जिले का कुल परिणाम रहा 88.72 प्रतिशत, पिछले साल की तुलना 1.42 प्रतिशत गिरा परिणाम

-2019 की तुलना छात्र-छात्रा दोनों ही परिणाम प्रतिशत रहा कम

By: Meghshyam Parashar

Updated: 08 Jul 2020, 10:21 PM IST

भरतपुर. आखिर इस बार भी जिले में 12वीं विज्ञान संकाय के परिणाम में बेटियों ने बेटों को पीछे छोड़ दिया है। जिले का कुल परिणाम प्रतिशत 88.72 प्रतिशत रहा है। पिछले साल की तुलना कुल परिणाम प्रतिशत में 1.42 प्रतिशत की कमी आई है। चूंकि पिछले साल का कुल परिणाम प्रतिशत 90.14 प्रतिशत रहा था। इतना ही नहीं वर्ष 2019 की तुलना छात्र-छात्रा दोनों का ही परिणाम कम रहा है। 12वीं विज्ञान संकाय की परीक्षा के लिए इस बार कुल 8808 छात्र-छात्राओं ने पंजीयन कराया था। इसमें 6919 छात्र व 1889 छात्राएं शामिल थी। इनमें से 6831 छात्र व 1883 छात्राओं ने परीक्षा दी थी। परिणाम की बात करें तो 5982 छात्र उत्तीर्ण हुए हैं और 849 अनुत्तीर्ण हुए हैं। इसी प्रकार छात्राओं की बात करें तो 1749 छात्राएं उत्तीर्ण व 134 छात्राएं अनुत्तीर्ण हुई हैं। छात्रों का परिणाम प्रतिशत 87.57 व छात्राओं का 92.88 प्रतिशत रहा है।

रिकॉल: पिछले साल यह रहा था परिणाम...

वर्ष 2019 में 12वीं विज्ञान संकाय में 10 हजार 171 में से 8071 छात्र व 2100 छात्राओं ने आवेदन किया था। इनमें से 7966 छात्र व 2084 छात्रा परीक्षा में शामिल हुईं। छात्र वर्ग में प्रथम श्रेणी से 4945, द्वितीय श्रेणी से 2001, तृतीय श्रेणी से छह, ग्रेस से 134 छात्र उत्तीर्ण हुए। जबकि परिणाम प्रतिशत 88.95 प्रतिशत रहा था। इसी प्रकार 2084 छात्राओं में से 1675 प्रथम श्रेणी, 286 द्वितीय श्रेणी, दो तृतीय श्रेणी व 10 ग्रेस से उत्तीर्ण हुई थी। इनका परिणाम 94.67 प्रतिशत रहा था।

छात्रों का 1.38 प्रतिशत व छात्राओं का 1.79 प्रतिशत गिरा परिणाम

पिछले साल की तुलना विज्ञान संकाय में छात्र-छात्रा दोनों का ही परिणाम प्रतिशत गिरा है। 2019 के आंकड़ों पर बात करें तो उस वर्ष छात्रों का परिणाम 88.95 प्रतिशत रहा था, जबकि इस बार 87.57 प्रतिशत रहा है। ऐसे में छात्रों का परिणाम प्रतिशत 1.38 प्रतिशत गिरा है। इसी तरह छात्राओं का परिणाम प्रतिशत वर्ष 2019 में 94.67 प्रतिशत था, जबकि इस बार 92.88 प्रतिशत रहा है। इस तरह छात्राओं का परिणाम प्रतिशत 1.79 प्रतिशत गिरा है।

2019 में 7.42 प्रतिशत छात्र व 5.64 प्रतिशत छात्राओं का बढ़ा था परिणाम

वर्ष 2019 में वर्ष 2018 की तुलना छात्रों का परिणाम 7.42 प्रतिशत बढ़ा था। जबकि छात्राओं का परिणाम प्रतिशत 5.64 प्रतिशत बढ़ा था। इस बार छात्रों का परिणाम 88.95 व छात्राओं का 94.67 प्रतिशत परिणाम रहा था। विज्ञान संकाय में वर्ष 2018 में छात्रों का 81.53, छात्राओं का 89.03, वर्ष 2017 में छात्रों का 94.28 व छात्राओं का 96.33 प्रतिशत, वर्ष 2016 में छात्रों का 88.19, छात्राओं का 92.95, 2015 में छात्रों का 82.24 व छात्राओं का 88.69 प्रतिशत, वर्ष 2014 में छात्रों का 89.53 व छात्राओं का 94.08 प्रतिशत परिणाम रहा था।

विज्ञान में हर साल बढ़े पर इस बार कम हुए विद्यार्थी

पिछले कुछ सालों के आंकड़ों पर नजर डालें तो विज्ञान संकाय में पढऩे वाले विद्यार्थियों की संख्या हर साल बढ़ती रही है, लेकिन ऐसा पहली बार हुआ है कि अचानक विद्यार्थियों की संख्या इसमें कम हुई है। वर्ष 2013 में 7347, वर्ष 2014 में 7568, वर्ष 2015 में 7621, वर्ष 2016 में 7804, वर्ष 2017 में 8735, वर्ष 2018 में 9422, वर्ष 2019 में 10050, वर्ष 2020 में 8808 विद्यार्थी विज्ञान संकाय की परीक्षा में शामिल हुए। इसका मतलब साफ है कि विज्ञान संकाय को लेकर इस बार विद्यार्थियों में क्रेज कम रहा है। जो कि आंकड़े हकीकत बता रहे हैं।

परिणाम पर एक नजर

विज्ञान संकाय
कुल विद्यार्थी: 8714
प्रथम श्रेणी: 5829
द्वितीय श्रेणी: 1678
तृतीय श्रेणी: 3
उत्तीर्ण: 218
अनुत्तीर्ण: 983

विज्ञान संकाय का परिणाम प्रतिशत
वर्ष परिणाम
2011 71.38
2012 73.80
2013 74.48
2014 81.09
2015 83.28
2016 89.02
2017 88.22
2018 83.01
2019 90.14
2020 88.72

Meghshyam Parashar Bureau Incharge
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