scriptRajasthan News : उफ! बेटी बचाओ और प्राइवेट में पढ़ाओ… क्योंकि सरकार के पास नहीं कई विषयों के टीचर | Rajasthan News : There are no professors for all subjects in this college of Bharatpur | Patrika News
भरतपुर

Rajasthan News : उफ! बेटी बचाओ और प्राइवेट में पढ़ाओ… क्योंकि सरकार के पास नहीं कई विषयों के टीचर

महाविद्यालय में अंग्रेजी, मनोविज्ञान, संगीत, दर्शनशास्त्र, इतिहास, गणित एवं भौतिक शास्त्र पढ़ाने को प्राध्यापक ही नहीं है। ऐसे में यहां पिछले सत्र में शिक्षा लेने के उद्देश्य से पहुंची छात्राओं के कोर्स तक पूरे नहीं हो सके।

भरतपुरJul 09, 2024 / 07:12 pm

जमील खान

Bharatpur News : भरतपुर. बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का नारा बुलंद करने वाली च्सरकारज् का ध्यान बेटियों की ओर कितना है। इसका अंदाजा संभाग के सबसे बड़े राजकीय रामेश्वरी कन्या महाविद्यालय में बेटियों की बिना शिक्षकों के हो रहे एडमिशन से लगाया जा सकता है। आलम यह है कि हर साल बेटियां आधे-अधूरे कोर्स के बाद ही इम्तिहान दे रही हैं। शिक्षकों के खाली पदों से स्थिति यह है कि क्लास रूम सिर्फ बातचीत से आबाद होते नजर आते हैं। न तो यहां ब्लैक बोर्ड पर चॉक चल पा रहा है और न ही हाजिरी के लिए च्यस सर-यस मेमज् की गूंज।
कॉलेज में बेटियों को पढ़ाने के लिए प्राध्यापक नसीब नहीं हैं। ऐसे में यहां शिक्षा महज औपचारिकता बनी नजर आ रही है। बेटी बचाने के जतन तक तो ठीक है, लेकिन पढ़ाई के मामले में सरकारी स्तर पर प्रयास कतई अधूरे हैं। सरकारी अनदेखी के चलते अब अभिभावक बेटियों को निजी कॉलेजों में पढ़ाने को विवश हो रहे हैं। संभाग के सबसे बड़े कॉलेज में शुमार राजकीय रामेश्वरी देवी कन्या महाविद्यालय में बेटियों को पढ़ाने के लिए प्राध्यापक नहीं है। यह हाल तब है जब इस जिले से मुख्यमंत्री ताल्लुक रखते हैं। कई मर्तबा पत्राचार होने के बाद भी छात्राओं की पढ़ाई की सुध नहीं ली जा रही है। अब डिमांड के बाद विद्या संबल योजना से यहां शिक्षक लगाने की बात कही गई है।
रामेश्वरी देवी कन्या महाविद्यालय में यह पद खाली
रामेश्वरी देवी कन्या महाविद्यालय में अंग्रेजी, मनोविज्ञान, संगीत, दर्शनशास्त्र, इतिहास, गणित एवं भौतिक शास्त्र पढ़ाने को प्राध्यापक ही नहीं है। ऐसे में यहां पिछले सत्र में शिक्षा लेने के उद्देश्य से पहुंची छात्राओं के कोर्स तक पूरे नहीं हो सके। वैकल्पिक व्यवस्था के तहत एमएसजे कॉलेज से प्रोफेसर बुलाकर इन छात्राओं को कुछ पाठ पढ़ाए गए। अब भी छात्राएं यहां इस उम्मीद से प्रवेश ले रही हैं कि उन्हें पढ़ाने के लिए शिक्षक मिल जाएंगे, लेकिन सरकारी स्तर पर अभी आधे-अधूरे प्रयास ही नजर आ रहे हैं।
एडमिशन लिया, अब निजी के सहारे छात्राएं
कॉलेज में संगीत सीखने के लिए कई छात्राओं ने प्रवेश तो ले लिया है, लेकिन उन्हें संगीत सिखाने के लिए यहां टीचर नहीं है। यहां संभाग स्तर पर भी कोई टीचर नहीं होने के कारण छात्राओं को निजी स्तर पर सीखने के लिए जाना पड़ रहा है। छात्राओं का कहना है कि लाइब्रेरी का चार्ज यहां दूसरे शिक्षक पर हैं। वह कभीकभार इसे खोल देते हैं, लेकिन लाइब्रेरी का उपयोग छात्राओं के लिए न के बराबर ही है।
इनका कहना है
रिक्त पदों को लेकर सरकार के स्तर पर पत्र व्यवहार किया है। पद रिक्त होने के कारण छात्राओं को दिक्कत तो होती ही है। अब विद्यालय सम्बल योजना के तहत यहां शिक्षक लगाए जाएंगे। प्रो. सुजाता चौहान, प्राचार्य आरडी गल्र्स कॉलेज भरतपुर

Hindi News/ Bharatpur / Rajasthan News : उफ! बेटी बचाओ और प्राइवेट में पढ़ाओ… क्योंकि सरकार के पास नहीं कई विषयों के टीचर

ट्रेंडिंग वीडियो