लंबा खिंचा सरपंची का चुनाव, अब बढ़ गया प्रत्याशियों का तनाव

-नामांकन जमा होने के बाद कामां व नगर की 76 ग्राम पंचायत व 730 वार्डों के चुनाव टले, आगे नई तारीख तक वोटरों को साधे रखना बड़ी चुनौती

भरतपुर. सरकार ने पंचायत चुनाव में शैक्षणिक योग्यता आठवीं पास तो हटा दी, लेकिन अचानक चुनाव अटकने से सरपंच पद के प्रत्याशियों की और बड़ी परीक्षा पास करना चुनौती बना हुआ है। कामां व नगर की 76 ग्राम पंचायत व उनके 730 से अधिक वार्डों के चुनाव 17 जनवरी को होने थे, नामांकन भी जमा हो गए पर न्यायिक अड़चन के कारण फिलहाल उन्हें स्थगित कर दिया गया। वहां सरपंच नेता को आगे की तारीख तक अपने वोटरों को साधे रखना संकटभरा हो गया है। मौजूदा सरपंच पद के प्रत्याशियों के सामने यह सबसे बड़ी चुनौती है कि वोटरों को कैसे अपना बनाए रखा जाए। रोजाना के खर्च से बचने के लिए कुछ ने तो चुनाव कार्यालय बंद भी कर दिए हैं। सरपंच चुनाव जहां अटक गए हैं, वहां बहुत से दावेदारों ने अपने घर पर कार्यालय खोल दिए थे। अब मजबूरन उन्हें बंद करना पड़ रहा है। खर्चे से बचने का कोई तरीका नजर नहीं आ रहा है। सबको लगता है कि अब तक वोटरों को पूरा महत्व देते रहे हैं। अब आगे उसी तरह बनाए रखना मुश्किल है।
दो पंचायत समितियों में ऐसे दो हजार से अधिक दावेदार
कामां व नगर में सरपंच पद व वार्ड पंच के ऐसे करीब दो हजार से अधिक दावेदार है। सबसे ज्यादा मुश्किल सरपंच पद के प्रत्याशियों की है। नगर पंचायत समिति की ग्राम पंचायत गंगावक में सरपंच सहित सभी वार्ड पंचों का निर्विरोध निर्वाचित हो गए थे। 41 ग्राम पंचायतों में सरपंच पद के लिए 378 तथा 423 वार्ड पंचों के लिए कुल 866 अभ्यर्थियों ने नामांकन दाखिल किए थे। जांच के दौरान सरपंच पद के लिए सभी अभ्यर्थियों के नामांकन सही पाए गए थे। नाम वापसी के दौरान 169 प्रत्याशियों ने सरपंच पद से अपने नाम वापस ले लिए। इसके बाद 209 प्रत्याशी चुनाव मैदान में शेष रह गए। कामां पंचायत समिति की 31 ग्राम पंचायतों के सरपंच पद के लिए अब 188 सरपंच प्रत्याशी मैदान में शेष रहे।
प्रकाशक से घोषणा पत्र लेना होगा आवश्यक
पंचायत राज चुनावों में पोस्टर और बैनर बनाने वाले मुद्रकों को भी सख्त निर्देश जारी किए हैं। पंचायतीराज आम चुनाव के मद्देनजर आयोग ने निर्देशों में कहा है कि विभिन्न राजनीतिक दलों, अभ्यर्थियों, उनके समर्थकों, संस्थाओं आदि की ओर से पंफलेट, पोस्टर, विज्ञापन आदि प्रकाशित कराने के लिए मुद्रण कार्य लेने से पूर्व निर्धारित प्रक्रिया की पालना सुनिश्चित की जाए। आरपी एक्ट की धारा 127 क (2) की शर्तों के अनुसार परिशिष्ट-क में निर्धारित प्रपत्र में प्रकाशक से प्रकाशन की घोषणा प्राप्त की जाए। मुद्रण की जाने वाली सामग्री के मुख पर मुद्रक व प्रकाशक का नाम अवश्य मुद्रित किया जाए। साथ ही मुद्रण से पूर्व मुद्रित की जाने वाली सामग्री का नमूना जिला निर्वाचन अधिकारी को तीन दिन के भीतर प्रस्तुत करना होगा। जितनी बार सामग्री मुद्रित की जाए, उतनी ही बार मुद्रक को जिला निर्वाचन अधिकारी के समक्ष इसकी सूचना देनी होगी।
पहाड़ी में 12 महिला बनी उपसरपंच
पहाड़ी पंचायत समिति के 35 ग्राम पंचायतों में सरपंच पद पर 22, उपसरपंच पद पर 12 महिलाओं का दबदबा रहा है। जबकि 29 ग्राम पंचायतों में निर्विरोध व छह ग्राम पंचायतों में चुनाव से उपसरपंच निर्वाचित हुए हैं। कठोल मेें वरीसा ने आठ वोट, सतवाड़ी में मनीषा ने छह वोट, खण्डेवला से मनोहरी ने नौ, भौरी से आबिद ने पांच वोट, लाडमका से आजाद खान ने दो वोट, घाटमीका से रजाक ने आठ मतों से उपसरपंच पद का चुनाव जीता। मांतूकी से झमनसिह, कैथवाड़ा से मनोहर प्रजापत, पीपलखेड़ा से मनसुख, पहाड़ी से विमला, गोपालगढ़ से भुवनेश कुमार, खेड़ला नौआबाद से निसार, मालीकी से रहीमी, जोतरूहल्ला से रेशमी, जोतरी पीपल से बासोबाई, पापड़ा से बब्बर, गंगोरा से बलवीरसिंह, छपरा से मायावती, धीमरी से अरसद, लिवासना से ओमप्रकाश, धौलेट से सरीफन, घीसेड़ा से दीनू, घोसिंगा से मुस्तफा, बमनवाड़ी से जीवनलाल, जीराहेड़ा से रहीस, लाड़लाका से सायरा, सहसन से पाल सिंह, सोमका से आसमोहम्मद, मंूगस्का से फरीदा, सांवलेर से हम्मी, भैसेड़ा से रूपसिह, खेड़लीमन्ना से मजीद, रांफ से जवाहरसिंह, बोडोली डहर से समसू, पथराली से रिंका खान को निर्विरोध उपसरपंच घोषित किया गया है।

