जिन लीजों में अवैध खनन कर माफिया ने लगाया सरकार को चूना, वहां पैनल्टी लगाने से बच रहे अफसर

-एसएमई ने एक माह पहले आदेश निकाले, अब एमई के पास धूल चाट रहा आदेश
-फॉरमेन दे चुके हैं सर्वे रिपोर्ट, कार्रवाई पर भरी रसूख का दबाव

By: Meghshyam Parashar

Published: 12 Nov 2020, 12:28 PM IST

भरतपुर/पहाड़ी. एक महीने पहले पहाड़ी के गांव धौलेट में अवैध खनन के खिलाफ जिन लीजों पर कार्रवाई की गई थी, वह आज तक मजाक बनी हुई हैं। चूंकि अवैध खनन का खुलासा होने के बाद सीनियर माइनिंग इंजीनियर ने भी पैनल्टी वसूल करने का आदेश निकाला था। जबकि फॉरमैनों की ओर से भी सर्वे रिपोर्ट सौंप दी गई थी। अब सवाल यह है कि इतना समय गुजरने के बाद भी जुर्माना नोटिस निकालने की कार्रवाई क्यों नहीं की गई है। उल्लेखनीय है कि नौ अक्टूबर को धौलेट में अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। इसको लेकर विवाद खड़ा हो गया था। खनिज विभाग पर भी आरोप लगाते हुए एक पक्ष ने खान मंत्री से शिकायत की थी, जबकि खनिज विभाग के अधिकारियों का आरोप था कि अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने के लिए यह सबकुछ किया जा रहा है। इसमें कुछ रसूखदार भी शामिल हैं। ऐसे में विभाग ने पहाड़ी थाने में दर्ज रिपोर्ट में खननमाफियाओं के नाम का उल्लेख नहीं किया था। यह मामला उस समय निदेशालय तक पहुंचा था। जानकारी के अनुसार अवैध खनन के खिलाफ अब तक जितनी भी कार्रवाई हुई हैं, इनमें यह बात अक्सर सामने आती है कि खनिज विभाग की ओर से अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कराकर इतिश्री कर ली जाती है। यह कार्रवाई होने के बाद भी मामला सीएमओ तक पहुंचा था। जहां से दबाव के बाद विभाग ने फॉरमेनों को सर्वे करने के आदेश दिए। उनकी ओर से सर्वे रिपोर्ट भी सबमिट कर दी गई। इसमें करीब 10 से 15 करोड़ रुपए के राजस्व की हानि मानते हुए जुर्माना लगाने की सिफारिश की गई थी। हैरत की बात यह भी है कि यह रिपोर्ट अब तक दबाकर रखी गई। चूंकि शुरू से ही इस कार्रवाई को लेकर पैनल्टी लगाने को लेकर विभाग के अधिकारियों में उलझन की स्थिति बनी हुई है। इससे अधिकारियों के एक राय नहीं होने के कारण अभी तक उलझन की स्थिति बनी हुई है।

यह मामला आया था सामने

नौ अक्टूबर को पुलिस, खनिज विभाग के संयुक्त निर्देशन में हुई कार्रवाई में सामने आया था कि धौलेट के पहाड़ में करीब दो सौ मीटर की एक अवैध लीज हरियाणा के एक व्यक्ति को ठेके पर दे रखी है। इसमें कार्रवाही के दौरान पांच पोकलेन मशीन खनन करती पाई गई। इनमें से दो मशीनों को रसूख के दबाव में छोड़ दिया गया। दूसरी खान में दो मशीन अवैध खनन करती बरामद की गई। इसी तरह से नांगल के खसरा नम्बर 162 में लीजों के बीच में खाली स्थानों पर खनन करती एक पोकलेन मशीन को जप्त कर लाया गया था। इसका मुकदमा खनिज विभाग के कार्यदेशक वीरेन्द्र सिंह ने दर्ज कराया था। इसमें धौलेट के पहाड़ में पुराने अवैध खनन पिट अनियमित कर ताजा खनन होता पाया गया था। इसमें पांच मशीनों के खिलाफ खनिज विभाग के सर्वेयर मनमोहन सिंह ने अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

यह भी है उलझन की स्थिति

सूत्रों ने बताया कि फॉरमेन की टीम ने अवैध खनन के खिलाफ हुई कार्रवाई के बाद सर्वे रिपोर्ट संबंधित अधिकारी को सौंप दी थी। इसमें तीन फॉरमेन ने हस्ताक्षर कर दिए थे, बाकी एक के हस्ताक्षर नहीं करने की बात सामने आई थी। एक अधिकारी ने इसी बात को लेकर अब तक पैनल्टी नहीं लगाई। इसके पीछे रसूख के दबाव की बात भी सामने आ रही है। हालांकि हाल में ही पैनल्टी पर सहमति भी बन गई है, परंतु पैनल्टी के नोटिस जारी नहीं हुए हैं। साथ ही धौलेट के प्लॉट नंबर 78 में भी अवैध खनन का खुलासा हुआ था, वहां भी अब तक पैनल्टी के नोटिस जारी नहीं हो सके हैं।

-फॉरमेन को पत्र जारी कर दिया गया है कि जांच कर शिकायत के संबंध में अवगत कराएं। ताकि आगे की कार्रवाई की जा सके।

तेजपाल गुप्ता
एमई


-एमई से प्रकरण की जानकारी ली जाएगी। अवैध खनन के मामले में कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विभाग के सभी अधिकारी मिलकर कार्रवाई कर रहे हैं।

प्रताप सिंह मीणा
एसएमई

Meghshyam Parashar Bureau Incharge
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