने के लिए वार्ड भी बनाए हैं। अस्पताल के वार्ड में भर्ती 91 पॉजिटिव व 41 संदिग्ध मरीज अब चिकित्सकों की निगरानी में हैं।


वहीं बयाना के कसाईपाड़ा, वैर, कामां, नगर, भरतपुर आदि संक्रमित क्षेत्रों में चिकित्सक संदिग्धों की जानकारी लेकर भर्ती करा रहे हैं। वहीं हालांकि, संक्रमण की आशंका को देखते हुए चिकित्सक पीपी (पर्सनल प्रोटेक्शन इक्प्यूमेंट) किट और एन-95 मास्क व बीटीएम (वायरस ट्रांसपोर्ट मीटेड) पहनकर निगरानी कर रहे हैं फिर भी संक्रमण का खतरा तो है।


गौरतलब है कि संक्रमण के प्रभाव के कारण जिले में 1750 क्वारंटाइन सेंटर बनाए हैं। चिकित्सा विभाग ने 2670 सैम्पल लिए हैं। इनमें से 2205 की रिपोर्ट प्राप्त हुई हैं। इनमें चिकित्सक भी शामिल हैं। इस स्थिति में हर व्यक्ति समझ सकता है कि चिकित्सक अपने घर-परिवार से दूर रहकर संक्रमितों का उपचार कर बढ़ी जिम्मेदारी निभा रहे हैं।

भरतपुर के सीएमएचओ डॉ कप्तान सिंह का कहना है कि चिकित्सक दिन-रात अपनी ड्यूटी कर रहे हैं। वार्ड में संक्रमितों के बीच उनकी निगरानी व उपचार करते हैं। उन्हें भी संक्रमण का अंदेशा रहता है। ऐसे में चिकित्सक भी थ्रोट स्वेव के सैम्पल भेज रहे हैं।

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