डीग में नौ महिला व 28 पुरुष बने उपसरपंच

डीग पंचायत समिति चुनाव में 37 पंचायतों में उपसरपंच बनाए गए। इसमें ग्राम पंचायत बहज से धीरज सिंह, दिदावली में मानसिंह, निगोही में राजाराम, मौरोली में राधा, श्यौरावली में रविन्द्र, ककड़ा में मोहम्मद रफीक, चुल्हैरा में खैरूना, इकलहरा में देवेन्द्र, शीशवाड़ा में यादराम शर्मा, सिनसिनी में रनवीर सिंह, बंधा चौध में जवाहर सिंह, सोनगांव में हुब्बलाल, टोडा में मोहनश्याम, बरई में डिगम्बर, खोहरी में शिवदत्त, गुहाना में पूरनसिंह, दांतलौठी में सुरेन्द्र सिंह, मबई में मीरा देवी, जनूथर में प्रकाशी देवी, खेड़ा ब्राहमण में विजयवीर, बरौलीचौथ में कृष्णपाल सिंह, परमदरा में रज्जोदेवी, बदनगढ़ में भगवानदास, कुचावटी में रामा, कासौट में सुरेशचन्द, बेढम में गिर्राजी सैनी, पास्ता में नारायण सिंह, सांवई में विश्वेन्द्र सिंह, गढी मेवात में तालिम, कौरेर में ज्योति चौधरी, पान्होरी में पप्पू गुर्जर, धमारी में रामकिशन, जाटौलीथून में माया, अउ में गिर्राज, बद्रीपुर में संजय सिंह, पसोपा में भूरी ंिसंह, खोह में कमलेश सिंह उपसरपंच बनाए गए।

Meghshyam Parashar Bureau Incharge
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