घर से निकलते ही पड़े डंडे, बाइकों की निकाली हवा

-अब बगैर स्वीकृति नहीं कर सकेंगे बाइक का उपयोग

By: Meghshyam Parashar

Published: 29 Mar 2020, 07:07 PM IST

भरतपुर. जिलेभर में लॉकडाउन के तहत अब बाजारों में सन्नाटा तो पसरा नजर आ रहा है, लेकिन पैदल ही बाहर के इलाकों से आ रहे श्रमिकों की भीड़ के कारण शहरवासियों की चिंता भी बढ़ रही है। हालांकि रविवार को पुलिस ने कुछ स्थानों पर छूट के बाद घर से निकलने पर युवकों पर डंडे भी बरसाए तो बाइकों की हवा निकाल दी। दर्जनों वाहनों के चालान किए गए।
जिला कलक्टर नथमल डिडेल ने आदेश जारी कर बिना अनुमति जिले में बाइक के उपयोग पर भी रोक लगा दी है। उन्होंने कहा कि लोग दूध, फल, सब्जी खरीदने जैसे कार्यों के लिए भी बाइक का उपयोग करते हैं जबकि कोरोना वायरस संक्रमण के कारण घोषित लॉकडाउन में जिले में वाहनों के आवागमन पर पूर्ण पाबन्दी लागू है। इसे देखते हुए बाइक के उपयोग पर रोक लगाई गई है। जिला कलक्टर ने कहा कि किसी व्यक्ति या परिवार को आपातकालीन स्थिति में वाहन का उपयोग करना जरूरी हो तो वह एसडीओ, तहसीलदार, डीटीओ एवं आरटीओ के माध्यम से अनुमति लेकर सीमित समय के लिए वाहन का उपयोग कर सकते हंै। उन्होंने स्पष्ट किया कि अतिआवश्यक प्रकृति के कार्य के लिए प्रयुक्त वाहनों एवं राजकीय वाहनों पर कोई रोक नहीं है।

आवश्यक सप्लाई चेन से जुड़े वाहनों को नहीं रोका जाएगा

जिला कलक्टर ने निर्देश दिए हैं कि अन्तर्राज्यीय नाकों पर खाद्य पदार्थ, दूध, पेट्रोल-डीजल, गैस, चारा, सब्जी, फल, महत्वपूर्ण औद्योगिक उत्पाद की सप्लाई चेन एवं माल परिवहन से जुड़े वाहनों को नहीं रोका जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि लॉकडाउन के दौरान समस्त प्रकार के सार्वजनिक परिवहन, रोडवेज, सिटी ट्रांसपोर्ट, प्राइवेट बसें, टैक्सियां, ऑटो रिक्शा आदि के अन्तर्राज्यीय संचालन पर पूर्ण प्रतिबंध है।

किराना दुकानों पर चिपकाएं रेट लिस्ट

जिला कलक्टर ने जिला रसद अधिकारी, उपरजिस्ट्रार सहकारी समितियां एवं महाप्रबन्धक उपभोक्ता भण्डार को निर्देशित किया है कि खुदरा किराना विक्रेताओं की ओर से दुकानों पर खाद्य सामग्री और अन्य जरूरी वस्तुओं की रेट लिस्ट आवश्यक रूप से चस्पा कराई जाए। इन निर्देशों की सख्ती से पालना सुनिश्चित करें ताकि लॉकडाउन के दौरान आम नागरिक को सही मूल्य पर सामान मिल सके।

11 निजी अस्पतालों एवं क्लीनिकों का अधिग्रहण

जिला कलक्टर नथमल डिडेल ने आपदा प्रबन्धन अधिनियम 2005 की धारा 65(1)(ए)(बी) के तहत भरतपुर शहर के 11 निजी चिकित्सालयों, क्लिनिक एवं नर्सिंगहोम का विशेषज्ञतावार मय समस्त संसाधन एवं उपलब्ध चिकित्सा संसाधनों सहित आगामी आदेशों तक अधिग्रहण किया है। आदेश के अनुसार प्रदीप हॉस्पीटल बीनारायण गेट को गायनी/ह्नदय रोग विशेषज्ञताओं के लिए, डॉ विनोद गुप्ता हॉस्पीटल राजेन्द्र नगर को शिशुरोग विशेषज्ञताओं के लिए, एमजे हॉस्पीटल ऑर्थोपैडिक (हड्डी रोग) के लिए, अरोड़ा हॉस्पीटल जनरल मैडिसिन(आईएलआई मरीजों के अतिरिक्त) के लिए, राजन्यूरो ट्रोमा को न्यूरो संबंधी विशेषज्ञताओं के लिए, विजय हॉस्पीटल को न्यूरो संबंधी विशेषज्ञताओं के लिए, सिद्धार्थ अरोड़ा क्लीनिक को नेत्र रोग की विशेषज्ञताओं के लिए, डॉ मिथलेश खण्डेलवाल हॉस्पीटल को नेत्र रोग की विशेषज्ञताओं के लिए, माडापुरिया हॉस्पीटल को ईएनटी के लिए, प्रदीप डागुर हॉस्पीटल को मनोरोग और आपातकालीन सेवाओं के लिए, सोलंकी हॉस्पीटल को जनरल सर्जरी और आपातकालीन सेवाओं के लिए अधिग्रहण किया गया है। जिला कलक्टर ने बताया कि जिला आरबीएम अस्पताल एवं जनाना चिकित्सालय भरतपुर को पूर्णतय कोविड-19 जोन में परिवर्तित किया जा रहा है। इसलिए अलग-अलग विशेषज्ञताओं की चिकित्सा सुविधाऐं प्रदान करने के लिए निजी अस्पतालों एवं क्लीनिकों का अधिग्रहण किया है।

Meghshyam Parashar Bureau Incharge
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