राजस्थान में यहां मीटिंग के दौरान एक जेईएन को मिला नोटिस, तो दूसरे की हो गई हार्ट अटैक से मौत

https://www.patrika.com/rajasthan-news/

By: Nidhi Mishra Nidhi Mishra

Published: 12 Sep 2018, 05:11 PM IST

भरतपुर। अगर आपको लगता है कि प्राइवेट सेक्टर में ही काम का प्रेशर ज्यादा है, तो आप गलत सोचते हैं। सरकारी कार्यालयों में भी वर्क लोड इतना है कि अब कर्मचारी हार्ट अटैक से मरने लगे हैं। ताजा मामला है भरतपुर जिले का, जहां मोती झील पर बिजली विभाग के हेड ऑफिस में समीक्षा बैठक चल रही थी। अचानक एक JEN गश खाकर अपनी कुर्सी से नीचे गिर गए। किसी को कुछ समझ नहीं आया और सभी JEN योगेश गुप्ता को लेकर पास के अस्पताल पहुंचे, जहां से डॉक्टर्स ने उन्हें RBM अस्पताल लेकर जाने को कहा। RBM अस्पताल के डॉक्टर्स ने गुप्ता को तुरंत मृत घोषित कर दिया।

 

कर्मचारियों पर अधिकारी बहुत ज्यादा प्रेशर डालते हैं

मरने वाला व्यक्ति नदवाई का रहने वाला बताया जा रहा है। पुलिस ने तुरंत मृतक के परिजनों को सूचना दी और वे अस्पताल पहुंच गए। शव को पोस्टमार्टम के लिए रखवा दिया गया है। इसी बीच RBM अस्पताल बैठक में मौजूद और भी कर्मचारी पहुंच गए और वहां नारेबाजी करने लगे। जब उनसे बात की तो उन्होंने बताया की मौत ओवर लोड वर्क के चलते हुई है। उन्होंने बताया कि करीब 12 बजे से ये मीटिंग चल रही थी और सभी कर्मचारियों पर अधिकारी बहुत ज्यादा प्रेशर डालते हैं, जिसके कारण सभी कर्मचारी डिप्रेशन में रहते हैं। कर्मचारियों को नारेबाजी करता देख एक अधिकारी उनके पास गया और उनको समझाने की कोशिश की लेकिन कर्मचारियों ने अधिकारियों की एक न मानी और जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते रहे।

 

एक जेईएन को मिला नोटिस, तो दूसरे की हालत खराब, आया हार्ट अटैक
कर्मचारियों की मीटिंग के दौरान बयाना का नंबर चल रहा था, उसके बाद डीग का नंबर आना था। बयाना वाले जेईएन को अधिकारियों ने नोटिस देने के लिए कहा। उसी दौरान उसके तुरंत बाद ही जेईएन योगेश गुप्ता को अटैक पड़ गया और उनकी मौत हो गई।

Nidhi Mishra Nidhi Mishra
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned