प्रतिभा बाहर, श्री हरि से हुआ करार

-अब सबलेट के रूप में काम करेगी श्रीहरि, आज से काम शुरू कर सकती है सब लेट कंपनी

By: Meghshyam Parashar

Published: 09 Jun 2021, 02:16 PM IST

भरतपुर. लेटलतीफी के चलते चम्बल परियोजना की बदनामी की वजह बनी प्रतिभा कंपनी को आखिरकार अब बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। अब प्रतिभा की जगह श्री हरि कंपनी से प्रतिभा कंपनी के शेष रहे कार्यों को कराने का करार किया गया है। अब प्रतिभा कंपनी के 226 गांवों के काम को श्रीहरि कंपनी को दिया जाना तय हुआ है। पत्रिका में लगातार खबरें प्रकाशित होने के बाद विभागीय अधिकारियों ने अब प्रतिभा कंपनी को बाहर का रास्ता दिखा दिया है।
जिले के 226 गांवों में पानी पहुंचाने का काम प्रतिभा इंडस्ट्रीज के पास था, लेकिन कंपनी का काम बेहद धीमी गति से चल रहा था। इससे परियोजना काफी पिछड़ गई। इसको लेकर हर बार बैठकों में अधिकारी एवं जिला प्रशासन की किरकिरी हो रही थी। साथ ही गांवों के लोग भी चम्बल का पानी नहीं मिलने को लेकर रोष जता रहे थे। राज्य सरकार के स्तर पर अधिकारियों ने इसको लेकर खासा मंथन किया। इसके बाद प्रतिभा कंपनी से काम छीनकर श्री हरि कंपनी को दे दिया गया है। श्री हरि कंपनी से प्रतिभा के शेष रहे कार्यों को कराने का करार किया गया है। उम्मीद जताई जा रही है कि बुधवार से श्री हरि कंपनी काम शुरू कर देगी। अधिकारियों ने भी माना था कि प्रतिभा कंपनी की देरी के कारण परियोजना का काम काफी पिछड़ा है। प्रतिभा ने पहले सबलेट के रूप में केसीसी कंपनी से काम कराया था। इसके बाद जी इन्फ्रा को काम दिया गया, लेकिन काम पूरा नहीं हो सका। यही वजह रही कि देरी के कारण परियोजना पर राशि का भार बढ़ गया। प्रतिभा के पास भरतपुर-कुम्हेर एवं रूपवास के 126 गांवों में पानी पहुंचाने का जिम्मा था। अब शेष कार्यों को श्री हरि कंपनी के माध्यम से कराया जाएगा।

पत्रिका ने बताई प्रतिभा की लेटलतीफी

चम्बल परियोजना के तहत लोगों को पानी नहीं मिलने की खबरों को पत्रिका ने प्रमुखता से प्रकाशित किया। खबरों में बताया गया कि प्रतिभा कंपनी के पास जिन गांवों का काम है। वह लगातार पिछड़ रहा है। इससे जहां लोगों को समय पर पानी नहीं मिल सका है। वहीं परियोजना पर भार भी खूब बढ़ रहा है। इसके बाद विभाग ने इस मंथन शुरू किया और लेटलतीफी के लिए प्रतिभा को जिम्मेदार मानते हुए कार्रवाई की बात कही। आखिर अब प्रतिभा से काम छीन लिया गया है। पत्रिका में 26 मई को दावों का निकला दम, उम्मीद हुई पानी-पानी, 27 मई को मनमानी पर उतरी कंपनियां, काम में देरी पर अफसरों ने साधी चुप्पी, तथा 31 मई को सियासी डुबकियों में डूबे आमजन के अरमानÓ शीर्षक से खबर प्रकाशित कर कंपनी की खामियों को उजागर किया था।

Meghshyam Parashar Bureau Incharge
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